Dhaniya Parantha Recipe: गर्मियों में खाएं क्रिस्पी खस्ता 'धनिया पराठा', दही के साथ खाने से बन जाएगा दिन, नोट करें रेसिपी
Crispy Dhaniya Paratha Recipe: सुबह के नाश्ते में पराठे का नाम सुनते ही भूख बढ़ जाती है. आमतौर पर लोग आलू, गोभी या पनीर के पराठे खाते हैं, लेकिन अगर आप कुछ नया और हटके ट्राई करना चाहते हैं तो धनिया पराठा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह पराठा खाने में बेहद कुरकुरा होता है और इसकी खुशबू हर किसी को पसंद आती है. अगर घर में सब्जी खत्म हो गई है और आपको कुछ समझ न आए कि नाश्ते में क्या बनाया जाए तो यह रेसिपी आपकी परेशानी दूर कर सकती है. हरे धनिया की ताजगी और मसालों का हल्का चटपटा स्वाद इसे खास बनाने में मदद करता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता.
क्यों खास है धनिया पराठा?
धनिया पराठा स्वाद और सेहत दोनों का अच्छा मेल है. इसमें ज्यादा मसालों का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए यह गर्मियों में भी आराम से खाया जा सकता है. बच्चों के टिफिन से लेकर सुबह के नाश्ते तक, यह हर मौके के लिए परफेक्ट है. दही, अचार या चटनी के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. अगर आप रोज एक जैसा नाश्ता खाकर बोर हो चुके हैं, तो यह रेसिपी जरूर ट्राई करें.
धनिया पराठा बनाने के लिए सामग्री
- 2 कप गेहूं का आटा
- 1 बड़ा कप बारीक कटा हरा धनिया
- बारीक कटी हुई 2 हरी मिर्च
- 1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक
- 1/2 छोटा चम्मच अजवाइन
- 1/2 छोटा चम्मच चाट मसाला या अमचूर पाउडर
- 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- स्वादानुसार नमक
- देसी घी या तेल
- गुनगुना पानी
धनिया पराठा बनाने की विधि (Dhaniya Paratha Recipe In Hindi)
धनिया पराठा बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें. इसमें अजवाइन को हाथ से हल्का मसलकर डालें. अब नमक और एक छोटा चम्मच घी मिलाएं. सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स कर लें. इसके बाद गुनगुने पानी की मदद से मुलायम आटा गूंथ लें. आटा ज्यादा सख्त नहीं होना चाहिए. गूंथने के बाद इसे ढककर लगभग 10 मिनट के लिए रख दें. फिर एक मिक्सिंग बाउल लें. उसमें बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालें. अब हरी मिर्च, अदरक, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला और थोड़ा नमक मिलाएं. सारी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें. ध्यान रखें कि धनिए में पानी बिल्कुल न हो. अगर धनिया गीला होगी तो पराठा बेलते समय फट सकता है. अब तैयार आटे की मध्यम आकार की लोइयां बना लें. एक लोई लेकर उसे रोटी की तरह पतला बेलें. इसके ऊपर हल्का सा घी लगाएं. अब धनिया और मसालों का मिश्रण पूरी रोटी पर समान रूप से फैला दें.
इसके बाद रोटी को रोल करें और लच्छा पराठे की तरह मोड़ लें. चाहें तो इसे त्रिकोण आकार में भी तैयार कर सकते हैं. हल्के हाथों से दोबारा बेल लें. ध्यान रखें कि स्टफिंग बाहर न निकले. इसके बाद मीडियम आंच पर तवा गर्म करें. तैयार पराठे को तवे पर डालें. जब एक तरफ हल्का पक जाए तो उसे पलट दें. अब दोनों तरफ घी या तेल लगाएं. कलछी की मदद से हल्का दबाते हुए पराठे को सुनहरा होने तक सेंकें. कुछ ही मिनटों में पराठा बाहर से क्रिस्पी और अंदर से नरम तैयार हो जाएगा.
परोसने का सबसे स्वादिष्ट तरीका
गरमा-गरम धनिया पराठे के ऊपर थोड़ा सा सफेद मक्खन रखें. इसे ताजे दही, हरी चटनी या आम के अचार के साथ परोसें. अगर आप चाय पीने के शौकीन हैं तो अदरक वाली गर्म चाय के साथ भी इसका स्वाद लाजवाब लगता है. यह साधारण दही के साथ भी उतना ही स्वादिष्ट लगता है.
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जनपद अध्यक्ष पर कार्रवाई नहीं होने से भड़के दिग्विजय सिंह, दी जनसुनवाई में आने की चेतावनी
नीमच जिले की जावद जनपद के अध्यक्ष और थड़ोद पंचायत के सरपंच और सचिव के भ्रष्टाचार के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने को लेकर अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने नीमच जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सीधे कलेक्टर और एसपी को चेतावनी दी है।
दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, “जिला कलेक्टर महोदय, यदि जनपद अध्यक्ष 50,000/- रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है तो वह गिरफ्तार क्यों नहीं हुआ? अभी तक उसे पद से क्यों नहीं हटाया गया?” उन्होंने आगे सवाल किया कि जब सरपंच व सचिव भ्रष्टाचार की जांच में दोषी पाए गए हैं, तो उन्हें पंचायत अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अपदस्थ क्यों नहीं किया गया। प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा है कि इन सवालों का उत्तर देना पड़ेगा, अन्यथा वे स्वयं नीमच आकर कलेक्टर की जनसुनवाई में बैठेंगे।
पंकज तिवारी दे चुके हैं नागरिकता त्यागपत्र
जनसुनवाई में प्रशासन के रवैये को लेकर आक्रोश का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व पंकज तिवारी ने भी इसी तरह के मामले में कड़ा रुख अपनाया था। पंकज तिवारी ने जनपद अध्यक्ष और सचिव पर कार्रवाई नहीं से नाराज होकर जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर को नागरिकता त्याग पत्र दे दिया था। तिवारी ने प्रशासन पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि जब रंगे हाथों पकड़े गए चोर को सजा के बजाय कुर्सी और सम्मान मिलता है, तो ऐसे सिस्टम में आम नागरिक बनकर रहने का कोई औचित्य नहीं है।
ज्ञापन में कांग्रेस नेता ने लगाये थे गंभीर आरोप
26 मई मंगलवार को कलेक्टर को नागरिकता त्यागपत्र सौंपने वाले कांग्रेस नेता पंकज तिवारी ने अपने ज्ञापन और मीडिया से बातचीत में जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे उन्होंने आरोप लगाया था कि जावद जनपद के अध्यक्ष गोपाल चारण को लोकायुक्त ने तीन साल पहले रंगे हाथों पकड़ा था और उनके खिलाफ न्यायालय में चालान भी पेश किया जा चुका है वहीं थड़ोद पंचायत के सरपंच और सचिव द्वारा सरकारी राशि के गबन और आर्थिक अनियमिताओं की पुष्टि स्वयं कलेक्टर की जांच में हो चुकी है। लेकिन भ्रष्टाचार प्रमाणित होने के बावजूद पंचायत अधिनियम की धारा 39 और 40 के तहत दोषियों को पद से हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
कांग्रेस नेता पंकज तिवारी ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत CEO और कलेक्टर भारी राजनीतिक दबाव में हैं और फाइलों को दबाकर बैठे हैं, जिससे आम जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था से उठ रहा है। अब इतने गंभीर मामले में दिग्विजय सिंह की सीधी चेतावनी और जनसुनवाई में आने के अल्टीमेटम के बाद देखना यह है कि जिला प्रशासन जावद जनपद अध्यक्ष सहित अन्य दोषियों पर क्या कदम उठाता है?
https://twitter.com/digvijaya_28/status/2060521567629795570
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