Anupama ने दो सालों तक झेला टॉक्सिक रिश्ता, बॉयफ्रेंड की 'स्प्लिट पर्सनैलिटी' का शिकार हुई एक्ट्रेस
Anupama Parameswaran on Toxic Relationship: साउथ एक्ट्रेस अनुपमा परमेश्वरन पिछले कुछ समय से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में है. एक्ट्रेस के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद कयास लगाए जाने लगे थे कि उन्होंने अपने कथित बॉयफ्रेंड ध्रुव विक्रम (Dhruv Vikram) से दूरी बना ली है. वहीं, अब अनुपमा ने अपने उस पोस्ट के पीछे की वजह बताई है. उन्होंने खुलासा किया है कि वो दो सालों तक 'नार्सिसिस्टिक एब्यूज' का शिकार हुई हैं.
अनुपमा ने बताई पोस्ट के पीछे की वजह
हाल ही में अनुपमा परमेश्वरन ने ‘I Am with Dhanya Varma’ को इंटरव्यू दिया. इस दौरान जब उनसे उनके वायरल पोस्ट को लेकर सवाल किया गया तो एक्ट्रेस ने कहा- 'उस एक पोस्ट के पीछे दो साल का दर्द, शारीरिक और भावनात्मक बर्बादी छिपी है. मैं कुछ भी जल्दबाजी में शेयर नहीं करना चाहती थीं. ये एक ऐसी लड़की की कहानी थी, जिसने अपनी जिंदगी में एक बहुत बड़ी बात को समझा और फिर उससे बाहर निकलने और खुद को ठीक करने में समय लिया. '
दो साल तक झेला नार्सिसिस्टिक एब्यूज
अनुपमा परमेश्वरन ने बिना किसी का नाम लिए बताया कि उन्होंने दो साल तक नार्सिसिस्टिक एब्यूज का सामना किया. उन्होंने कहा- 'बहुत से लोग 'नार्सिसिस्टिक अब्यूज' के बारे में नहीं जानते. एक दिन वो 'रेमो' बन जाता था. तब मुझ पर प्यार और परवाह की बारिश होती थी और शायद मुझे लगता था कि मैं दुनिया की सबसे खुशनसीब इंसान हूं. लेकिन, अगले ही दिन वह 'अनियन' बन जाता था. ये उसका सबसे बेरहम रूप होता था और उसे इस बात की जरा भी परवाह नहीं होती थी कि उसके आस-पास क्या हो रहा है.'
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माफी मांगकर फिर गलतियां दोहराना
एक्ट्रेस ने बातचीत में आगे बताया कि वो जिस रिश्ते में थी वो इंसान फिर एक दिन 'अंबी' बनकर अपनी गलतियों के लिए उनसे माफी मांगता था और बच्चे की तरह रोता था और वो कभी भी उन गलतियों को न दोहराने का वादा करता था, लेकिन फिर वही प्यार का चक्र दोबारा शुरू हो जाता था.' बता दें, यहां अनुपमा ने चियान विक्रम की फिल्म अनियन का जिक्र किया है कि उनके फिल्मी किरदार की तरह उनका पार्टनर की 'स्प्लिट पर्सनैलिटी' थी और वो इसका शिकार हुईं.
डर के साये में जीती थीं एक्ट्रेस
अनुपमा परमेश्वरन ने बातचीत में आगे बताया कि पिछले दो सालों में उन्होंने काफी कुछ झेला और उनकी वजह से उनका परिवार भी परेशान रहता था. उन्होंने बताया कि उन दो सालों में आगे बढ़ने के बजाय, उन्हें लगा कि वो अंदर से सिमटती जा रही हैं. उनका वजन काफी कम हो गया था और वो हमेशा डर के साये में जीती थीं. एक्ट्रेस ने कहा कि उन्हें कभी पता नहीं होता था कि उस दिन उस व्यक्ति का कौन सा रूप उन्हें देखने को मिलेगा.
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रांची- CM हाउस जाने वाले रोड पर बैरिकेडिंग, जवान तैनात:आदोलनकारी छात्र 16 अगस्त को कर सकते हैं घेराव; बोले- मांग पूरी होने तक वही बैठेंगे
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का प्रदर्शन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र अनशन और धरना पर बैठे हुए हैं। 6 छात्र अभी भी भूख हड़ताल कर रहे हैं। आंदोलन कर रहे छात्र राधे कुमार ने कहा, ‘हमारे प्रदर्शन को 20 दिन हो गए, लेकिन सरकार हमारी नहीं सुन रही है। दुख की बात है कि 2 दिन बाद 15 अगस्त है। हम भी स्वतंत्रता दिवस मनाना चाहते हैं, कि दुर्भाग्य है कि सीएम हमारी मांग को नहीं सुन रहे हैं।’ छात्रों की मांग है कि जब तक JSSC-CGL परीक्षा रद्द और मामले की CBI जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र अब अपनी मांगों को लेकर सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत करना चाहते हैं। इधर, कांके रोड को किले में तब्दील कर दिया गया। बुधवार रात 11 बजे सीएम आवास के पास भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। इनमें जिला पुलिस के अलावा जैप-1 और जैप-6 के जवान शामिल हैं। जैप-6 में ट्रेनिंग कर रहे 280 जवानों को भी मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा में लगाया गया है। सीएम हाउस जाने वाली सड़क (कांके रोड) पर जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। स्टूडेंट्स बोले- हमें देवेंद्रनाथ ने मिलने नहीं दिया जा रहा रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में गुरुवार को छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की टीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनकी स्थिति को लेकर चिंता जताई। टीम ने कहा, विधानसभा घेराव के दौरान हुए हंगामे में देवेंद्रनाथ महतो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टीम के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें देवेंद्रनाथ महतो से मिलने नहीं दिया जा रहा है। अस्पताल में इलाजरत दूसरे छात्रों के हालत की भी जानकारी नहीं मिल पा रही। छात्रों ने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की तबीयत कैसी है और वह ठीक हैं या नहीं। छात्रों का कहना है कि सरकार आंदोलन को कमजोर करने में लगी है। छात्र नेता को सदर अस्पताल में कैदी की तरह रखा गया है। टीम ने मांग की है कि देवेंद्रनाथ महतो को जल्द से जल्द वापस आंदोलन स्थल पर भेजा जाए। पूर्व CM रघुवर दास छात्रों से मिले बुधवार की शाम झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और BJP नेता रघुवर दास छात्रों से मिलने धरनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा-"अगर एक हफ़्ते के अंदर पूरे मामले की CBI जांच का आदेश नहीं दिया गया, तो मैं भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर अनशन पर बैठूंगा। मैं यह विरोध तब तक जारी रखूंगा जब तक यह भरोसा नहीं दिलाया जाता कि झारखंड के छात्रों का भविष्य अब खतरे में नहीं पड़ेगा..." दबाव के तरीकों की कड़ी निंदा करता हूं: रघुवर दास रघुवर दास ने कहा-"मैं हेमंत सोरेन सरकार के अधिकारियों द्वारा हमारे युवाओं और बच्चों का मनोबल तोड़ने और उन्हें अपना आंदोलन खत्म करने के लिए मजबूर करने के लिए अपनाए गए दबाव के तरीकों की कड़ी निंदा करता हूं। मैं इन प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देना चाहता हूं। आपको अपने करियर की चिंता करनी चाहिए। आपका करियर भारत सरकार और गृह मंत्रालय से जुड़ा है। आपका करियर झारखंड के लोगों से जुड़ा है। झारखंड के टैक्सपेयर्स का पैसा ही आपको आपकी सैलरी और बंगले देता है। इस आंदोलन में दखल देने की कोशिश न करें। वरना, झारखंड के लोग आपके सिस्टम को ईंट-दर-ईंट ढहा देंगे।" छात्र आंदोलन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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