CSIR UGC NET June 2026: यूजीसी नेट जून परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें एग्जाम डेट
CSIR UGC NET June 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने CSIR UGC NET June 2026 परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो उम्मीदवार जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी एडमिशन के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट csirnet.nta.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 27 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 19 जून 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। वहीं आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 20 जून 2026 निर्धारित की गई है।
कितनी है आवेदन फीस?
सीएसआईआर यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा के लिए अलग-अलग वर्गों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क तय किया गया है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 1150 रुपये फीस जमा करनी होगी। वहीं ईडब्ल्यूएस और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 600 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों को 325 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा।
कब होगी परीक्षा?
NTA द्वारा CSIR UGC NET June 2026 परीक्षा का आयोजन 17 और 18 जुलाई 2026 को किया जाएगा। परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित होगी। पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। उम्मीदवारों को तीन घंटे में बहुविकल्पीय प्रश्न हल करने होंगे।
आवेदन के लिए जरूरी योग्यता
इस परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन पास होना जरूरी है। इसके अलावा जो छात्र अभी स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं।
आयु सीमा की बात करें तो JRF के लिए अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है। हालांकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
ऐसे करें आवेदन
उम्मीदवार सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट csirnet.nta.nic.in पर जाएं। इसके बाद होमपेज पर उपलब्ध CSIR UGC NET June 2026 Registration लिंक पर क्लिक करें। मांगी गई जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें और लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें। जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन शुल्क जमा करें और फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंट आउट सुरक्षित रख लें।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ लें और अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
Gold Prices: सोने की कीमतें 2 महीने के सबसे निचले स्तर पर, फिर मिडिल ईस्ट में युद्ध भड़कने की आशंका
Gold Prices: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टेंशन का असर अब ग्लोबल बाजारों में साफ दिखाई देने लगा। सोने की कीमतें लगातार गिरकर 2 महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गईं। मजबूत डॉलर, बढ़ती महंगाई की चिंता और मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात ने गोल्ड मार्केट पर दबाव बढ़ा दिया।
बुधवार को स्पॉट गोल्ड करीब 2 फीसदी तक टूटकर 4365 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। सिंगापुर समयानुसार दोपहर तक सोना 1.8 फीसदी गिरकर 4374.11 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। सिल्वर में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली और यह 3.6 फीसदी टूटकर 71.98 डॉलर पर पहुंच गया। प्लेटिनम और पैलेडियम की कीमतों में भी कमजोरी रही।
गोल्ड की कीमतें 2 महीने के सबसे निचले स्तर पर
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव माना जा रहा। अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिकी बेस को निशाना बनाने का दावा किया। वहीं कुवैत ने भी मिसाइल और ड्रोन खतरों के खिलाफ एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय करने की जानकारी दी।
मिडिल ईस्ट में फिर भड़क सकता युद्ध
इन घटनाओं ने मिडिल ईस्ट में शांति वार्ता की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि वह ईरान के साथ चल रही बातचीत से संतुष्ट नहीं हैं। इसके बाद बाजार में डर और बढ़ गया।
ब्रेंट क्रूड पर भी पड़ रहा असर
तनाव का असर तेल बाजार पर भी दिखा। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 98 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। यही वजह है कि अब निवेशकों को लगने लगा है कि दुनियाभर के केंद्रीय बैंक ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकते हैं।
आमतौर पर ज्यादा ब्याज दरों के माहौल में सोने की मांग कमजोर पड़ जाती है क्योंकि गोल्ड पर कोई ब्याज नहीं मिलता। वहीं डॉलर मजबूत होने से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना और महंगा हो जाता है। फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक ने भी कहा कि महंगाई गलत दिशा में जा रही है और जरूरत पड़ी तो ब्याज दरें फिर बढ़ाई जा सकती हैं।
मार्केट एक्सपर्ट जस्टिन लिन का कहना है कि निवेशकों का सेफ हेवन के तौर पर गोल्ड पर भरोसा कमजोर पड़ रहा। उनके मुताबिक अगर तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो सोना 4000 से 4250 डॉलर के सपोर्ट रेंज तक फिसल सकता है।
(प्रियंका कुमारी)
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