बिहार में 300 करोड़ का डस्टबिन घोटाला! विपक्ष के आरोप- 1500 वाला कूड़ादान 15000 में खरीदा
बिहार स्वास्थ्य विभाग पर करीब 300 करोड़ रुपये के कथित डस्टबिन के घोटाले का आरोप है. राजद नेता रोहिणी आचार्य ने दावा किया कि बाजार में 1500 रुपये में मिलने वाले डस्टबिन को सरकार ने 15,490 रुपये की अत्यधिक कीमत पर खरीदा है. हालांकि, राज्य सरकार के विभाग BMSICL ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने साफ किया कि ये कोई सामान्य कचरा पेटी नहीं है, बल्कि अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निपटान के लिए इस्तेमाल होने वाला एक विशेष कस्टमाइज्ड उपकरण है.
विपक्ष के मुख्य आरोप
विपक्ष का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग ने 1,500 रुपये की कीमत वाले साधारण डस्टबिन के लिए दस गुना ज्यादा यानी ₹15,000 से अधिक का भुगतान किया गया. सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में इस खरीद को करीब ₹300 करोड़ से ₹306 करोड़ का 'डस्टबिन घोटाला' बताया जा रहा है, जो साल 2023 की खरीद से जुड़ा है. राजद नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को घेरा. उन्होंने इसे 'सम्राट सरकार का एक और झोल' करार दिया है.
सम्राट सरकार का एक और झोल
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) August 11, 2026
डस्टबिन भी हुआ अनमोल ..
बिहार में डस्टबिन भी ‘वीवीआईपी’ हो गया !!
जिस डस्टबिन की कीमत ₹1,500 बताई जा रही है, उसे ₹15,000 में खरीदा गया है यानी कूड़ेदान छोटा, लेकिन बिल दस गुना बड़ा ..!!
सम्राट चौधरी और मंत्री मंगल पांडेय से बिहार की जनता पूछ रही है… pic.twitter.com/8QTFMlVqpZ
आरोपों पर बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) ने सफाई दी है. BMSICL के एमडी सुब्रत सेन ने साफ किया कि यह आम डस्टबिन नहीं है. ये अस्पतालों में मेडिकल कचरे के संक्रमण को खत्म करने वाली उच्च-तापमान माइक्रोवेव मशीन का एक विशेष तकनीकी हिस्सा है.
सीएजी (CAG) जांच की दलील
सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने विपक्ष पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि सिर्फ सोशल मीडिया पर फोटो या बिल वायरल कर देने से घोटाला साबित नहीं होता है. सरकारी प्राप्तियों और बिलों की जांच का जिम्मा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG का है. नीरज ने कहा कि CAG चाहे तो इस मामले को देख सकती है.
नीरज ने कहा कि बिहार विधानसभा की लोक लेखा समिति (PAC) के अध्यक्ष खुद विपक्षी विधायक भाई वीरेंद्र हैं, इसलिए उन्हें पहले अपने स्तर पर इस मामले के तथ्यों को देखना चाहिए.
'धर्मेंद्र का हाथ फावड़े जैसा था....', आमिर खान ने 'ही-मैन' को लेकर कही ऐसी बात, वायरल हुआ वीडियो
Aamir Khan on Dharmendra: बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहे जाने वाले आमिर खान ने हाल ही में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के 18वें सीजन में अपने करियर और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई दिलचस्प किस्से साझा किए. इस दौरान उन्होंने हिंदी सिनेमा के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र के साथ अपनी पहली मुलाकात को भी याद किया. आमिर ने बताया कि धर्मेंद्र से उनकी पहली मुलाकात उस समय हुई थी जब वो एक्टर बनने से पहले फिल्ममेकर नासिर हुसैन के ऑफिस में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया करते थे.
धर्मेंद्र के नेचर और उनकी दमदार पर्सनैलिटी का जिक्र करते हुए आमिर ने एक बेहद मजेदार किस्सा सुनाया. उन्होंने बताया कि पहली बार जब उन्होंने धर्मेंद्र से हाथ मिलाया तो उनके हाथ का आकार और खुरदुरापन देखकर वो कुछ पल के लिए हैरान रह गए थे. आमिर ने मजाकिया अंदाज में धर्मेंद्र के हाथ की तुलना ‘फावड़े’ से कर दी. ये किस्सा उन्होंने सनी देओल और प्रीति जिंटा के साथ ‘बंटवारा 1947’ के प्रमोशन के दौरान सुनाया. बातचीत के दौरान आमिर ने बताया कि कैसे धर्मेंद्र के साथ पहली मुलाकात उनके जेहन में आज भी बिल्कुल ताजा है.
नासिर हुसैन के ऑफिस में काम करते थे आमिर
एक्टर बनने से पहले आमिर खान फिल्ममेकर नासिर हुसैन के साथ काम कर चुके हैं. नासिर हुसैन आमिर के परिवार के भी बेहद करीब थे. आमिर ने अपने शुरुआती दिनों में उनके ऑफिस में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया था. आमिर के मुताबिक, नासिर हुसैन का ऑफिस मुंबई के मशहूर मेहबूब स्टूडियो के ठीक सामने था. उस समय धर्मेंद्र भी नासिर हुसैन के करीबी लोगों में शामिल थे. दोनों ने फिल्म ‘यादों की बारात’ में साथ काम किया था और उनके बीच अच्छे संबंध थे. चूंकि नासिर हुसैन का ऑफिस मेहबूब स्टूडियो के सामने था, इसलिए फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकार उनसे मिलने अक्सर वहां आया करते थे. इसी वजह से आमिर को उस दौर में कई बड़े सितारों को करीब से देखने और उनसे मिलने का मौका मिला.
अचानक ऑफिस पहुंच गए थे धर्मेंद्र
आमिर ने बताया कि एक दिन धर्मेंद्र अचानक नासिर हुसैन के ऑफिस पहुंच गए. उस समय आमिर वहां बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम कर रहे थे. आमिर के मुताबिक, जैसे ही धर्मेंद्र ऑफिस में आए वो तुरंत सम्मान में खड़े हो गए. इसके बाद नासिर हुसैन ने आमिर का परिचय धर्मेंद्र से कराया. नासिर हुसैन ने कथित तौर पर धर्मेंद्र से कहा कि ये उनका भतीजा आमिर है. इसके बाद आमिर ने धर्मेंद्र से हाथ मिलाया. यही वो पल था जिसे आमिर आज भी याद करते हैं.
‘धरम जी का हाथ फावड़े जैसा था’
आमिर खान ने इस मुलाकात को याद करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि धर्मेंद्र का हाथ इतना बड़ा और मजबूत था कि उन्हें पहली बार हाथ मिलाते हुए थोड़ी घबराहट महसूस हुई. आमिर ने बताया कि धर्मेंद्र का हाथ उन्हें ‘फावड़े’ जैसा लगा. उन्होंने ये भी कहा कि हाथ काफी खुरदरा था और उसका आकार देखकर वो कुछ पल के लिए डर गए थे. आमिर ने मजाक करते हुए कहा कि उनके मन में तुरंत ख्याल आया कि आखिर किसी इंसान का हाथ इतना बड़ा कैसे हो सकता है. ये किस्सा सुनाते हुए आमिर ने धर्मेंद्र की शारीरिक ताकत और उनकी दमदार पर्सनैलिटी की ओर भी इशारा किया. धर्मेंद्र को उनके मजबूत शरीर और एक्शन हीरो वाली छवि के कारण बॉलीवुड में ‘ही-मैन’ कहा जाता रहा है.
हाथ मिलाते ही सनी और बॉबी का आया ख्याल
आमिर ने इस किस्से में धर्मेंद्र के बेटों सनी देओल और बॉबी देओल का भी जिक्र किया. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि धर्मेंद्र का हाथ देखकर उनके मन में तुरंत सनी और बॉबी का ख्याल आया. दरअसल, सनी देओल भी अपनी दमदार आवाज, मजबूत कद-काठी और एक्शन फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. वहीं बॉबी देओल ने भी अपने करियर के अलग-अलग दौर में एक्शन और इंटेंस भूमिकाओं से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई है. आमिर की बात सुनकर वहां मौजूद लोग भी हंस पड़े.
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