सलमान का इंस्टाग्राम अकाउंट हुआ डीएक्टिवेट:जीरो फॉलोअर्स दिखे, फिर दोबारा एक्टिव हुआ; आखिरी पोस्ट में पैपराजी पर निकाला था गुस्सा
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान का इंस्टाग्राम अकाउंट अचानक बंद होने के बाद अब दोबारा चालू हो गया है। कुछ घंटों पहले सर्च करने पर उनका ऑफिशियल अकाउंट 'बीइंगसलमानखान' दिखाई नहीं दे रहा था। मोबाइल पर उनके फॉलोअर्स की संख्या जीरो दिख रही थी, जबकि डेस्कटॉप पर पेज उपलब्ध न होने का एरर मैसेज आ रहा था। अब उनका अकाउंट फिर से एक्टिव हो गया है, जिस पर 7.2 करोड़ (72 मिलियन) फॉलोअर्स हैं। अकाउंट गायब होने की यह घटना उनके एक हालिया विवाद के बाद हुई है। कुछ दिन पहले सलमान खान ने मुंबई के एक अस्पताल में पैपराजी पर परेशान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लगातार कई पोस्ट शेयर करके अपना गुस्सा जाहिर किया था। मोबाइल और डेस्कटॉप पर आ रहा था एरर मैसेज सोमवार को कुछ समय के लिए सलमान खान का सोशल मीडिया अकाउंट पूरी तरह से गायब हो गया था। कुछ यूजर्स को उनका प्रोफाइल तो दिख रहा था, लेकिन फॉलोअर्स और पोस्ट की संख्या जीरो हो गई थी। वहीं डेस्कटॉप वर्जन पर 'सॉरी, दिस पेज इज नॉट अवेलेबल' लिखा आ रहा था। सलमान सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और अपनी फिल्मों से जुड़े अपडेट्स शेयर करते हैं। पैपराजी पर भड़क गए थे सलमान अकाउंट गायब होने से पहले सलमान इंस्टाग्राम पर पैपराजी भड़क गए थे। दरअसल पिछले हफ्ते मंगलवार को सलमान खान हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे। उन्हें देखते ही पैपराजी ने उनकी अपकमिंग फिल्म मातृभूमि चिल्लाना शुरू कर दिया। पैपराजी के शोर से एक्टर भड़क गए। सलमान करीब आए और सभी को सुनाने लगे। उन्होंने पैपराजी को जमकर खरी-खोटी सुनाई और फिर बाद में सीरीज में पोस्ट शेयर कर सभी को चेतावनी दी थी। कुछ देर बाद उन्होंने आधिकारिक X अकाउंट से एक-एक कर 4 पोस्ट कीं। पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा, “अगर मैं किसी प्रेस वाले को अस्पताल में मेरी पीड़ा का मजा लेते देखूं। उस प्रेस वाले के लिए मैंने खड़ा होकर बात की है, उनका ध्यान रखा है ताकि वो भी अपनी रोजी-रोटी कमा सकें।” दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “लेकिन अगर वो मेरे नुकसान से पैसा कमाना चाहते हैं, तो करते रहें। भाई भाई मातृभूमि पिक्चर की मां की आंख, पिक्चर इंपोर्टेंट है या लाइफ।” तीसरी पोस्ट में सलमान लिखते हैं, “ऐसे मैं सौ जला दूंगा। भाई का एक भाई के दुख पर अगली बार कोशिश कर लेना मेरे साथ। बस कोशिश कर लेना, जब भी तुम्हारा कोई अस्पताल में होगा, क्या मैं ऐसा रिएक्ट करूंगा?” 'लोनली' पोस्ट पर मां सलमा खान ने पूछा था हाल सलमान खान ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक डार्क रूम में सोफे पर लेटे हुए अपनी तस्वीर शेयर की थी, जिसमें वे अपनी मस्कुलर बॉडी दिखाते नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने एक पोस्ट में खुद को 'लोनली' (अकेला) बताया था। इस पोस्ट को देखकर उनकी माता सलमा खान भी चिंतित हो गई थीं और उन्होंने फोन करके उनका हालचाल पूछा था। एक्टर ने 'मी टाइम' की बात कहकर दी थी सफाई अकेलेपन वाले पोस्ट पर चर्चा बढ़ने के बाद सलमान खान ने खुद आगे आकर सफाई दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि वे कभी-कभी लोगों के बीच बोर हो जाते हैं, इसलिए उन्हें अपने लिए थोड़ा समय (मी टाइम) चाहिए होता है। सलमान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों की तैयारियों में व्यस्त हैं और सोशल मीडिया के जरिए लगातार अपने विचार साझा करते रहते हैं।
फिल्म अभिनेता आर.माधवन के संघर्ष की कहानी:फौजी नहीं बन पाए, सर्जरी ने 3 साल रोक दिया करिअर; आज हैं पैन-इंडिया स्टार
हिंदी और तमिल सिनेमा जगत में आर.माधवन आज न सिर्फ एक स्थापित अभिनेता, बल्कि जाने-माने निर्माता-निर्देशक भी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 25 मई को उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित करेंगी। जानते हैं उनकी संघर्ष से सफलता की कहानी… जमशेदपुर में एक मध्यमवर्गीय तमिल परिवार में 1 जून 1970 को जन्मे आर.माधवन का जीवन आर्थिक व शारीरिक संघर्षों और करिअर की चुनौतियों से भरा रहा है। माधवन कॉलेज के दिनों में सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट थे। फौज में अफसर बनना उनका सपना था, लेकिन उम्र संबंधी नियमों के चलते वह परीक्षा में अयोग्य कर दिए गए। संघर्ष -गुजारे के लिए कोचिंग देते, फिल्मों में रिजेक्शन झेले 1993 में माधवन मुम्बई आए तो उनके पास पैसे नहीं थे। वे पब्लिक स्पीकिंग की कोचिंग और छोटी-मोटी मॉडलिंग से गुजारा करते थे। तमिल फिल्म "इरुवर' के लिए स्क्रीन टेस्ट में मणिरत्नम ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया। चॉकलेटी छवि के कारण उन्हें गंभीर भूमिकाओं के लिए कई रिजेक्शन झेलने पड़े। माधवन जब करिअर के शिखर पर थे तो थ्री ईडियट्स की शूटिंग में उनके घुटने में चोट आई। डॉक्टरों की सलाह को अनदेखा कर वे तमिल फिल्म शूट करने लगे और वापस उसी घुटने में इतनी गंभीर चोट लगी कि उनकी ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में दो सर्जरी करनी पड़ीं। यह कॅरिअर का सबसे बुरा दौर था। 3 साल तक वे फिल्मों से दूर रहे। फिर "रॉक्रेट्री' की शूटिंग के दौरान कोरोना आ गया। माधवन बताते हैं कि तब चार साल तक उनकी कोई कमाई नहीं हुई। सफलता - तमिल सिनेमा से चमके, रहना है से बने स्टार माधवन उन गिने-चुने अभिनेताओं में हैं, जो अंग्रेजी, हिंदी और दक्षिण भारतीय भाषाओं में 70 से ज्यादा फिल्में कर चुके हैं। सबसे पहले 1997 में माधवन ने अंग्रेजी फिल्म "इन्फर्नो' में छोटी-सी भूमिका निभाई। इससे पहले वे टीवी एड और धारावाहिक करते थे। 1998 में "शांति,शांति,शांति' से कन्नड डेब्यू किया। 2000 में तमिल ब्लाॅकबस्टर "अलाईपायुथे' उनके कॅरिअर का टर्निंग पॉइंट रही। इससे पहचान मिली और माधवन ने "रहना है तेरे दिल में' से धमाकेदार बॉलीवुड डेब्यू किया। 2006 से 2015 के बीच माधवन ने रंग देे बसंती, थ्री ईडियट्स, तनु वेड्स मनु में दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। "रॉक्रेट्री: द नंबी इफेक्ट' से वो निर्माता भी बन गए। माधवन को आइफा, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, टेलीविजन अकादमी अवॉर्ड के अलावा कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं।
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