'बॉलीवुड का पाकिस्तान प्रेम कब खत्म होगा....', कंगना रनौत ने साधा नसीरुद्दीन शाह पर निशाना, फिल्म इंडस्ट्री को लेकर कही ऐसी बात
Kangana Ranaut on Naseeruddin Shah: बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं. इस बार उन्होंने मशहूर एक्टर नसीरुद्दीन शाह के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने छात्र आंदोलनों के मुद्दे पर बॉलीवुड की चुप्पी पर सवाल उठाए थे. कंगना ने नसीरुद्दीन शाह की आलोचना करते हुए न सिर्फ अपने पुराने बयान का बचाव किया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी पक्ष लिया और फिल्म इंडस्ट्री के एक ग्रुप पर कई गंभीर आरोप लगाए.
'जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वो भौंक नहीं सकता'
दरअसल, ये पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब नसीरुद्दीन शाह ने शिक्षा सुधारों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में बॉलीवुड सेलेब्रिटीज की चुप्पी पर सवाल उठाया. ‘द वायर’ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि बॉलीवुड के लोग तभी किसी मुद्दे पर बोलेंगे, जब उनका जमीर उन्हें ऐसा करने के लिए कहेगा. इसी दौरान उन्होंने एक कहावत का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वो भौंक नहीं सकता. नसीरुद्दीन शाह के इसी बयान पर कंगना रनौत ने सोशल मीडिया के जरिए तीखी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि वो नसीरुद्दीन शाह की तरह ‘लोमड़ी’ कहलाने के बजाय ‘कुत्ता’ कहलाना पसंद करेंगी. इसके साथ ही उन्होंने शाह पर भारत में रहकर पड़ोसी देश के पक्ष में बोलने का आरोप भी लगाया था.
नसीरुद्दीन शाह के बयान से शुरू हुआ विवाद
नसीरुद्दीन शाह लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखने के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में उन्होंने छात्र आंदोलनों और उनके समर्थन में फिल्म इंडस्ट्री की चुप्पी को लेकर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा था कि बॉलीवुड के कलाकार और बड़े सितारे किसी मुद्दे पर तभी अपनी आवाज उठाते हैं, जब उन्हें पर्सनली लगता है कि बोलना उनके लिए सुरक्षित है. इसी रिफरेन्स में उन्होंने ‘हड्डी वाले कुत्ते’ की कहावत का इस्तेमाल किया था. शाह के बयान के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस शुरू हो गई. इसी बहस में कंगना रनौत भी शामिल हो गईं और उन्होंने एक्टर पर निशाना साधा.
कंगना ने बताया क्यों कहा था ‘लोमड़ी’
अब कंगना ने अपने पुराने बयान पर सफाई देते हुए बताया है कि उन्होंने नसीरुद्दीन शाह को लेकर इतनी तीखी टिप्पणी क्यों की थी. कंगना के मुताबिक, नसीरुद्दीन शाह ने एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और धमकी भरी बातें की थीं. कंगना ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री दुनिया भर में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान भी मिले हैं. ऐसे में उनके पद की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए. कंगना ने कहा कि वो लोकतंत्र और संविधान की गरिमा को महत्व देती हैं और उनका मानना है कि देश के संवैधानिक पदों का सम्मान किया जाना चाहिए, भले ही किसी व्यक्ति की राजनीतिक विचारधारा अलग क्यों न हो. उन्होंने इसी आधार पर नसीरुद्दीन शाह की आलोचना करने को सही ठहराया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किया बचाव
कंगना ने अपनी बात रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी बचाव किया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और नेताओं की आलोचना की जा सकती है, लेकिन आलोचना करते समय भाषा और संवैधानिक पद की गरिमा का ध्यान रखना जरूरी है. कंगना का कहना था कि प्रधानमंत्री देश का प्रतिनिधित्व करते हैं और इसलिए उनके खिलाफ किसी भी तरह की टिप्पणी करते समय लोकतांत्रिक मर्यादाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए. वहीं कंगना और नसीरुद्दीन शाह के बीच ये टकराव नया नहीं है. दोनों अलग-अलग मौकों पर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर अपनी राय रखते रहे हैं. यही वजह है कि दोनों के बयान अक्सर सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन जाते हैं.
पाकिस्तान को लेकर भी कंगना ने उठाए सवाल
अपने ताजा बयान में कंगना रनौत ने बॉलीवुड के कुछ लोगों पर पाकिस्तान को लेकर कथित तौर पर नरम रुख अपनाने का आरोप भी लगाया. कंगना ने सवाल उठाया कि आखिर फिल्म इंडस्ट्री में पाकिस्तान को लेकर ये कथित ‘प्रेम कहानी’ कब खत्म होगी. उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच विभाजन को कई दशक बीत चुके हैं और दोनों देशों के बीच लगातार तनाव की स्थिति बनी रहती है. ऐसे में बॉलीवुड के कुछ लोगों की पाकिस्तान को लेकर सहानुभूति उन्हें समझ नहीं आती.
कंगना ने पहलगाम आतंकी हमले और भारत के ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए भी अपनी बात रखी. उनका कहना था कि देश के नागरिक पड़ोसी देश से जुड़े मुद्दों और सुरक्षा को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री का एक ग्रुप अब भी पाकिस्तान को लेकर अलग तरह का नजरिया रखता है. हालांकि, पाकिस्तान और बॉलीवुड को लेकर कंगना के ये आरोप उनके निजी राजनीतिक विचार हैं और इन्हें पूरे फिल्म इंडस्ट्री की राय के तौर पर नहीं देखा जा सकता.
#WATCH | Delhi: On calling veteran actor Naseeruddin Shah a ‘lomdi’ for his comment on student protests, BJP MP Kangana Ranaut says, "This isn't a new issue; the film industry has always held this attitude. You witnessed the attack on Parliament. I have many parliamentarian… pic.twitter.com/fI1bK9bdaA
— ANI (@ANI) August 12, 2026
‘फिल्म इंडस्ट्री वाले घड़ियाली आंसू बहा रहे थे’
कंगना ने इस दौरान दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शनों और झारखंड में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच भी तुलना की. उन्होंने आरोप लगाया कि जब दिल्ली में प्रदर्शन हुए थे, तब फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग वहां पहुंचकर अपनी एकजुटता दिखा रहे थे. लेकिन जब झारखंड में छात्रों से जुड़ा विवाद सामने आया, तो वही लोग कथित तौर पर चुप रहे. कंगना ने इसी को ‘घड़ियाली आंसू’ बताते हुए फिल्म इंडस्ट्री पर दोहरे क्राइटेरिया अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने सवाल किया कि अगर बॉलीवुड के लोग छात्रों और उनके अधिकारों को लेकर इतने चिंतित हैं, तो फिर झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में क्यों नहीं पहुंचे? उनका कहना था कि अगर किसी मुद्दे पर आवाज उठानी है तो फिर हर जगह समान तरीके से आवाज उठाई जानी चाहिए. किसी एक आंदोलन का समर्थन और दूसरे आंदोलन पर चुप्पी को लेकर उन्होंने सवाल खड़े किए.
‘कब खत्म होगी बॉलीवुड की पाकिस्तान से प्रेम कहानी?’
कंगना ने अपने बयान में बॉलीवुड और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर भी तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जब भी भारत-पाकिस्तान से जुड़ा कोई संवेदनशील मुद्दा सामने आता है, तब फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोग पाकिस्तान के प्रति सहानुभूति दिखाते नजर आते हैं. उन्होंने सवाल किया कि आखिर विभाजन के इतने साल बाद भी ये रवैया क्यों बना हुआ है.
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Independence Day Essay in Hindi: स्वतंत्रता दिवस पर कक्षा 6 से 8वीं के छात्रों के लिए ये रहे आसान और शानदार निबंध
Independence Day Essay in Hindi: देश का राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त इस बार शनिवार के दिन मनाया जाने वाला है. आजादी दिवस के मौके पर स्कूल, कॉलेजों में निबंध प्रतियोगिताएं रखवाई जाती है. इन आयोजनों में छात्र बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं. ऐसे कॉम्पिटिशन न सिर्फ बच्चों के अंदर उत्साह को बढ़ाते हैं बल्कि ये बच्चों को अपने देश के इतिहास के बारे में भी बताते हैं. इस वर्ष देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. आजादी के 80 साल का जश्न देश धूमधाम से मनाने वाला है. भारत के वीर सेनानियों के बलिदान को इस दिन याद किया जाएगा. लाल किले से प्रधानमंत्री देश को संबोधित करेंगे और झंडा फहराएंगे.
अगर आप या आपके बच्चे स्कूल में निबंध लेखन प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले हैं तो उन्हें आप ये निबंध याद करवा सकते हैं. इस आर्टिकल में हम आपको 10 लाइनों से लेकर 500 शब्दों का स्वतंत्रता दिवस पर निबंध बता रहे हैं.
Essay on Independence Day in Hindi: 15 अगस्त पर निबंध हिंदी में
15 अगस्त पर लिखें 10 लाइनों का यह निबंध (80th Independence Day)
- 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली.
- आजादी के बाद हमारे देश में हमने अपने सभी मौलिक अधिकार हासिल कर लिए.
- हम सभी को एक भारतीय होने पर गर्व होना चाहिए, और हमें अपने भाग्य की प्रशंसा करनी चाहिए, कि ह स्वतंत्र भारत की भूमि में पैदा हुए हैं.
- 1857 से 1947 तक कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने जीवन और कई दशकों के संघर्ष को कुर्बान कर दिया, भारत को आजाद करने के लिए.
- भारत की आजादी के लिए ब्रिटिश सेना में एक भारतीय सैनिक (मंगल पांडे) ने सबसे पहले अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई.
- कई महान स्वतंत्रता सेनानियों ने बाद में संघर्ष किया और अपना पूरा जीवन केवल स्वतंत्रता प्राप्त करने में लगा दिया.
- भगत सिंह, खुदी राम बोस और चंद्रशेखर आजाद जैसे सभी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, जिन्होंने कम उम्र में अपने देश के लिए लड़ने के लिए अपनी जान गंवा दी, को कभी नहीं भुलाया जा सकता.
- गांधीजी एक महान भारतीय व्यक्ति थे, जिन्होंने भारतीयों को अहिंसा का एक बड़ा सबक दिया.
- हम बहुत भाग्यशाली हैं, कि हमें हमारे पूर्वजों के द्वारा शांति और खुशी की भूमि हमें दी गई है, जहां हम पूरी रात बिना किसी डर के सो सकते हैं और पूरे दिन स्कूल या घर में आनंद ले सकते हैं.
- लोग राष्ट्रीय ध्वज फहराकर और राष्ट्रगमातरम. कर स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं.
स्वतंत्रता दिवस पर लिखे आजादी का यह निबंध (15 August 2026)
प्रतिवर्ष 15 अगस्त को भारत देश के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मानाया जाता है. इस दिन को भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है. हर साल देश प्रधानमंत्री लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते है जिसके बाद राष्ट्रीय गान गाय जाता है, सेना द्वारा परेड मार्च और शक्ति प्रदर्शन किया जाता है और साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों को 21 तोपों की सलामी भी दी जाती है. देश के प्रधानमंत्री देश को सम्बोधित करते है. राष्ट्र ध्वज के सम्मान में कुछ लाइन कहना चाहूंगी/चाहूंगा.
दे सलामी इस तिरंगे को, जिससे तेरी शान है, सर हमेशा ऊंचा रखना इसका, जब तक दिल में जान है. 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पर्व को सम्पूर्ण देश में बहुत ही जोश, उमंग और देशभक्ति भाव के साथ मनाया जाता है. स्कूल और कॉलिजों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिसमे अधिकतर बच्चे भाग लेते है और अलग अलग पेशकश पेश करते है. कोई देशभक्ति गीत सुनाता है, कोई देशभक्ति से संबंधित कविता सुनाता है और कोई सांस्कृतिक गीतों पर नृत्य तैयार करते है. छात्र भगत सिंह महात्मा गांधी और अन्य क्रांतिकारी बनते है और नाटक पेश करते है. सभी दफ्तरों, कार्यालयों, संस्थानों आदि का सरकारी अवकाश रहता है.
हमने अंग्रेजों के शासन से आजादी ऐसे ही नहीं मिली है. इस आजादी को प्राप्त करने के लिए हमारे देश के बहुत से स्वतंत्रता सेनानियों ने बलिदान दिया है. हमें सभी शहीद स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों और याद रखते हुए अपने राष्ट्र का सम्मान करते हुए राष्ट्र के सम्मान को बनाये रखने का प्रण लेना चाहिए. आइये स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ दिन पर हम सभी मिलकर राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाये रखने का प्रण लेते है. कुछ लाइनों के साथ अपनी बात को समाप्त करती/करता हूं.
आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे, शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे, बची हो जो एक बूँद भी गरम लहू की, तब तक भारत माता का आंचल नीलाम नहीं होने देंगे.
जय हिन्द !........जय भारत !.....
15 अगस्त पर Essay Competition में लिखें ये Essay
स्वतंत्रता दिवस निबंध (Independence Day 2026)
आज 15 अगस्त को दिन, जब हमारा भारत माता की गोद से गुलामी की जंजीरों को तोड़कर आजाद हुआ था. यह दिन सिर्फ छुट्टी का दिन नहीं, यह उन अनगिनत डोरों की कुर्बानी का दिन है, जिन्होंने अपने आज को जलाकर हमारे कल को रोशन किया. अगर आज हम खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं, अगर हमारे चेहरे पर मुस्कान है, असर हम सपने देख पा रहे हैं, तो ये सब उन शहीदों की वजह से है, जिन्होंने हंसते हंसते फांसी का फंदा चुना, गोलियों का सीना होना, लेकिन मां भारती की आन पर आंच नहीं आने दी.
जरा सोचिए... जब वे अपने घर से निकले होंगे तो उनकी मांओं ने कितने आंसू रोके होंगे, उनकी पत्नियों ने कितने सपने दिल में दबा लिए होगे, उनके बच्चों ने कितनी मासूम आंखों से अपने पिता को जाते देखा होगा. फिर भी उन सबने एक ही बात कही 'मां भारती पहले. वो जानते थे कि शायद वो लौटकर नहीं आएंगे, लेकिन फिर भी मुस्कुराकर चले गए, सिर्फ इसलिए कि हम आजाद रह सके. आज जब हम तिरंगे को लहराते हैं, तो ये सिर्फ एक कपड़े का टुकड़ा नहीं लहराता, ये उन वीरों की आरथा को सम्मान होता है. केसरिया हमे व्याग और साहस की याद दिलाता है, सफेद हमें शांति और सच्चाई का मार्ग दिखाता है, और हरा रंग हमें विश्वास और समृद्धि का संदेश देता है, और बीच का अशोक चक्र हमें कर्म करते रहने की प्रेरणा देता है.
साथियो, आजादी हमें यूं ही नहीं मिली, इसके लिए अनगिनत कुर्बानियों हुई हैं. अगत सिंह ने हंसते-हंसते फांसी को गले लगाया, चंद्र ने कभी गिरफ्तार होना मंजूर नहीं किया, नेहरा, पटेल, सुभाष रानी लक्ष्मीबाई और न जाने कितने जवान तीरी ने अपनी पूरी जिंदगी हमें आजाद कराने में लगा दी. हमें उसका कर्ज कभी नहीं भूलना बाहिए.
आईए,आज हम सब मिलकर ये संकल्प लें हम अपने देश को और मजबूत, और खुशहाल बनाएंगे, ईमानदारी से पढ़ेंगे, नेहरूत करेंगे और हमेशा अपने देश का नाम रोशन करेंगे. यही उन शहीदों के लिए हमारी सब्बी श्रद्धांजलि होगी.
जय हिन्द, वंदे मातरम्.
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