गर्मियों में फेशियल से भी ज्यादा असरदार है बेसन का यह फेस पैक, कुछ ही दिनों में दिखेगा गजब का निखार
How To Get Glowing Skin: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में त्वचा की देखभाल करना आसान नहीं है. बढ़ता प्रदूषण, धूल-मिट्टी और खराब लाइफस्टाइल चेहरे की चमक को धीरे-धीरे कम कर देते हैं. ऐसे में लोग त्वचा को चमकदार बनाने के लिए महंगे फेशियल और ब्यूटी ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं. हालांकि, इनका असर अक्सर कुछ समय के लिए ही दिखाई देता है. अगर आप बिना ज्यादा खर्च किए घर पर ही चेहरे को निखारना चाहते हैं, तो बेसन से बना एक आसान घरेलू फेस पैक आपकी मदद कर सकता है. यह नुस्खा लंबे समय से भारतीय घरों में इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व त्वचा को साफ करने और उसे स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.
क्यों खास है बेसन का फेस पैक?
बेसन को प्राकृतिक क्लेंजर माना जाता है. यह त्वचा पर जमी गंदगी और अतिरिक्त तेल को हटाने में मदद करता है. जब इसे कच्चे दूध, शहद और हल्दी के साथ मिलाया जाता है, तो इसका असर और बढ़ जाता है. कच्चे दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की ऊपरी परत पर जमा मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है. वहीं शहद त्वचा को नमी प्रदान करता है और उसे मुलायम बनाए रखता है. हल्दी अपने एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण त्वचा की रंगत को निखारने में सहायक मानी जाती है.
फेस पैक बनाने के लिए क्या चाहिए?
- 2 चम्मच बेसन
- 2 से 3 चम्मच ताजा कच्चा दूध
- आधा छोटा चम्मच शहद
- एक चुटकी कस्तूरी हल्दी
इन सभी चीजों को एक साफ कटोरी में डालकर अच्छी तरह मिला लें. मिश्रण इतना गाढ़ा होना चाहिए कि वह चेहरे पर आसानी से लगाया जा सके.
चेहरे पर लगाने का सही तरीका
बेहतर परिणाम पाने के लिए फेस पैक लगाने से पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ कर लें. इसके लिए सामान्य पानी या किसी माइल्ड फेस वॉश का इस्तेमाल कर सकते हैं. अब तैयार पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं. इसे ऊपर की दिशा में लगाना बेहतर माना जाता है. ध्यान रखें कि आंखों के आसपास की संवेदनशील त्वचा पर यह पैक न लगाएं.
कितनी देर तक रखें?
फेस पैक को लगभग 15 से 20 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें. जब पैक हल्का सूखने लगे, तब हाथों में थोड़ा पानी या गुलाब जल लेकर चेहरे की हल्के हाथों से मसाज करें. करीब 2 मिनट तक गोलाकार गति में मसाज करने से त्वचा को एक्सफोलिएशन मिलता है. इससे त्वचा की सतह पर जमा गंदगी हटने में मदद मिलती है और चेहरा अधिक फ्रेश दिखाई देता है.
पैक हटाने के बाद क्या करें?
मसाज के बाद चेहरे को ठंडे या सामान्य पानी से धो लें. चेहरा साफ करने के बाद तौलिये से रगड़ने की बजाय हल्के हाथों से थपथपाकर सुखाएं. इसके बाद कोई अच्छा मॉइस्चराइजर या एलोवेरा जेल लगाएं. इससे त्वचा की नमी बनी रहती है और चेहरा अधिक मुलायम महसूस होता है. इस फेस पैक का इस्तेमाल आप सप्ताह में दो बार कर सकते हैं. नियमित रूप से इस्तेमाल करने पर त्वचा साफ, मुलायम और अधिक चमकदार नजर आ सकती है. हालांकि, यदि आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है, तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें.
केंद्र ने पीएम-सेतु योजना के तहत पहले स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान को दी मंजूरी
नई दिल्ली, 30 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम आईटीआई क्लस्टर के लिए स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही यह पीएम-सेतु यानी प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-एसईटीयू) योजना के तहत स्वीकृति पाने वाला पहला प्रस्ताव बन गया है। सरकार ने शनिवार को यह जानकारी दी।
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के अनुसार, यह प्रस्ताव आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) द्वारा प्रस्तुत किया गया था। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश पीएम-सेतु के तहत उद्योग साझेदारी को लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है, जिसने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर (एआईपी) को शामिल किया है।
यह मंजूरी मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संचालन समिति की तीसरी बैठक में दी गई।
यह स्वीकृति पीएम-सेतु के उस विजन को लागू करने की दिशा में पहला ठोस कदम है, जिसके तहत सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को उद्योग-प्रबंधित और परिणाम-आधारित संस्थानों में बदला जाना है। इसके लिए राज्य सरकारों और प्रमुख उद्योग समूहों के बीच साझेदारी की व्यवस्था की जाएगी।
बैठक की अध्यक्षता कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने की। बैठक में प्रशिक्षण महानिदेशक (डीजीटी) दिलीप कुमार, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, उद्योग संगठनों और विकास सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
अधिकारियों ने कहा कि विशाखापट्टनम क्लस्टर को मिली मंजूरी पीएम-सेतु के तहत प्रस्तावित उद्योग-नेतृत्व वाले हब एंड स्पोक मॉडल को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में काम करेगा, जो व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण में उद्योगों की भागीदारी बढ़ाना चाहते हैं।
इसके अलावा, राष्ट्रीय संचालन समिति ने विभिन्न राज्यों में पीएम-सेतु योजना की प्रगति की भी समीक्षा की और उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने, प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, विशेष प्रयोजन वाहनों (एसपीवी) की वित्तीय स्थिरता सुधारने तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
सरकार के अनुसार, 60,000 करोड़ रुपए के बजट वाली पीएम-सेतु एक प्रमुख सरकारी योजना है, जिसका उद्देश्य 1,000 सरकारी आईटीआई को उद्योग-नेतृत्व वाले हब एंड स्पोक मॉडल के जरिए आधुनिक बनाना है। इस योजना में बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, उद्योगों के साथ मजबूत जुड़ाव और युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
मंत्रालय ने बताया कि अब तक 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने राज्य स्तरीय संचालन समितियों का गठन कर लिया है। वहीं, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर्स के चयन के लिए उद्योगों से प्रस्ताव आमंत्रित करने हेतु रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) भी जारी कर दिए हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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