Responsive Scrollable Menu

तंबाकू छोड़ते ही मिलने लगते हैं फायदे, सिर्फ 20 मिनट में दिखने लगता है असर

नई दिल्ली, 30 मई (आईएएनएस)। तंबाकू और धूम्रपान को दुनिया भर में कई गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है। यही वजह है कि हर साल 31 मई को विश्व धूम्रपान निषेध दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों को तंबाकू के नुकसान और इससे छुटकारा पाने के लाभों के बारे में जागरूक किया जा सके।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू छोड़ने का फैसला जितना मुश्किल लगता है, उससे कहीं अधिक इसके फायदे हैं। खास बात यह है कि तंबाकू छोड़ने के केवल 20 मिनट बाद ही शरीर में सकारात्मक बदलाव शुरू हो जाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, तंबाकू में मौजूद निकोटिन शरीर के लगभग हर अंग को प्रभावित करता है। इसके लंबे समय तक सेवन से कैंसर, फेफड़ों की बीमारी, हृदय रोग, स्ट्रोक और कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, इसका असर परिवार और आसपास के लोगों पर भी पड़ता है, क्योंकि चेन स्मोकिंग भी सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है।

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) लोगों से तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने की अपील करता है। मिशन के अनुसार, निकोटिन से दूरी बनाने के बाद शरीर खुद को धीरे-धीरे ठीक करना शुरू कर देता है। तंबाकू छोड़ने के मात्र 20 मिनट बाद ब्लड प्रेशर और हृदय गति सामान्य होने लगती है, जो शरीर के लिए पहला सकारात्मक संकेत माना जाता है। तंबाकू छोड़ने के 24 घंटे के भीतर शरीर से निकोटिन बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इसके बाद 48 घंटे के अंदर स्वाद और सूंघने की क्षमता में सुधार महसूस होने लगता है। कई लोगों को भोजन का स्वाद पहले से बेहतर लगने लगता है और गंध पहचानने की क्षमता भी बढ़ जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लगभग दो महीने बाद फेफड़ों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलता है। सांस लेने में आसानी होने लगती है और दैनिक गतिविधियों के दौरान थकान कम महसूस होती है। वहीं, तंबाकू छोड़ने के एक वर्ष बाद दिल के दौरे का खतरा लगभग आधा हो जाता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

लंबे समय में इसके फायदे और भी अधिक दिखाई देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू छोड़ने के करीब 10 साल बाद फेफड़ों के कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। यही कारण है कि किसी भी उम्र में तंबाकू छोड़ने का फैसला स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

तंबाकू की लत छोड़ने में कठिनाई महसूस करने वाले लोगों के लिए सहायता सेवाएं भी उपलब्ध हैं। नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों के लिए 1800-112-356 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इस नंबर पर सोमवार को छोड़कर सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।

--आईएएनएस

एमटी/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

रिलीज से पहले सामने आया ‘मातृभूमि’ का फर्स्ट रिव्यू, सुभाष घई ने कहा- मस्ट वॉच

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान इन दिनों अपने आने वाले वॉर ड्रामा मातृभूमि को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। ग्वालन घाटी में हुई चीन और भारतीय सेना की झड़प पर बनी यह कहानी फैंस के बीच सुर्खियों में है। इसी बीच फिल्म का फर्स्ट रिव्यू सामने आया है, जिसने दर्शकों की एक्साइटमेंट को बढ़ा दिया है।

फिल्म के पोस्टर से लेकर गाने अब तक जो भी आया है उसे देखने के बाद फैंस काफी खुश नजर आ रहे हैं। सभी को फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार है। इसी बीच सुभाष घई को फिल्म के बारे में बात करते हुए देखा गया। चलिए जान लेते हैं कि उन्होंने फिल्म के बारे में क्या बताया है।

मातृभूमि का फर्स्ट रिव्यू आउट

सुभाष घई को हाल ही में सलमान खान की इस फिल्म को देखने के बाद अपना रिव्यू शेयर करते हुए देखा गया। वह इसे मस्ट वॉच फिल्म बताते हुए दिखाई दिए। दरअसल सुभाष ने सलमान खान, चित्रांगदा सिंह, सिद्धार्थ रॉय कपूर, सूरज बड़जात्या, कबीर खान, रितेश देशमुख और डेविड धवन के साथ एक्स पर एक तस्वीर शेयर की है। इसे शेयर करते हुए उन्होंने लिखा आज फूड स्क्वायर में अपने पसंदीदा निर्देशकों के साथ फिल्म देखना बहुत खूबसूरत एक्सपीरियंस रहा। हमने अपूर्व लखिया की मातृभूमि का रफ कट देखा जिसमें सलमान खान ने मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म भारत चीन के सैनिकों की मार्मिक कहानी पर आधारित है। जिसमें उनके अपने राष्ट्र और परिवारों को प्रति प्रेम को बताया गया है, ये मस्ट वॉच फिल्म है।

 

किस विषय पर बनी फिल्म

बता दें कि सलमान खान की इस फिल्म को पहले 17 अप्रैल को रिलीज किया जाने वाला था। लेकिन इसका टीजर जारी होने के बाद चीन से आलोचना का सामना करना पड़ा। वहीं मेकर्स पर फिल्म को तोड़ मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगा था। इस मामले में विदेश मंत्रालय ने भी निष्कर्ष किया था अभी इस तरह के सिनेमा कार्य में उसकी कोई भूमिका नहीं है।

टीजर में साल 2020 में गलवान घाटी में हुए संघर्ष को दिखाया गया था। इसमें भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। पहले इसे बैटल ऑफ गलवान के नाम से पेश किया जाने वाला था लेकिन विवाद बढ़ने के बाद इसका नाम मातृभूमि रख दिया गया। ये भी बताया जा रहा है कि कुछ हिस्से की शूटिंग दोबारा की गई है। फिलहाल फिल्म की रिलीज डेट तय नहीं हुई है।

Continue reading on the app

  Sports

होनहार बिरवान के होत चीकने पात... बैंटिंग के जरिए लिख दी नई इबारत, लेकिन फाइनल में न पहुंची RR तो वैभव सूर्यवंशी की आंखों से छलके आंसू, VIDEO

वैभव सूर्यवंशी IPL के दूसरे क्वालिफायर में 96 रनों की शानदार पारी खेली। मगर फाइनल में जाने का सपना टूटने के बाद बाद यह खिलाड़ी भी टूट गया। वैभव मैदान में ही फूट-फूटकर रोने लगे जिसके VIDEO सामने आया है। Sat, 30 May 2026 14:22:29 +0530

  Videos
See all

Operation Sindoor 2.0: ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है - आर्मी चीफ | India Pakistan | Upendra Dwivedi #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-30T10:16:44+00:00

Rajasthan Weather: राजस्थान में 'रेतीला बवंडर', दिल्ली की तरफ बढ़ रहा? | IMD | Delhi | Thunderstorm #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-30T10:10:29+00:00

Breaking News: अभिषेक बनर्जी को CID ने दिया नोटिस #ytshorts #mamatabanerjee #abhishekbanerjee #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-30T10:11:46+00:00

Khoda Murder Case: केशव मौर्य ने कहा- ‘हत्यारा बचेगा नहीं’ | Ghaziabad | Bakrid 2026 #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-30T10:17:16+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers