केला खाने का सही समय कौन सा? सुबह, खाली पेट या रात, जानिए क्या कहता है विज्ञान
नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। बहुत से लोग केले को नाश्ते, वर्कआउट से पहले या बाद में और कभी-कभी रात की हल्की भूख के समय भी खा लेते हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया में कई तरह की धारणाएं मौजूद हैं। कोई इसे सुबह खाली पेट खाने की सलाह देता है तो कोई रात में केला खाने को नुकसानदायक बताता है, लेकिन वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो केले को खाने का कोई एक समय नहीं है। केला एक आम फल है, जो कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, पोटैशियम और विटामिन बी6 जैसे पोषक तत्वों से भरपूर है। इसे आप अपनी सहूलियत और शरीर की जरूरत के हिसाब से खा सकते हैं।
अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ के अनुसार , एक केले में करीब 422 मिलीग्राम पोटैशियम और 0.4 मिलीग्राम विटामिन बी6 होता है। पोटैशियम नसों और मांसपेशियों के काम और शरीर में पानी के संतुलन के लिए जरूरी है, जबकि विटामिन बी6 प्रोटीन के इस्तेमाल और कई एंजाइम संबंधी प्रक्रियाओं में मदद करता है। केले में कार्बोहाइड्रेट भी अच्छी मात्रा में होता है। इसी वजह से जिम जाने वाले और खिलाड़ी इसे स्नैक के तौर पर खाना पसंद करते हैं। इससे तुरंत ऊर्जा मिलती है, लेकिन सिर्फ केला खाने से शरीर की सभी पोषक जरूरतें पूरी नहीं होंगी। इसे संतुलित भोजन का एक हिस्सा मानना बेहतर है।
अगर खाली पेट केला खाना सही है या गलत, तो अगर किसी को सुबह केला खाने से कोई परेशानी नहीं होती, तो इसे नाश्ते में शामिल किया जा सकता है। वहीं जिन लोगों को खाली पेट फल खाने के बाद पेट फूलने या भारीपन जैसी समस्या महसूस होती है, वे ब्रेड, ओट्स या दही के साथ ले सकते हैं। केला-दूध का शेक या स्मूदी बहुत आम है। केला कार्बोहाइड्रेट देता है, जबकि दूध प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व उपलब्ध कराता है। अगर किसी व्यक्ति को दूध और केला दोनों आसानी से पचते हैं तो यह कॉम्बिनेशन सामान्य डाइट का हिस्सा हो सकता है। समस्या तब आती है जब किसी को लैक्टोज से दिक्कत होती है। ऐसे में गैस या पेट फूलने की शिकायत हो सकती है लेकिन इसका इस स्थिति को सिर्फ केले से जोड़ना सही नहीं होगा।
रात में केला खाने से कोई न लेकिन अगर रात में खाने के बाद पेट भारी लगता है, तो इसे दिन में लेना बेहतर रहेगा। डायबिटीज और किडनी के मरीजों को थोड़ी सावधानी रखनी चाहिए। डायबिटीज में केले में मौजूद शर्करा ब्लड शुगर बढ़ा सकती है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखें। किडनी की बीमारी में शरीर से अतिरिक्त पोटैशियम बाहर निकालना मुश्किल हो जाता है। इसलिए ऐसे मरीजों को डॉक्टर या डाइटीशियन से पूछकर ही केला खाना चाहिए।
केला एक अच्छा और सस्ता फल है। यह एनर्जी देता है और पोटैशियम, फाइबर की कमी पूरी करता है, लेकिन किसी एक फल पर निर्भर रहना ठीक नहीं। सेहत के लिए केले के साथ-साथ दूसरे फल, सब्जी, दाल, साबुत अनाज और प्रोटीन को भी डाइट में शामिल करना जरूरी है।
--आईएएनएस
पीके/वीसी
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'उत्तराखंड में मेरे भाषण के बाद BJP ने स्टेज धोया, शुद्धिकरण कराया...', राज्यसभा में खरगे का बड़ा आरोप, BJP ने दिया ये जवाब
Kharge in Rajya Sabha: संसद में मानसूत्र के आखिरी दिन भारी हंगामा हुआ. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में उनके स्टेज का शुद्धिकरण हुआ. वहीं जवाब देते हुए बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि बीजेपी ऐसे आचरण का समर्थन नहीं करती है.
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी पिछली सभा का जिक्र करते हुए कहा कि जब मैं हल्द्वानी में था, जहां मैंने रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया. वहां लाखों लोग मौजूद थे. उस समय मैंने किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया. कहा कि मैंने केवल सरकार से जुड़े मुद्दों को दोहराया. लेकिन मेरे भाषण के बाद, बीजेपी के लोगों ने उस मंच को 'शुद्ध' करने के लिए वहां हवन किया. क्या लोकतंत्र में ऐसा होता है? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? मैं विपक्ष का नेता हूं.
#WATCH | In Rajya Sabha, LoP and Congress chief Mallikarjun Kharge says, "...I was in Haldwani where I made a public speech at Ramlila Maidan. Lakhs of people were there. At that time, I did not mention the name of any community or religion; I only reiterated the issues of the… pic.twitter.com/oePxPC0jBr
— ANI (@ANI) August 13, 2026
बीजेपी ने दिया जांच का भरोसा
राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को जवाब देते हुए कहा कि यह वाकई दुखद है. न सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए, बल्कि हम सभी के लिए. बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती. कभी नहीं. लेकिन हम इसकी जांच करेंगे. मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि वहां जो कुछ भी हुआ, उसकी निश्चित रूप से जांच की जाएगी. नड्डा ने कहा कि लेकिन मैं यह साफ करना चाहता हूं कि बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती. मैं इसकी निंदा करता हूं. राष्ट्रीय अध्यक्ष इस मामले को देखेंगे। यह हम सभी के लिए बहुत खेद की बात है कि आपकी भावनाएं आहत हुईं.
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सांसद राजीव शुक्ला ने सीएम से दखल देने की मांग की
मामले में कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि यह बिल्कुल गलत है. राजनीति में इस स्तर तक गिरना निंदनीय है. अगर खड़गे-जी, जो दलित हैं, किसी सभा को संबोधित करते हैं, तो उत्तराखंड में यह 'शुद्धिकरण' का अनुष्ठान कैसा व्यवहार है? इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता यह वाकई शर्मनाक बात है, फिर भी मुख्यमंत्री अब तक चुप हैं. सीएम धामी को इस पर बोलना चाहिए.
चुनावी शंखनाद के लिए हुई थी सभा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गत 8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी में सभा की थी. यह सभा चुनावी शंखनाद के लिए रामलीला मैदान में हुई. इसका नाम विजय शंखनाद रैली रखा गया था. कांग्रेस ने चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को तैयार करने का संदेश दिया था. इसी सभा के बाद खरगे ने मंच धोने का आरोप लगाया है.
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