राजस्थान-एमपी समेत 12 राज्यों में बारिश-ओलावृष्टि:बिहार-बंगाल में बिजली गिरने से 15 मौतें; यूपी में इनोवा-ट्रैक्टर समेत 10 गाड़ियां बहीं
मॉनसून के करीब आते ही शुक्रवार को कई राज्यों में तापमान 40°C से नीचे पहुंच गया। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश-आंधी और ओले गिरे। बिहार में औरंगाबाद, गया, सारण और खगड़िया जिलों में बिजली गिरने से आठ लोगों की जान गई। वहीं पश्चिम बंगाल के छह जिलों में बारिश में घर और बिजली गिरने से जुड़ी घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और तेज बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। शुक्रवार को सहारनपुर में तेज बारिश इनोवा-ट्रैक्टर समेत 10 गाड़ियां बह गईं। बाइक मलबे में दब गईं। 2 टूरिस्ट की मौत हो गई। राजस्थान के जयपुर समेत 6 जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। दौसा में आंधी में हाईटेंशन लाइन का टावर गिर गया। इस दौरान वहां से गुजर रही स्कॉर्पियो कार तारों में उलझ कर पलट गई। हादसे में गाड़ी में सवार सभी चारों लोग सुरक्षित हैं। वहीं देहलाल गांव में दीवार गिरने से महिला की मौत हो गई। छत्तीसगढ़ का राजनांदगांव देश में सबसे गर्म रहा। यहां पारा 46°C दर्ज किया गया। मानसून 7 दिनों में केरल पहुंचेगा इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 7 दिनों में केरल पहुंच सकता है। हालांकि विभाग ने इस साल मानसून के सामान्य से कमजोर रहने का अनुमान भी जताया है। IMD के मुताबिक जून से सितंबर तक देश में औसतन सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इस बार मानसून की बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का करीब 90% रह सकती है। देश में सामान्य मानसूनी बारिश का औसत 87 सेंटीमीटर माना जाता है। मौसम विभाग ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत में सामान्य बारिश हो सकती है, लेकिन बाकी कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। खासकर बारिश पर निर्भर खेती वाले इलाकों में मानसून कमजोर रह सकता है। राज्यों से बारिश-ओले गिरने की तस्वीरें… अगले दो दिन के मौसम का हाल 31 मई: 1 जून:
देश में घरेलू हिंसा दर 29.2% से घटकर 22.3% हुई:महिलाओं में मोटापा 7% बढ़ा; 96.5% घरों तक साफ पानी पहुंचा; नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2023-24
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2023-24 (NFHS-6) की रिपोर्ट शुक्रवार को जारी हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं में मोटापा साल 2019-21 के मुकाबले 7% बढ़ गया। 2019 के मुकाबले देश में घरेलू हिंसा की दर 29.2% से घटकर 22.3% पर आ गई है। वहीं, बाल विवाह का कुल आंकड़ा 23.3% से घटकर 20.1% रह गया है। कामकाजी महिलाएं 30.8% तक पहुंच गईं, जो पहले 25.4% थीं। वहीं, निजी अस्पतालों में होने वाली सिजेरियन डिलीवरी की 54.1% के रिकॉर्ड स्तर पर है। शुरुआती 6 महीनों तक शिशुओं को ‘केवल स्तनपान’ कराने की दर 63.7% से गिरकर 55.8% पर आ गई है। 98.3% घरों में बिजली और 96.5% घरों में साफ पानी पहुंच चुका है। महिलाओं में इंटरनेट का उपयोग दोगुना होकर 64.3% पर पहुंच गया है। 18.8% महिलाओं के पास जमीन का मालिकाना हक देश में अब कुल 18.8% परिवारों में महिलाओं के पास मकान या जमीन का मालिकाना हक है। शहरों में 18.2% और ग्रामीण इलाकों में 19.1%। जबकि पिछले (2021) सर्वे में यह केवल 14.0% था। लेकिन परिवार नियोजन के आधुनिक तरीके (जैसे गोली, कंडोम, नसबंदी) अपनाने वाली महिलाओं की संख्या में गिरावट आई है और यह पिछले सर्वे के 56.4% से घटकर अब कुल 52.7% रह गई हैं। कुपोषित बच्चों में बच्चों में नाटापन घटा 2021 के सर्वे में कुपोषित बच्चों में नाटेपन का आंकड़ा 35.5% था, जो अब घटकर 29.3% पर आ गया है। बच्चों की लंबाई में आया यह 6.2 प्रतिशत अंकों का सुधार एक बहुत बड़ी और सकारात्मक राहत है। 6 महीने से 2 साल तक के केवल 15.3% बच्चों को सही और संतुलित खाना मिल पा रहा है। यानी 85% बच्चों को जरूरी पोषण नहीं मिल रहा। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… देशभर में अपराध 6 फीसदी घटे, NCRB की रिपोर्ट: 2024 में कुल 58.85 लाख केस दर्ज, महिलाओं और SC-ST के खिलाफ क्राइम में कमी देशभर में 2024 में दर्ज अपराधों की संख्या में 6 फीसदी की गिरावट आई है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के मुताबिक, 2023 में 62.41 लाख मामलों के मुकाबले 2024 में 58.85 लाख केस दर्ज हुए। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। पूरी खबर पढ़ें…
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