Rajasthan News: राजस्थान में खरीफ फसल पर मौसम के साथ खाद की मार, किसानों की बढ़ी चिंता
Rajasthan News: राजस्थान में इस बार खरीफ की फसल किसानों के लिए दोहरी चुनौती किसानों के सामने आ खड़ी हुई है. एक तरफ कमजोर बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ाई हुई है, वहीं दूसरी ओर फसल बो चुके किसानों को यूरिया, DAP और NPK खाद पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में किसानों की भजनलाल सरकार से कई शिकायतें सामने आ रही हैं. बारिश की कमी के चलते पिछले वर्ष की तुलना में इस साल करीब 12 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हुई है. ऐसे में जो किसान फसल की बुवाई कर चुके हैं, उनके सामने अब फसल को खाद की समय पर खुराक देने की भी चुनौती खड़ी हो गई है.
निर्धारित मुल्य से अधिक दाम में खरीदनी पड़ रही खाद
किसानों के लिए खरीफ का शुरुआती दौर बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस समय फसल को पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिलने पर उत्पादन प्रभावित हो सकता है. राजस्थान के किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे और जैसे-तैसे उपलब्ध पानी का सहारा लेकर उन्होंने बुवाई की थी. मगर किसानों को अब खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है. कई जगहों पर किसान यूरिया, DAP और NPK की स्टॉक पूरी तरह खाली है. इसने किसानों की परेशानी को बढ़ा दिया है. कई जगह किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है और नैनो यूरिया खरीदने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है.
ये भी पढ़ें- CM Bhajanlal Sharma Convoy: सीएम भजनलाल के काफिले पर क्यों उठ रहे हैं सवाल? हादसों के बाद घिरी सुरक्षा व्यवस्था
सरकार के दावो निकले झूठे
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार लगातार किसानों के हित में काम करने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के दावे करती नजर आई है. ऐसे में अब सवाल यह है कि जब खरीफ का सीजन पहले ही कम बारिश की मार झेल रहा था, तो किसानों के लिए खाद की पर्याप्त व्यवस्था पहले से क्यों नहीं की गई? क्या सरकार के स्तर पर खाद की मांग और उपलब्धता का सही आकलन नहीं किया गया था?
कौन लेगा बर्बाद फसलों की जिम्मेदारी?
सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि यदि किसानों को समय पर यूरिया, DAP और NPK नहीं मिला तो उनकी फसल और उत्पादन पर पड़ने वाले संभावित नुकसानों की जिम्मेदारी किसकी होगी? सरकार की ओर से किसानों को यह भरोसा कैसे दिया जाएगा कि उन्हें खाद के लिए लंबी कतारों और बाजार में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी?
मौसमी मार झेल रहे किसान
किसानों को कमजोर बारिश का असर खरीफ की बुवाई पर पहले ही दिखाई दे रहा है. पिछले साल के मुकाबले करीब 12 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में बुवाई होना कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में बुवाई किए गए इलाकों की फसल को बचाना इस वक्त सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए. अगर खाद की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित नहीं हुई तो इसका सीधा असर किसानों की लागत, पैदावार और आय पर पड़ेगा.
सरकार आगे क्या करेगी?
राज्य सरकार को अब सिर्फ खाद की उपलब्धता के दावे करने के बजाय प्रत्येक जिले में वास्तविक स्टॉक की स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए. किसानों को यह स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए कि किस जिले में यूरिया, DAP और NPK का कितना स्टॉक उपलब्ध है और नई खेप कब तक पहुंचेगी. CM भजनलाल शर्मा से किसानों का सवाल है कि जब मौसम की चुनौती पहले से सामने थी, तो खादपूर्ति को लेकर ऐसी स्थिति क्यों बनी? क्या सरकार यह सुनिश्चित कर पाएगी कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद के लिए परेशान न होना पड़े और अगर खाद की कमी से फसल प्रभावित होती है, तो किसानों को राहत देने के लिए सरकार की क्या ठोस योजना है?
ये भी पढ़ें- Jaipur News: खतरे में है जयपुर की विरासत! अवैध निर्माण और पुरानी हवेलियों का कायाकल्प कहीं छीन न लें UNESCO का सम्मान
Reliance D.I.S.C.O. Sale: स्मार्टफोन से TV तक सब पर ऑफर, शुरू हुई रिलायंस डिजिटल की सेल, 50% तक मिल रही छूट
रिलायंस डिजिटल ने D.I.S.C.O. Sale शुरू की है, जो 16 अगस्त 2026 तक चलेगी. इसमें स्मार्टफोन, टीवी, लैपटॉप और होम अप्लायंसेज पर कई ऑफर मिल रहे हैं. ग्राहकों को चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर ₹15,000 तक एक्सचेंज बोनस, दूसरे प्रोडक्ट पर 50% तक की छूट, बैंक कार्ड/UPI से ₹30,000 तक का डिस्काउंट और एक साल की फ्री एक्सटेंडेड वारंटी मिल रही है. स्मार्टफोन ₹10,999 से, 5G फोन ₹13,999 से और लैपटॉप ₹39,999 से शुरू हैं. TV, फ्रिज और वॉशर-ड्रायर पर भी खास ऑफर दिए जा रहे हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
News18








