उज्जैन में जारी किए जाएंगे 200 करोड़ के टेंपल बॉन्ड, 11 मंदिरों का 1100 करोड़ से किया जाएगा विकास
धार्मिक नगरी उज्जैन और आगर-मालवा के 11 प्रमुख मंदिरों के कायाकल्प और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना प्रारंभ की जा रही है, जिसमें कुल 1100 करोड़ रुपये का विशाल निवेश होगा और इसकी एक मुख्य विशेषता देश में पहली बार ‘टेंपल बॉन्ड’ का जारी होना है। वहीं इस पहल का मुख्य उद्देश्य उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाना है।
दरअसल इस महत्वपूर्ण परियोजना के संबंध में संभागायुक्त आशीष सिंह ने प्रशासनिक संकुल में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक, उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप सोनी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, आगर-मालवा कलेक्टर प्रीति यादव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस चर्चा में शामिल हुईं, जो परियोजना की व्यापकता और अंतर-जिला समन्वय को दर्शाता है।
इन ऐतिहासिक स्थलों को शामिल किया गया
दरअसल इस विस्तृत योजना के अंतर्गत उज्जैन के कई ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थलों को शामिल किया गया है। इनमें प्राचीन कालभैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, जहां मंगल दोष निवारण पूजा होती है, भगवान कृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनी आश्रम, नवग्रह मंदिर, 84 महादेव मंदिर समूह, अंगारेश्वर महादेव मंदिर, भूखी माता मंदिर, गढ़कालिका मंदिर और सिद्धवट मंदिर प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, आगर-मालवा जिले में स्थित मां बगलामुखी मंदिर को भी इस विकास परियोजना का हिस्सा बनाया गया है, जो इस क्षेत्र के धार्मिक परिदृश्य को और समृद्ध करेगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे
वहीं श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से इन मंदिरों में व्यापक स्तर पर सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसमें आधुनिक पार्किंग क्षेत्रों का निर्माण, शुद्ध पेयजल की सुगम व्यवस्था, आरामदायक यात्री सुविधा केंद्र, मंदिरों तक पहुंचने वाले सड़कों और मार्गों का नवीनीकरण एवं विकास, आकर्षक लाइटिंग व्यवस्था तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम शामिल हैं। ये सभी कार्य सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं, जिससे आगामी सिंहस्थ मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालु इन आधुनिक सुविधाओं का प्रत्यक्ष लाभ उठा सकें और उनकी यात्रा अधिक सुखद एवं सुरक्षित बन सके।
कुल 1100 करोड़ रुपये की राशि जुटाने की विस्तृत योजना
दरअसल इस भव्य परियोजना के लिए कुल 1100 करोड़ रुपये की राशि जुटाने की विस्तृत योजना तैयार की गई है। इसमें से 200 करोड़ रुपये की राशि ‘टेंपल बॉन्ड’ के माध्यम से एकत्र करने का प्रस्ताव है, जो देश में अपनी तरह का पहला नवाचार है और धार्मिक परियोजनाओं के वित्तपोषण में एक नया अध्याय जोड़ेगा। इसके अतिरिक्त, 275 करोड़ रुपये अर्बन चैलेंज फंड से प्राप्त किए जाएंगे, जबकि शेष लगभग 625 करोड़ रुपये विभिन्न बैंकों से ऋण के रूप में जुटाए जाएंगे। ये ‘टेंपल बॉन्ड’ 10 साल की अवधि के लिए जारी किए जाएंगे, जो निवेशकों को एक निश्चित रिटर्न प्रदान करेंगे और साथ ही धार्मिक विकास में भागीदार बनने का अवसर भी देंगे।
संभागायुक्त आशीष सिंह ने परियोजना की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ‘टेंपल बॉन्ड’ जारी करने की प्रक्रिया को 15 जुलाई तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। इसके उपरांत, इन बॉन्डों को 31 जुलाई तक विधिवत लॉन्च करने की योजना है, जिससे वित्तपोषण की प्रक्रिया गति पकड़ सके।
अनूपपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिया से पलटी, 6 की मौत, 41 घायल
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में शुक्रवार शाम एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। पुष्पराजगढ़ तहसील के करनपठार थाना क्षेत्र के तिवनी गांव के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गिर गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रॉली में सवार लोग करीब 10 फीट नीचे जा गिरे। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए।
जानकारी के मुताबिक गिंजरी और पड़मनिया गांव के ग्रामीण परिवार पूजा-अर्चना के लिए तिवनी जंगल गए थे। शाम को सभी लोग एक ही ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पुलिया पर पहुंचते ही चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रॉली पलट गई। हादसे में मौके पर ही कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे ट्रॉली में सवार थे, जिससे हादसे का असर और ज्यादा गंभीर हो गया।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया तथा घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाने का काम तेजी से किया गया। 108 एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को पहले पाली अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार हादसे में 22 पुरुष, 14 महिलाएं और 5 बच्चे घायल हुए हैं। अस्पताल में एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजन भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे, जिससे भावुक दृश्य देखने को मिले। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों का इलाज कर रही है। हादसे में दो लोगों की मौत मौके पर ही हो गई थी, जबकि चार अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज गति से चल रही थी। पुलिया पर मोड़ लेते समय चालक वाहन को नियंत्रित नहीं कर सका और ट्रॉली पलटकर नीचे जा गिरी। पुलिस अब चालक की भूमिका और हादसे के अन्य कारणों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
इस बीच प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। कलेक्टर हर्षल पंचोली शहडोल मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन की ओर से घोषणा की गई है कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 4-4 लाख रुपये और संबल योजना के तहत अतिरिक्त 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टर-ट्रॉली में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर यात्रा करने के खतरे को सामने लाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे वाहनों का उपयोग मुख्य रूप से कृषि कार्यों के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन कई जगहों पर इन्हें यात्री वाहन की तरह इस्तेमाल किया जाता है, जो गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग मृतकों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
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