अहमदाबाद निवेश संवाद में MP को मिले 8,635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिया GIS में शामिल होने का न्योता
अहमदाबाद में आयोजित मेगा निवेश संवाद में मध्यप्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 8,635 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से प्रदेश में 5,785 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। निवेश संवाद में गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, भावनगर, राजकोट और वडोदरा सहित प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 500 से अधिक उद्योगपति, निवेशक और कॉर्पोरेट प्रतिनिधि शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में व्यापार, नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, विस्तार और बिजनेस एक्सटेंशन के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि निवेशकों को सरकार की ओर से हर संभव सुविधा, सुरक्षा और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योग जगत को 2027 में भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का न्योता भी दिया।
मुख्यमंत्री ने निवेश अनुकूल अवसरों की जानकारी दी
अहमदाबाद निवेश संवाद में सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को बिजली, पानी और जमीन को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। औद्योगिक भूमि रियायती दरों पर लीज पर उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में पर्याप्त वाटर बैंक और सरप्लस बिजली उपलब्ध है, जबकि प्लग एंड प्ले इंडस्ट्रियल जोन भी विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 19 हजार एकड़ क्षेत्र में 48 नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए निवेशकों को विभिन्न विभागों से जुड़ी प्रक्रियाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि गुजरात के पास तकनीक, व्यापार और औद्योगिक अनुभव है, जबकि मध्यप्रदेश के पास पर्याप्त जल, लैंड बैंक और देश के मध्य में स्थित होने का लॉजिस्टिक्स लाभ है। दोनों राज्यों की खूबियों के मेल से औद्योगिक विकास को नई गति दी जा सकती है।
उन्होंने गुजरात के पेट्रोकेमिकल, रसायन, टेक्सटाइल, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और ऑटोमोबाइल उद्योगों के लिए मध्यप्रदेश में मौजूद अवसरों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बीना की पेट्रोकेमिकल परियोजना, उज्जैन के मेडिकल डिवाइस पार्क, धार के पीएम मित्र पार्क और पीथमपुर के ऑटोमोबाइल उद्योग को निवेश की प्रमुख संभावनाओं के रूप में बताया।
मध्यप्रदेश को मिले करोड़ों के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में मध्यप्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो और बायोमास जैसी नीतियों के माध्यम से भी निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। सीएम ने उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में खुले मन से निवेश करने और प्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनने की बात कही। उन्होंने कहा कि गुजरात के उद्योग जगत के अनुभव और मध्यप्रदेश के अवसरों के साथ दोनों राज्य मिलकर औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं तैयार कर सकते हैं।
मानसून सत्र का आज आखिरी दिन, कई बिल पास तो कुछ अब भी पेंडिंग, आखिरी दिन क्या होगा?
संसद के मानसून सत्र 2026 का आज आखिरी दिन है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच यह सत्र समाप्त होने जा रहा है। 20 जुलाई से शुरू हुआ यह सत्र अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आज यानी 13 अगस्त को खत्म हो रहा है। लोकसभा के आधिकारिक कैलेंडर में इस पूरे सत्र के लिए कुल 19 बैठकें तय की गई थीं। इस पूरे सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तीखे मतभेद देखने को मिले। इसके कारण कई बार सदन की कार्यवाही भी बाधित हुई। विपक्ष ने लगातार अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए जवाब की मांग की, वहीं सरकार ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने और चर्चा में हिस्सा लेने की अपील की। इस सत्र में मुख्य रूप से छात्रों के आंदोलन और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा छाया रहा। विपक्ष लगातार इस मामले में गृहमंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहा था। इस मुद्दे पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि वह सदन में जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और आज इस मामले पर उनके जवाब देने की संभावना है।
सत्र के दौरान विपक्ष ने छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ राम मंदिर चंदा चोरी के मामले को भी जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से जवाब मांगा। हालांकि, सत्ता पक्ष का लगातार यही कहना रहा कि सरकार नियमों के तहत सभी जरूरी और संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। इसलिए विपक्ष को हंगामा करने के बजाय सदन की कार्यवाही चलने देनी चाहिए। मानसून सत्र शुरू होने से पहले भी सरकार ने सर्वदलीय बैठक में सभी राजनीतिक दलों से सदन को शांतिपूर्वक चलाने में सहयोग की अपील की थी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से बुलाई गई इस सर्वदलीय बैठक में सरकार ने साफ किया था कि नियमों के दायरे में उठाए जाने वाले हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर वह चर्चा के लिए तैयार है।
कई अहम विधेयकों पर हुआ काम
अगर विधायी कामकाज की बात करें तो संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इस सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर काम आगे बढ़ाया गया है। इनमें एंटी पेपर लीक बिल, सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा विधेयक, केरल का नाम बदलने से संबंधित विधेयक और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। हालांकि, सत्र के दौरान कुल 19 विधेयकों के पारित होने के दावे को आधिकारिक संसदीय रिकॉर्ड में अलग-अलग बिलों की वास्तविक स्थिति देखने के बाद ही अंतिम माना जाना चाहिए। बिना आधिकारिक सत्र-समापन रिपोर्ट के इस संख्या को पूरी तरह सही आंकड़ा बताना जल्दबाजी होगी।
कई बड़े बिल अब भी पेंडिंग
इसके साथ ही कई बड़े और महत्वपूर्ण विधेयक अब भी संसद के रिकॉर्ड में लंबित दिखाई दे रहे हैं। इनमें वर्ष 2026 का परिसीमन विधेयक शामिल है, जो फिलहाल लोकसभा के रिकॉर्ड में लंबित है। इसके अलावा फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन यानी FCRA संशोधन विधेयक 2026 भी पेंडिंग विधेयकों की सूची में बना हुआ है। गृह मंत्रालय से जुड़ा यह महत्वपूर्ण विधेयक भी लोकसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में अभी लंबित दिखाया गया है। आज 13 अगस्त को इस सत्र की 19वीं और आखिरी बैठक हो रही है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि आखिरी दिन सदन में कितना विधायी काम हो पाता है। पूरे सत्र में तीखी राजनीतिक बहस के साथ कई विधायी काम जरूर हुए, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के कारण सदन का कामकाज प्रभावित भी हुआ। इसकी अंतिम तस्वीर सत्र के समापन के बाद जारी होने वाली आधिकारिक रिपोर्ट से ही पूरी तरह साफ हो पाएगी।
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