Responsive Scrollable Menu

Explainer: नींद से उठकर फ्लाइट उड़ाने नहीं चले जाते पायलट्स, जानें उनकी चेकिंग और सिक्योरिटी के नियम

हम जब फ्लाइट्स में बैठते है तो कॉकपिट में बैठे पायलट पर सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है. फ्लाइट में बैठने से पहले अधिकांश लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या पायलट सीधे नींद से उठकर एयरपोर्ट आते हैं और विमान उड़ाने पहुंच जाते हैं? इसका जवाब है- बिल्कुल नहीं. कमर्शियल फ्लाइट्स के पायलट्स के लिए ड्यूटी, रेस्ट, मेडिकल फिटनेस, शराब की जांच और एयरपोर्ट सिक्योरिटी से जुड़े कई सारे नियम लागू होते हैं. 

भारत में इन नियमों की निगरानी मुख्य रूप से डीजीसीए और विमानन सुरक्षा से जुड़े प्राधिकरणों द्वारा की जाती है. पायलट की जिम्मेदारी सिर्फ विमान उड़ाना नहीं बल्कि उड़ान से पहले खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रखना भी है. डीजीसीए के मौजूदा फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन में पायलटों के वर्किंग घंटे और स्ट्रेस प्रबंधन के लिए विस्तृत प्रावधान हैं. 

पायलट के लिए सबसे पहले जरूरी है पर्याप्त आराम

पायलटों की ड्यूटी एक तय रोस्टर के हिसाब से होती है. इसका मतलब ये नहीं कि जरूरत पड़ने पर एयरलाइन किसी पायलट को लगातार उड़ान के लिए बुला नहीं सकती है. डीजीसीए के नियमों के तहत एयरलाइन को पायलट के फ्लाइट ड्यूटी पीरियड, ड्यूटी पीरियड और रेस्ट पीरियड का रिकॉर्ड और निर्धारण करना होता है. मौजूदा नियमों के अनुसार, उड़ान ड्यूटी शुरू होने से पहले पायलट को कम से कम उतना आराम मिलना चाहिए जितना उसकी पिछली ड्यूटी अवधि थी या कम से कम 12 घंटे, जो भी ज्यादा हो. खास बात है कि अगर ड्यूटी में कई टाइम जोन क्रॉस किए गए हों तो आवश्यक आराम की अवधि और बढ़ सकती है.

अगर कोई पायलट रातभर ड्यूटी कर चुका है तो तुरंत उसे अगली फ्लाइट के लिए कॉकपिट में नहीं भेजा जा सकता. रोस्टर बनाते वक्त एयरलाइन्स पायलट को पर्याप्त आराम और रात की नींद का मौका देना होता है. 

 ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें- Explainer: आरुषि हत्याकांड की तरह फिर से सिया-चेतन को सजा से बचा लेंगे वकील मीर? जानें क्या है दोनों केसों का कनेक्शन?

थकान पर भी सख्त नियम

उड़ान में थकान एक गंभीर सुरक्षा जोखिम है. डीजीसीए के नियमों के अनुसार, फटीग यानी थकान नींद की कमी, लंबे वक्त तक जागने की वजह होता है, जिससे पायलट की सतर्कता, सुरक्षित काम करने की क्षमता और यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है. नियम के अनुसार, अगर पायलट को लगता है कि वह थका हुआ है और फ्लाइट की सुरक्षा इससे प्रभावित हो सकती है तो उसे फ्लाइट में नहीं जाना चाहिए. ऐसे पायलट को एयरलाइन भी ड्यूटी नहीं दे सकती है. 

एयरपोर्ट पहुंचने के बाद क्या होता है?

पायलट के लिए एयरपोर्ट पहुंचना फ्लाइट शुरू होने का मतलब नहीं है. उसकी रिपोर्टिंग टाइम निर्धारित होती है और उसे उड़ान से पहले कई प्रक्रियाओं से गुजरना होता है. डीजीसीए के नियमों के अनुसार, एयरलाइन को ऐसा रिपोर्टिंग टाइम तय करना होता है, जिसमें पायलटों को प्री फ्लाइट गतिविधियों और कॉकपिट की तैयारियां पूरी करने का भरपूर समय मिले.

ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें- Explainer: 4 राज्यों में इसी महीने से शुरू हो जाएगी जनगणना, क्या जाति प्रमाण पत्र दिखाना भी होगा अनिवार्य? जानें सबकुछ

क्या पायलट का Breath Analyzer Test होता है?

भारत में फ्लाइट क्रू के लिए Breath Analyzer (BA) टेस्ट एक महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पायलट या अन्य संबंधित क्रू सदस्य शराब के नशे में तो ड्यूटी पर नहीं आ गया. कई बार तो फ्लाइट के बाद भी Breath Analyzer टेस्ट किया जाता है. यानी ये सिर्फ मेडिकल चेकअप नहीं है बल्कि पायलट की फिटनेस और अल्कोहल इस्तेमाल को लेकर अहम सुरक्षा जांच है. मान लीजिए टेस्ट में पायलट या फिर क्रू का कोई सदस्य शराब के नशे में मिलता है तो उसे फ्लाइट ड्यूटी ले हटाया जा सकता है. इसके बाद तय नियमों के अनुसार, आगे की कार्रवाई की जाएगी.   

क्या हर फ्लाइट से पहले पायलट का पूरा मेडिकल टेस्ट होता है?

हर फ्लाइट से पहले पायलट का पूरा मेडिकल चेकअप नहीं होता. पायलटों के लिए नियमित डीजीसीए मेडिकल असेसमेंट की अलग व्यवस्था होती है, जो कमर्शियल फ्लाइट के पायलटों के लिए अहम है. 40 वर्ष तक के पायलटों के लिए मेडिकल रिनियुअल असेसमेंट तीन साल की अवधि पर, 41-50 वर्ष के लिए वैकल्पिक वर्षों में और 51-65 वर्ष के लिए हर साल निर्धारित किया गया है. इसके अलावा, अगर पायलट की तबीयत, फिटनेस या फिर कोई खास मेडिकल समस्या आती है तो एक्स्ट्रा मेडिकल असेसमेंट की जरूरत पड़ सकती है.

ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें- Explainer: Instagram से बीमार हो रहे हैं Teenagers! यौन शोषण की चपेट में युवतियां; रिसर्च और कोर्ट के फैसलों ने बढ़ाई चिंता

पायलट की सिक्योरिटी चेक कैसे होती है?

एयरपोर्ट पर सिर्फ यात्री ही सिक्योरिटी चेक से नहीं गुजरते बल्कि फ्लाइट्स के क्रू को भी सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ता है. एयरपोर्ट सल्टाफ और फ्लाइट क्रू के सामान की सबसे पहले चेकिंग होती है, जिससे प्रतिबंधित चीजें अंदर न जा सके. उनके हैंड बैगेज को भी चेक किया जाता हैं.

गांजा पीकर फ्लाइट उड़ा रहा था पायलट

4 अगस्त 2026 को थाईलैंड के फुकेट से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट (AI2379) के मुख्य पायलट (पायलट-इन-कमांड) का डोपिंग टेस्ट पॉजिटिव आया है. आरोप है कि पायलट ने गांजा फूंका था. उड़ान के दौरान, विमान अचानक भयंकर टर्बुलेंस का शिकार हुआ और करीब 300 फीट नीचे जा गिरा. विमान में 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य थे. टर्बुलेंस की वजह से 17 से 20 यात्री घायल हो गए हैं. 

ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें- Explainer: क्यों 13 देश भारत से खरीदना चाहते हैं ब्रह्मोस? अन्य देशों की मिसाइलों से कितनी ताकतवर? जानें खासियत और कीमत

Continue reading on the app

  Sports

दुनिया के 5 बल्लेबाज...जिन्होंने करियर के पहले वनडे में बनाए सबसे ज्यादा रन, दक्षिण अफ्रीकी बैटर के नाम महारिकॉर्ड

5 batsman Most runs in debut match in ODI: वनडे में डेब्यू मैच ही किसी भी खिलाड़ी के करियर की असली परीक्षा होती है. दबाव भरे इस माहौल में जहां कई दिग्गज बिखर जाते हैं, वहीं कुछ ऐसे निडर बल्लेबाज भी हुए जिन्होंने अपने पहले ही मुकाबले में रनों का तूफान खड़ा कर दिया. दक्षिण अफ्रीका के मैथ्यू ब्रीट्जके ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ऐतिहासिक पारी खेलकर 47 साल पुराना डेसमंड हेन्स का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया. रहमानुल्लाह गुरबाज, मार्क चैपमैन और कॉलिन इनग्राम जैसे धाकड़ बल्लेबाजों ने भी अपने डेब्यू पर ही ताबड़तोड़ शतक जड़कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया. Thu, 13 Aug 2026 19:14:24 +0530

  Videos
See all

Sayoni Ghosh: ‘गृह मंत्री जवाब देने को तैयार, विपक्ष क्यों भागा?’ | #amitshah #bjp #parliament #yt #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-13T14:15:36+00:00

Parliament Monsoon Session: "Rahul Gandhi के दिमाग में जिन्नाह की आत्मा" Nishikant Dubey का तीखा वार #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-13T14:12:31+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers