Uttar Pradesh: बकरीद की बधाई के बाद खून से रंगी दोस्ती! गाजियाबाद में 17 वर्षीय युवक की हत्या से मचा बवाल
Ghaziabad Murder Case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के खोड़ा थाना क्षेत्र में एक युवक की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया. मिली जानकारी के मुताबिक, बकरीद के दिन हुए चाकू हमले में घायल 17 वर्षीय सूर्या चौहान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने जमकर हंगामा किया. स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.
क्या है पूरा मामला?
मृतक सूर्या चौहान नवनीत विहार का रहने वाला था. परिजनों के अनुसार, 28 मई की दोपहर करीब 3:30 बजे सूर्या चौधरी स्कूल के पास गली में खड़ा था. इसी दौरान असद, नवाब, फरहान, आतिफ, सारिक और उनके कुछ साथी वहां पहुंचे. आरोप है कि सभी ने मिलकर सूर्या को घेर लिया और उस पर चाकू से कई वार किए. हमले के दौरान शोर सुनकर सूर्या का भाई यश चौहान और उसकी मां मौके पर पहुंचे. तब तक आरोपी मौके से फरार हो चुके थे. गंभीर रूप से घायल सूर्या को तुरंत नोएडा के सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार (29 मई) को उसकी मौत हो गई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
उत्तर प्रदेश –
— Sachin Gupta (@Sachingupta) May 30, 2026
गाजियाबाद में ईद पर 17 वर्षीय सूर्यप्रताप चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। फैमिली का कहना है कि दोस्त असद ने उसे फोन करके ईद पर मिलने के लिए बुलाया था। पुलिस ने असद सहित 3 आरोपी गिरफ्तार किए।@KOMALRAGHAV30 pic.twitter.com/ICjApnedpF
पुरानी रंजिश का आरोप
परिजनों का कहना है कि सूर्या और आरोपियों के बीच कुछ महीने पहले विवाद हुआ था. आरोप है कि उसी रंजिश का बदला लेने के लिए सूर्या को फोन करके बुलाया गया. बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान पहले गले मिलकर बकरीद की बधाई दी गई और फिर अचानक उस पर बड़े चाकू से हमला कर दिया गया.
मौत के बाद बढ़ा तनाव
सूर्या की मौत के बाद परिजन और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए. उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है.
पुलिस क्या कह रही है?
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
परिजनों की मांग
मृतक सूर्या की मां ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए और उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए. वहीं पुलिस का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा.
यह भी पढ़ें- Caste Census: जनगणना में लापरवाही पर हुई सख्ती! गाजियाबाद में 21 कर्मियों पर FIR दर्ज, 200 को भेजा नोटिस
Adhik Maas Purnima 2026: ज्येष्ठ अधिकमास की पूर्णिमा व्रत पर जरूर करें ये खास उपाय, चमका देगा सोई हुई किस्मत
Adhik Maas Purnima 2026: हिंदू धर्म में अधिक मास की पूर्णिमा को बेहद पवित्र और फलदायी माना जाता है. इस बार ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा आज यानी 30 मई 2026, शनिवार को मनाई जा रही है. इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा और कौड़ी से जुड़े कुछ आसान उपाय करने से धन-धान्य की प्राप्ति होती है और परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ती है. अधिक मास में किए गए उपायों का फल सामान्य दिनों से कई गुना अधिक मिलता है. साथ ही पितृदोष से मुक्ति भी मिलती है. चलिए जानते हैं इन खास उपायों के बारे में.
30 और 31 मई के पूजा मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 08 मिनट से 04 बजकर 56 मिनट तक.
- अमृत काल- सुबह 04 बजकर 33 मिनट से सुबह 06 बजकर 20 मिनट तक.
- अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा.
. - ब्रह्म मुहूर्त- 31 मई, सुबह 04 बजकर 08 मिनट से 04 बजकर 56 मिनट तक.
- अमृत काल- 31 मई, सुबह 04 बजकर 33 मिनट से सुबह 06 बजकर 20 मिनट तक.
- अभिजीत मुहूर्त- 31 मई, सुबह 11 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा.
अधिक मास में करें ये खास उपाय (Adhik Maas Purnima 2026 Upay)
तर्पण-पिंडदान करें
आज ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर पितरों के लिए तर्पण-पिंडदान करना चाहिए. जल में कच्चा दूध, सफेद फूल और काले तिल मिलाकर तर्पण करें. पितरों के लिए तर्पण-पिंडदान करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है. पितरों की कृपा से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है. घर में सुख-शांति आती है.
पीपल की पूजा करें
पितरों की शांति के लिए ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर पीपल पर जल में कच्चा दूध, काले तिल और कुछ मीठा मिलाकर चढ़ाएं. पीपल की पितरों का ध्यान करते हुए परिक्रमा करें. शाम के समय तेल का दीपक जलाएं. इस उपाय से पितृदोष से छुटकारा मिलता है. कुंडली के अशुभ ग्रह शांत होते हैं.
दीपक जलाएं
ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा की शाम को घर के मुख्य द्वार की दक्षिण दिशा में तेल या तिल के तेल का दीपक जलाएं. इस दीपक के पास कुछ मीठा रखें. पितरों का ध्यान करते हुए अपनी गलतियों के लिए क्षमा याचना करें. इससे घर में सुख-शांति-समृद्धि आती है. घर से बीमारियां दूर होती हैं.
इन चीजों का दान करें
ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर पितरों के लिए ब्राह्मण और गरीबों को अन्न, काले तिल, काली उड़द, कपडे आदि का दान बेहद लाभकारी माना जाता है. इससे पितर प्रसन्न होकर जीवन के कष्ट और समस्याएं दूर करते हैं.
पशु-पक्षियों भोजन दें
इसके अलावा, ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा को कौआ, गाय, और अन्य पशु-पक्षियों को भोजन कराना बेहद शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि पशु-पक्षियों को भोजन-पानी करने से पितर प्रसन्न होते हैं.
इन मंत्रों का जाप करें
ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर पितरों की शांति और उनकी कृपा पाने के लिए मंत्रों का जाप करना बेहद उत्तम होता है. इस दिन ऊं पितृभ्यः नमः और ऊं श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः मंत्र का कम से कम एक माला जाप करना चाहिए.
यह भी पढ़ें: Adhik Maas Purnima 2026: ज्येष्ठ अधिकमास की पूर्णिमा का व्रत आज, नोट कर लें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation





















