पंजाब में पति-पत्नी पर टूट पड़ा पिटबुल, महिला कोे जमीन पर गिराया, लाठी मारने पर भी नहीं छोड़ा; देखें VIDEO
पटियाला में एक कपल पर पिटबुल के हमले के बाद अब मोहल्ले के लोगों में दहशत का माहौल है. लोगों ने मांग की है कि एडमिनिस्ट्रेशन इस खतरनाक कुत्ते को इलाके से हटाए और इसके मालिक के खिलाफ एक्शन ले. मोहल्ले के लोगों का कहना है कि अगर उन्होंने समय रहते कुत्ते को नहीं हटाया होता, तो कपल की जान जा सकती थी.
पीड़ित अंकित सभरवाल का कहना है कि, "मैं अपनी पत्नी के साथ एक घर देखने जा रहा था. मुझे किराए के लिए प्रॉपर्टी देखने बुलाया गया था. जैसे ही हम वहाँ पहुँचे और गेट की कुंडी खोली, कुत्ते ने हम पर हमला कर दिया. मैं और मेरी पत्नी घायल हो गए. मेरे पूरे शरीर पर टाँके आए हैं. मेरी पत्नी के हाथों और पैरों की सर्जरी हुई है. मुझे न्याय चाहिए. मालिक के कहने पर भी कुत्ता नहीं रुका. सर्जरी के बाद मेरी पत्नी ऑब्ज़र्वेशन में है."
#WATCH | Punjab: A man and his wife injured after allegedly being attacked by a pet Pit Bull dog in Ghuman Nagar area of Patiala.
— ANI (@ANI) August 13, 2026
The man, Ankit Sabharwal says, "I was going to see a house, along with my wife. I was called to see the property for rent. As soon as we reached… pic.twitter.com/yMQC9ByL4w
घायल अंकित को अस्पताल में भर्ती कराया- पंजाब पुलिस
मामले में DSP जंगजीत रंधावा ने कहा कि हमें भी इस घटना के बारे में सोशल मीडिया के ज़रिए ही पता चला. एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पिटबुल कुत्ते ने कथित तौर पर अंकित नाम के एक व्यक्ति और उनकी पत्नी पर हमला कर दिया और उन्हें काट लिया. जब हमने सोशल मीडिया पर इस वायरल वीडियो को देखा, तब जाकर इस घटना की पुष्टि हुई.
Patiala, Punjab: DSP Jangjeet Randhawa says, "We also came to know about it through social media. A video is going viral in which a Pitbull dog allegedly attacked and bit a man named Ankit and his wife. After seeing the video circulating on social media, we verified the incident.… pic.twitter.com/eAOEj6XQbs
— IANS (@ians_india) August 13, 2026
घायल अंकित को अमर अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी पत्नी की सर्जरी के बाद उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है. जैसे ही हमें अमर अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट (रुक्का) मिल जाएगी—जो अभी तक नहीं आई है, लेकिन जिसके जल्द ही आने की उम्मीद है—हम तुरंत बीएनएस (BNS) की धारा 291 के तहत मामला दर्ज करेंगे. यह धारा पालतू जानवर से लगी चोटों के मामलों पर लागू होती है, और हम उसी के अनुसार एफआईआर (FIR) दर्ज करेंगे.
In Patiala, Punjab, a couple was allegedly attacked by a pitbull while visiting a property with a real estate dealer.
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) August 12, 2026
The husband and wife had gone to inspect the house when the dog suddenly lunged at them after they rang the doorbell.
Local residents intervened, but both… pic.twitter.com/H6z0dy6JJg
मोहल्ले में छोटे बच्चे और बुजुर्ग रहते हैं
मोहल्ले के लोगों के मुताबिक, यह कुत्ता इतना गुस्सैल है कि गेट के ऊपर से घर की डोरबेल बजाने वाले लोगों पर हमला करने की कोशिश करता है. कई बार तो लोग डर के मारे इस घर के सामने से गुजरने से भी बचते हैं. लोगों का कहना है कि मोहल्ले में छोटे बच्चे और बुजुर्ग रहते हैं, जो हर दिन घर से बाहर निकलते हैं. बच्चे गलियों में खेलते हैं और बुजुर्ग सुबह-शाम टहलने जाते हैं. ऐसे में अगर कपल के साथ हुई घटना किसी बच्चे या बुजुर्ग के साथ होती, तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते थे.
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर लोगों की निगाहें
मोहल्ले के लोगों ने कहा कि उन्होंने इस मामले में पुलिस को लिखकर शिकायत दी है. इसके साथ ही डिप्टी कमिश्नर पटियाला को भी शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई है. अब लोगों की निगाहें प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं. मोहल्ले के लोगों की मांग है कि इस खतरनाक कुत्ते को यहां से हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी और व्यक्ति की जान को खतरा न हो. लोगों ने यह भी कहा कि पंजाब में पिटबुल को लेकर पहले से ही बैन के आदेश लागू हैं. ऐसे में प्रशासन को नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.
Rajasthan News: राजस्थान में खरीफ फसल पर मौसम के साथ खाद की मार, किसानों की बढ़ी चिंता
Rajasthan News: राजस्थान में इस बार खरीफ की फसल किसानों के लिए दोहरी चुनौती किसानों के सामने आ खड़ी हुई है. एक तरफ कमजोर बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ाई हुई है, वहीं दूसरी ओर फसल बो चुके किसानों को यूरिया, DAP और NPK खाद पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में किसानों की भजनलाल सरकार से कई शिकायतें सामने आ रही हैं. बारिश की कमी के चलते पिछले वर्ष की तुलना में इस साल करीब 12 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हुई है. ऐसे में जो किसान फसल की बुवाई कर चुके हैं, उनके सामने अब फसल को खाद की समय पर खुराक देने की भी चुनौती खड़ी हो गई है.
निर्धारित मुल्य से अधिक दाम में खरीदनी पड़ रही खाद
किसानों के लिए खरीफ का शुरुआती दौर बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस समय फसल को पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिलने पर उत्पादन प्रभावित हो सकता है. राजस्थान के किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे और जैसे-तैसे उपलब्ध पानी का सहारा लेकर उन्होंने बुवाई की थी. मगर किसानों को अब खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है. कई जगहों पर किसान यूरिया, DAP और NPK की स्टॉक पूरी तरह खाली है. इसने किसानों की परेशानी को बढ़ा दिया है. कई जगह किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है और नैनो यूरिया खरीदने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है.
ये भी पढ़ें- CM Bhajanlal Sharma Convoy: सीएम भजनलाल के काफिले पर क्यों उठ रहे हैं सवाल? हादसों के बाद घिरी सुरक्षा व्यवस्था
सरकार के दावो निकले झूठे
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार लगातार किसानों के हित में काम करने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के दावे करती नजर आई है. ऐसे में अब सवाल यह है कि जब खरीफ का सीजन पहले ही कम बारिश की मार झेल रहा था, तो किसानों के लिए खाद की पर्याप्त व्यवस्था पहले से क्यों नहीं की गई? क्या सरकार के स्तर पर खाद की मांग और उपलब्धता का सही आकलन नहीं किया गया था?
कौन लेगा बर्बाद फसलों की जिम्मेदारी?
सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि यदि किसानों को समय पर यूरिया, DAP और NPK नहीं मिला तो उनकी फसल और उत्पादन पर पड़ने वाले संभावित नुकसानों की जिम्मेदारी किसकी होगी? सरकार की ओर से किसानों को यह भरोसा कैसे दिया जाएगा कि उन्हें खाद के लिए लंबी कतारों और बाजार में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी?
मौसमी मार झेल रहे किसान
किसानों को कमजोर बारिश का असर खरीफ की बुवाई पर पहले ही दिखाई दे रहा है. पिछले साल के मुकाबले करीब 12 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में बुवाई होना कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में बुवाई किए गए इलाकों की फसल को बचाना इस वक्त सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए. अगर खाद की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित नहीं हुई तो इसका सीधा असर किसानों की लागत, पैदावार और आय पर पड़ेगा.
सरकार आगे क्या करेगी?
राज्य सरकार को अब सिर्फ खाद की उपलब्धता के दावे करने के बजाय प्रत्येक जिले में वास्तविक स्टॉक की स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए. किसानों को यह स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए कि किस जिले में यूरिया, DAP और NPK का कितना स्टॉक उपलब्ध है और नई खेप कब तक पहुंचेगी. CM भजनलाल शर्मा से किसानों का सवाल है कि जब मौसम की चुनौती पहले से सामने थी, तो खादपूर्ति को लेकर ऐसी स्थिति क्यों बनी? क्या सरकार यह सुनिश्चित कर पाएगी कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद के लिए परेशान न होना पड़े और अगर खाद की कमी से फसल प्रभावित होती है, तो किसानों को राहत देने के लिए सरकार की क्या ठोस योजना है?
ये भी पढ़ें- Jaipur News: खतरे में है जयपुर की विरासत! अवैध निर्माण और पुरानी हवेलियों का कायाकल्प कहीं छीन न लें UNESCO का सम्मान
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










