NZ vs IRE: विलियमसन-लैथम ने रचा इतिहास, टेस्ट क्रिकेट में ऐसा करने वाले दुनिया की पहली जोड़ी बनी
NZ vs IRE TEST: इंडियन प्रीमियर लीग के शोर के बीच न्यूजीलैंड के 2 दिग्गजों ने टेस्ट क्रिकेट में ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जो 149 साल के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था। न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान केन विलियमसन और मौजूदा कप्तान टॉम लैथम अब टेस्ट क्रिकेट में 12 अलग-अलग देशों में मैच खेलने वाले दुनिया के पहले क्रिकेटर बन गए।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि आयरलैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के दौरान सामने आई। यह मुकाबला बुधवार से बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब मैदान पर शुरू हुआ। इसी मैच के साथ विलियमसन और लैथम ने रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया।
दोनों खिलाड़ियों ने इससे पहले बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज, संयुक्त अरब अमीरात और जिम्बाब्वे में टेस्ट मैच खेले थे। अब आयरलैंड में उतरते ही दोनों ने 12 देशों में टेस्ट खेलने का अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा देशों में खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब विलियमसन और लैथम सबसे ऊपर पहुंच गए। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न और रिकी पोंटिंग, पाकिस्तान के वकार यूनुस, सकलैन मुश्ताक, यूनुस खान, इंजमाम-उल-हक, मोहम्मद यूसुफ, मिस्बाह-उल-हक और वेस्टइंडीज के क्रिस गेल और शिवनारायण चंद्रपॉल ने 11 देशों में टेस्ट खेले थे।
149 साल के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में अब तक कोई खिलाड़ी 12 देशों में टेस्ट मैच नहीं खेल पाया था। ऐसे में न्यूजीलैंड की इस जोड़ी ने एक नया कीर्तिमान बना दिया है।
यह टेस्ट आयरलैंड क्रिकेट के लिए भी खास है। न्यूजीलैंड सिर्फ चौथी टीम बनी है, जिसने आयरलैंड का दौरा टेस्ट मैच के लिए किया है। आयरलैंड ने अपना पहला टेस्ट मई 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ डबलिन में खेला था। इसके बाद जुलाई 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ बेलफास्ट में टेस्ट मुकाबला हुआ था। मौजूदा आयरलैंड-न्यूजीलैंड टेस्ट देश की धरती पर खेला जा रहा सिर्फ तीसरा टेस्ट मैच है।
35 साल के केन विलियमसन पहले ही न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। अब इस मैच में उनके पास एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका है। अगर वह आयरलैंड के खिलाफ अर्धशतक लगा देते हैं, तो वह 12 अलग-अलग टेस्ट देशों में 50 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन जाएंगे।
विलियमसन और लैथम की यह उपलब्धि सिर्फ न्यूजीलैंड क्रिकेट ही नहीं, बल्कि पूरे टेस्ट क्रिकेट इतिहास के लिए बेहद खास मानी जा रही है।
Cherry Tomatoes: गमले में चेरी टमाटर उगाने का ये है आसान तरीका, बालकनी गार्डन में आएगी हरियाली
Cherry Tomatoes Plantation: आजकल लोग ताजी और केमिकल-फ्री सब्जियां खाने के लिए होम गार्डनिंग की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। खासकर छोटे आकार और हल्के मीठे स्वाद वाले चेरी टमाटर लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। अच्छी बात यह है कि इन्हें उगाने के लिए बड़े खेत या बगीचे की जरूरत नहीं होती। आप अपने घर की बालकनी, छत या खिड़की के पास रखे गमले में भी आसानी से चेरी टमाटर उगा सकते हैं।
सही मिट्टी, धूप और थोड़ी देखभाल के साथ चेरी टमाटर का पौधा तेजी से बढ़ता है और कुछ ही हफ्तों में फल देना शुरू कर देता है। अगर आप भी घर पर ऑर्गेनिक तरीके से चेरी टमाटर उगाना चाहते हैं, तो कुछ आसान टिप्स अपनाकर शानदार फसल पा सकते हैं। आइए जानते हैं घर के गमले में चेरी टमाटर लगाने का आसान तरीका।
चेरी टमाटर उगाने के गार्डनिंग टिप्स
सही गमले का करें चुनाव
चेरी टमाटर उगाने के लिए कम से कम 12 से 15 इंच गहरा गमला चुनें। गमले में पानी निकासी के लिए नीचे छेद होना जरूरी है, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। प्लास्टिक, मिट्टी या ग्रो बैग किसी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
मिट्टी तैयार करने का तरीका
चेरी टमाटर के पौधे के लिए हल्की और पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। इसके लिए 50 प्रतिशत सामान्य मिट्टी, 30 प्रतिशत गोबर की खाद या कंपोस्ट और 20 प्रतिशत रेत या कोकोपीट मिलाएं। इससे मिट्टी नरम रहेगी और पौधों की जड़ें तेजी से बढ़ेंगी।
बीज या पौधा कैसे लगाएं
आप नर्सरी से छोटा पौधा खरीद सकते हैं या बीज से भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं। बीज को लगभग आधा इंच गहराई में लगाएं और ऊपर से हल्की मिट्टी डाल दें। इसके बाद स्प्रे बोतल से पानी दें। लगभग 7 से 10 दिनों में छोटे पौधे निकलने लगेंगे।
धूप और पानी का रखें ध्यान
चेरी टमाटर के पौधों को रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे धूप की जरूरत होती है। इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें, जहां अच्छी धूप आती हो। मिट्टी सूखने लगे तभी पानी दें। जरूरत से ज्यादा पानी देने पर जड़ें खराब हो सकती हैं।
पौधे को सहारा देना जरूरी
जब पौधा बड़ा होने लगे, तो उसे लकड़ी या स्टिक का सहारा दें। इससे पौधा झुकता नहीं है और टमाटर अच्छी तरह बढ़ते हैं। समय-समय पर सूखी पत्तियां हटाते रहें, ताकि पौधे की ग्रोथ बेहतर बनी रहे।
कब मिलेंगे टमाटर?
सही देखभाल के साथ लगभग 60 से 70 दिनों में पौधे पर छोटे-छोटे लाल चेरी टमाटर आने लगते हैं। ये टमाटर स्वाद में हल्के मीठे होते हैं और सलाद, पास्ता व सैंडविच में खूब इस्तेमाल किए जाते हैं।
इन बातों का भी रखें ध्यान
पौधों में कीड़े लगने पर नीम ऑयल का स्प्रे करें। महीने में एक बार ऑर्गेनिक खाद डालते रहें। बारिश के मौसम में पौधों को ज्यादा पानी से बचाना जरूरी होता है।
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लेखक: (कीर्ति)
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