Swami Ramdev Health Tips: डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद करेंगे स्वामी रामदेव के बताए ये योगासन, साथ अपनाएं ये आसान टिप्स
Swami Ramdev Health Tips: डायबिटीज की बीमारी इन दिनों बहुत आम हो चुकी है. भारत देश इस बीमारी का मुख्य केंद्र भी बन गया है. एक समय था जब शुगर की बीमारी सिर्फ बुजुर्गों को हुआ करती थी लेकिन अब डायबिटीज कम आयु में भी होने लगी है. छोटे बच्चे भी शुगर की बीमारी से पीड़ित होने लगे हैं. ऐसे में आपको इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए घरेलू उपायों को भी अपनाना चाहिए. स्वामी रामदेव जो दशकों से पतंजलि कंपनी के संस्थापक है. उन्होंने पतंजलि को सफल करने में खूब मेहनत की है. इस ब्रांड को उन्होंने देश से विदेश तक पहुंचाया है. स्वामी रामदेव पर भरोसा करना सिर्फ उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पाद नहीं बल्कि उनके द्वारा आम जनमानस को योग और घरेलू उपायों के बारे में बताना है. इनकी मदद से महंगी और साइड-इफेक्ट्स से भरी दवाओं का सेवन कम हुआ है.
भारत देश में डायबिटीज का आंकड़ा पिछले 30 सालों में 150% से ज्यादा बढ़ गया है. देश में लगभग 8 करोड़ लोग डायबिटीज के बॉर्डर पर हैं. एक छोटी सी चूक इन लोगों को शुगर का मरीज बना सकती है. इसलिए, इससे छुटकारा पाने की जरूरत है.
योगा से कंट्रोल होगी मधुमेह
योग गुरु स्वामी रामदेव के मुताबिक, कुछ ऐसे योग और प्राणायाम करने चाहिए जिनकी मदद से डायबिटीज से छुटकारा पाया जा सकता है. ऐसे में आप लोगों को मधुमेह और उससे होने वाली परेशानियों के लिए इन्हें नियमित रूप से करें.
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1.सर्वांगासन
सर्वांगासन करने से आयु में वृद्धि होने के साथ-साथ आंखों की रौशनी प्रभावित होने वाली समस्या को सही रखता है. इस आसन को करने से डायबिटीज रोगियों को ब्लैक फंगस की बीमारी नहीं हो सकती है. इसके साथ ही आसन को करने थायराइड ग्रंथि सुचारू रूप से कार्य करती है. सर्वांगासन करने से मेटाबॉलिज्म और श्वसन प्रणाली का कार्य सही तरीके से होता है. ये आसन डायबिटीज रिवर्स कर सकता है.
2.शशकासन
स्वामी रामदेव के अनुसार, शशकासन करने से कब्ज, गैस, भूख न लगना, इनडाइजेशन और मधुमेह जैसी बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है. इसे करने से हृदय, फेफड़े, आंखें और मस्तिष्क को भी स्वस्थ रखता है. यह मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन को सही रखता है. इससे उनकी याददाश्त में सुधार होता है. हालांकि, जिन लोगों को कमर या पीठ में दर्द होता है, उन्हें इस आसन को करने से बचना चाहिए.
3.मंडूकासन
मंडूकासन करने से पेट कम होता है. जैसा की नाम से समझा जा सकता है मंडूक यानी कि मेंढक. इसमें आपको अपने शरीर को मेंढक के आकार जैसा बनाना होता है. इसे करने से पेट की चर्बी कम होती है और नियमित रूप से इसके अभ्यास करने से दिल का स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है. जब हमारे पेट के सभी अंग सही और सुचारू रूप से काम करते हैं तो शुगर की बीमारी भी रिवर्स हो जाती है. पाचन में सुधारने करने के लिए भी यह आसन बहुत फायदेमंद माना जाता है.
डायबिटीज के लक्षण (Symptoms of Diabetes)
- अचानक ज्यादा प्यास लगना
- वजन अचानक घटना
- धुंधला दिखाई देना
- ज्यादा पेशाब आना
- सिरदर्द होना
- कोई भी घाव जल्दी ना भरना
- कमजोरी होना
शुगर बढ़ने की वजह
- तनाव
- बेवक्त खाना खाना
- जंकफूड का अत्यधिक सेवन
- पानी कम पीना
- वक्त पर न सोना
- वर्कआउट न करना
- मोटापा
- जेनेटिक
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Disclaimer: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.
Explainer: भारत-श्रीलंका मैच की पिच पर क्यों उठे सवाल? जानिए मुकाबले से पहले कैसे तैयार की जाती है 22 गज की पट्टी
India vs Sri Lanka Test : भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों श्रीलंका के दौरे पर है. यहां पर टीम इंडिया को 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है. इस सीरीज का आगाज 15 अगस्त से होने वाला है. वहीं इस टेस्ट सीरीज का अंत 27 अगस्त को होगा. इस सीरीज के लिए भारत और श्रीलंका दोनों ने अपने-अपने स्क्वाड अनाउंस कर दिए हैं. भारत की कप्तान इस सीरीज में शुभमन गिल को दी गई है तो वहीं, श्रीलंका क्रिकेट टीम की कमान धनंजया डी सिल्वा के हाथों में है.
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच 15-19 अगस्त तक गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाने वाला है. इस मैच की शुरुआत में अब सिर्फ 1 दिन का समय बाकी है. 15 अगस्त को सुबह 10 बजे से मुकाबला शुरू हो जाएगा. उससे पहले एक विवाद खड़ा होता हुआ नजर आ रहा है. इसने भारत-श्रीलंका टेस्ट मैच से पहले क्रिकेट के फैंस के मन में कुछ सवाल ला दिए हैं.
Indian team’s first practice session in Galle: Gambhir, Gill and Agarkar engaged in an intense discussion on the sidelines of the pitch…#slvsind pic.twitter.com/FmA41WfOTE
— Sandipan Banerjee (@im_sandipan) August 13, 2026
दरअसल, भारत और श्रीलंका जिस पिच पर पहला टेस्ट मैच खेलने वाले हैं. उस पिच का निरीक्षण करने के लिए भारत के हेड कोच गौतम गंभीर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक पहुंच. उस समय पिच कवर्स से ढकी हुई थी. पिच क्यूरेट से कहने के बाद पिच से कवर हटाए गए. इसके बाद पिच को गंभीर और कोटक ने देखा. इसके बाद कुछ समय के बाद इस पिच कई बदलाव होने की बातें सामने आईं हैं.
आज भारत के कप्तान शुभमन गिल हेड कोच गौतम गंभीर के साथ पिच का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे. तब पिच पूरी तरह से अलग दिख रही थी. तमाम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गंभीर और कोटक के जाने के बाद लगभग 2 घंटे बाद पिच से घास हटा दी गई. इसके बाद उस पर सॉफ्ट रोलर चलाया गया. अब वो पिच पूरी तरह से बदल गई है. इसके लेकर सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में आज हम आपको मेच से पहले पिच तैयार करने की पूरी प्रकिया के बारे में बताने वाले हैं, जिससे आपको पता चल जाएगा कि मैच से पहले पिच कैसे तैयार की जाती है.
Chief selector Ajit Agarkar is in Galle net practice session now. pic.twitter.com/PVHz8af3H6
— Vimal कुमार (@Vimalwa) August 13, 2026
मैच से पहले कैसे तैयार की जाती है पिच?
क्रिकेट मैच से पहले पिच को तैयार करने के लिए काफी मेहनत लगती है. खासकर की जब बात टेस्ट क्रिकेट की जाए. टेस्ट मैच 5 दिनों तक खेला जाता है. ऐसे में कई महत्वपूर्ण बातों का पिच को लेकर ध्यान रखा जाता है. इस पिच को तैयार करने में घास काटने से लेकर रोल कर पैंट करते तक पूरा प्रोसेस फॉलो किया जाता है. आइए इसके बारे में स्टेप बाइ स्टेप जानते हैं.
Coach Gautam Gambhir is again at Centre Wicket for Inspection, this time with Team’s Video Analyst. #SLvsIND #TeamIndia pic.twitter.com/ZAIJUQeaWi
— Ankan Kar (@AnkanKar) August 13, 2026
1 - पिच और मिट्टी का चयन
क्रिकेट मैच से पहले पिच तैयार करने से पहले आपको पिच और मिट्टी का चयन करना होता है. क्योंकि हर मैच में अलग-अलग पिचें होती है, जिसमें से लाल और काली मिट्टी की पिचें भी होती है. मैच के लिए पिच तैयार करने से पहले ये तय करना होता है कि, कौन सी पिच पर मुकाबला खेलना है.
2 - पिच को समतल करना
क्रिकेट के मैदानों पर कई पिचें ऐसी होती है, जिन पर काफी समय से मैच नहीं खेला गया हो. वो पिचें अगर थोड़ टूट गई हैं, या फिर कहीं पर ज्यादा क्रेक और मिट्टी ज्यादा और कम हो गई है तो सबसे पहले वहां पर मिट्टी को समतल किया जाता है. ऐसा इस लिए किया जाता है कि मैच से पहले सतह में ज्यादा ऊंच-नीच न रहे.
3 - घास उगाई पर नियंत्रण
क्रिकेट स्टेडियम में काफी-काफी समय बाद मुकाबला होता है. ऐसे में कई पिचों पर मैच होते वो तो पूरी तरह से ठीक होती है. ऐसे में कुछ पिच ऐसी भी होती हैं, जिन पर काफी समय से कोई मैच नहीं खेला गया हो. ऐसे में उन पर पर काफी मात्रा में घास उग जाती है. क्रिकेट मैच से पहले पिच को तैयार करने के लिए ग्राउंड्समैन घास पिच पर उगाते हैं.
4 - पिच को पानी देना
किसी भी क्रिकेट स्टेडियम में मैदान पर मौजूद पिचों को पानी दिया जाता है. क्रिकेट मैच से पहले पिच को पानी दिया जाता है. ऐसा पिच को मैच के लिए तैयार करने के इरादे से दिया जाता है. पिच को जरूरत के अनुसार पानी दिया जाता है. पानी मिट्टी में नमी बनाए रखने में मदद करता है. हालांकि मैच से पहले पानी की मात्रा को सावधानी से नियंत्रित किया जाता है, जिससे मैच के दौरान पिच पर कोई परेशानी नहीं हो.
5 - पिच की रोलिंग
इसके बाद पिच की रोलिंग की जाती है. मैच के लिए पिच तैयार करने में रोल द्वारा पिच पर रोलिंग करना महत्वपूर्ण प्रकिया का हिस्सा है. भारी रोलर से पिच को कई बार रोल किया जाता है. इससे मिट्टी के कण आपस में अच्छी तरह बैठते हैं और सतह मजबूत तथा कॉम्पैक्ट बनती है. इसके साथ ही कभी कभी मुकाबले से पहले हल्का और भारी रोलर चालने की प्रकिया भी होती है.
???????? GILL & GAMBAHIR ASSESSING THE CONDITIONS!
— Sonu Jaat • Cricket (@TheSonuJaat) August 13, 2026
The India captain and head coach in a lengthy chat with the Galle pitch curator as preparations continue for the first Test. ????
Just 2 days to go! ????
???? RevSportz pic.twitter.com/Oi0Py50OCz
6 - घास की कटाई और सफाई
क्रिकेट मैच से पहले पिच को तैयार करने में सबसे अहम रोल घास की कटाई निभाती है. कितनी घास पिच पर रखनी है और कितनी नहीं रखनी है, ये बहुत ज्यादा जरूरी हो जाता है. क्योंकि घास नहीं होने से स्पिनर को मदद मिलती है, वहीं घास होने से तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है. पिच की घास को विशेष मशीन से काटा जाता है. विकेट के आसपास की अतिरिक्त घास और मिट्टी को साफ किया जाता है. ग्राउंड्समैन पिच की नमी, कठोरता और सतह की स्थिति की जांच करते हैं। मौसम और पिच की स्थिति के हिसाब से अंतिम रोलिंग या पानी देने का फैसला किया जाता है.
8 - पिच पर क्रीज मार्किंग
जब क्रिकेट मैच के लिए पिच पूरी तरह से लगभग तैयार हो जाती है. तब उसे अंतिम रूप देने के लिए पॉपिंग क्रीज, बॉलिंग क्रीज और रिटर्न क्रीज की सफेद लाइनें सही माप के अनुसार बनाई जाती हैं. किसी-किसी पिच पर लाइन मैच करने के लिए अलग-अलग रंग का इस्तेमाल किया जाता है.
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