प्रधान बोले- CBSE मामले की जिम्मेदारी लेता हूं:मानता हूं कुछ गड़बड़ियां हुईं हैं; अधिकारियों से बोले- सिस्टम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि छात्रों की समस्याओं का समय पर, पारदर्शी और छात्र हित में समाधान किया जाए। सिस्टम के अंदर या बाहर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी। इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के CBSE और केंद्र सरकार पर उठाए सवालों पर प्रधान ने कहा- यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा। दरअसल, गुरुवार को प्रधान ने नई दिल्ली में CBSE मुख्यालय में हुई अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, CBSE चेयरपर्सन राहुल सिंह, IIT मद्रास और IIT कानपुर के डायरेक्टर, शिक्षा मंत्रालय, केंद्रीय विद्यालय संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और CBSE के सीनियर अधिकारी शामिल हुए। प्रधान के सभी अधिकारियों को निर्देश अधिकारी बोले- अबतक 11 लाख स्कैन आंसर सीट देखी गईं बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस साल लगभग 18 लाख छात्रों ने Class 12 की परीक्षा दी। इसके तहत करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और लगभग 40 करोड़ स्कैन पेज प्रोसेस किए गए। अब तक करीब चार लाख छात्र पोर्टल के जरिए लगभग 11 लाख स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देख चुके हैं। शिक्षा मंत्री ने CBSE पोर्टल पर लॉगिन दिक्कतों, सर्वर पर ज्यादा लोड और पेमेंट से जुड़ी समस्याओं को लेकर IIT मद्रास के प्रोफेसरों और डिजिटल सिस्टम एक्सपर्ट्स की टेक्निकल टीम पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता, लॉगिन मैनेजमेंट और पेमेंट गेटवे सिस्टम की समीक्षा की जिम्मेदारी दी है। CBSE ने कहा- OSM प्रक्रिया सुरक्षित और मजबूत बैठक में CBSE ने कहा कि ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) डिजिटल इवेल्यूशन के लिए सेफ और मजबूत IT प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इस सिस्टम का सिक्योरिटी ऑडिट कराया गया है और इसमें आंसर शीट की स्कैनिंग और प्रोसेसिंग के लिए कई लेयर की सेफ्टी और क्वालिटी चेक मौजूद हैं। राहुल गांधी ने Coempt Edutech पर सवाल खड़े किए 27 मई को राहुल गांधी ने CBSE एग्जाम के डिजिटल इवेल्यूशन का कॉन्ट्रैक्ट Coempt Edutech के पास होने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया है कि Coempt Edutech का पुराना नाम Globarena था और जिसका रिकॉर्ड विवादों से जुड़ा रहा है। इसलिए इस मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए। इसके लिए SIT गठन हो। राहुल गांधी ने X पर पोस्ट में पूछा था कि Coempt को यह कॉन्ट्रैक्ट किसके आदेश पर दिया गया और क्या कंपनी का बैकग्राउंड चेक किया गया था। अगर बैकग्राउंड चेक हुआ और फिर भी कॉन्ट्रैक्ट दिया गया, या जांच ही नहीं हुई, दोनों ही हालत में सरकार जिम्मेदार है। राहुल गांधी के COEMPT को लेकर 7 सवाल राहुल के सवाल पर प्रधान का जवाब राहुल के सवालों पर प्रधान ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा। प्रधान ने यह भी कहा है कि लगातार मिल रहीं चुनावी हार के कारण राहुल गांधी निराश हैं। इसलिए टेक्निकल प्रोग्रेस का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने SIR का विरोध किया, EVM का विरोध किया और Digital India का भी विरोध किया। वह भारत की वैज्ञानिक प्रगति के साथ खड़े नजर नहीं आते। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि यह राजनीति करने का समय नहीं है। छात्रों पर मानसिक दबाव और नहीं बढ़ना चाहिए और सभी पक्षों से अपील की कि कोई भी बयान या व्यवहार छात्रों के तनाव को और न बढ़ाए। प्रधान के जवाब पर राहुल का पलटवार शिक्षा मंत्री के बयान पर राहुल गांधी ने कहा है मुझ पर हमला करने से शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाएगी। अगर प्रधानमंत्री वास्तव में छात्रों की चिंता करते, तो इतने छात्रों का भविष्य खतरे में डालने के लिए धर्मेंद्र प्रधान को पहले ही हटा दिया गया होता। ……………………… CBSE विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CBSE वेबसाइट पर कोई भी कर सकता है कॉपी चेक:19 साल के छात्र का दावा- मास्टर पासवर्ड कोई भी देख सकता है, पोर्टल पर सिक्योरिटी नहीं 19 साल के एक स्टूडेंट निसर्ग अधिकारी ने दावा किया है कि उसने CBSE की वेबसाइट आसानी से हैक कर ली। निसर्ग एक साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर है। निसर्ग के ब्लॉग को आंत्रप्रेन्योर डीडी दास ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है। पूरी खबर पढ़ें…
बिहार विधान परिषद चुनाव: सीट शेयरिंग को लेकर चर्चाएं तेज, विजय कुमार चौधरी बोले- NDA में कोई मतभेद नहीं
बिहार विधान परिषद की रिक्त हो रही नौ सीटों को लेकर सियासी गलियारों में जारी गहमागहमी के बीच उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने गठबंधन के भीतर किसी भी प्रकार के मतभेद से इनकार करते हुए एनडीए की पूर्ण एकजुटता का दावा किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एनडीए के सभी सहयोगी दल पूरी तरह से एकजुट हैं और आगामी चुनाव में बेहतर तालमेल के साथ मिलकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब सीट शेयरिंग को लेकर विभिन्न सहयोगी दलों के मध्य खींचतान की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिससे राजनीतिक पारा चढ़ना स्वाभाविक था।
उपमुख्यमंत्री चौधरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए गठबंधन की मजबूती पर विशेष जोर दिया। उन्होंने दोहराया कि एनडीए का गठबंधन बेहद मजबूत है और हम सब मिलकर यह चुनाव लड़ेंगे। उनका यह वक्तव्य गठबंधन के भीतर किसी भी संभावित दरार की खबरों को खारिज करने का एक ठोस प्रयास था, जिससे यह संदेश जाए कि सभी घटक दल एक साथ मिलकर चुनावी चुनौतियों का सामना करने को तत्पर हैं और उनमें कोई आंतरिक कलह नहीं है। उन्होंने गठबंधन के मजबूत तालमेल और सहयोगी दलों की एकजुटता पर बारंबार बल दिया, जिससे आम जनमानस में यह धारणा स्थापित हो सके कि एनडीए एक सशक्त राजनीतिक इकाई के रूप में कार्य कर रहा है।
दरअसल, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के मुखिया और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एनडीए से अपने दल के लिए एक सीट की मांग की थी। इस मांग के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में गठबंधन के भीतर ‘खटपट’ की अटकलें तेज हो गई थीं, जिससे यह कयास लगाए जाने लगे थे कि क्या एनडीए के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर सर्वसम्मति बन पाएगी। मांझी का यह बयान उस समय आया जब विधान परिषद की सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया निकट थी और सभी दल अपनी स्थिति स्पष्ट करने में लगे थे, जिससे उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी उत्सुकता बढ़ गई थी।
मांझी की मांग पर क्या बोले विजय चौधरी?
जीतन राम मांझी की इस मांग पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बड़े ही सधे हुए अंदाज में प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नेता और राजनीतिक दल को अपनी बात रखने तथा अपनी मांग प्रस्तुत करने का पूरा अधिकार प्राप्त है। चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव के समय अपनी मांग रखना एक स्वाभाविक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जिसमें कोई असामान्य बात नहीं है और इसे गठबंधन के भीतर मतभेद का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि एनडीए के सभी सहयोगी साथी आपस में बैठकर इस विषय पर विस्तृत चर्चा करेंगे और मिलकर ही आगे की रणनीति को अंतिम रूप देंगे, जिससे गठबंधन के भीतर सामंजस्य बना रहे और सभी दलों की आकांक्षाओं का सम्मान हो सके।
चुनाव आयोग द्वारा इस संबंध में जारी कार्यक्रम के अनुसार, विधान परिषद की इन रिक्त सीटों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अवधि 1 जून से प्रारंभ होकर 8 जून तक निर्धारित की गई है। इसके उपरांत, नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून तय की गई है। मतदान 18 जून को संपन्न होगा, जबकि मतगणना भी उसी दिन मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद प्रारंभ होकर नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे, जिससे चुनावी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके और परिणामों की घोषणा में अनावश्यक विलंब न हो। इस प्रकार, चुनावी गहमागहमी के बीच एनडीए की एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।
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