The Traitors 2: शुरू होते ही ये 4 कंटेस्टेंट हुए आउट, मुनव्वर को मिला 'धोखा' तो मल्लिका पर हुआ 'पर्सनल अटैक'
The Traitors 2: रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स' के पहले सीजन को मिली शानदार सफलता के बाद अब इसका दूसरा सीजन शुरू हे गया है. शो के तीन एपिसोड स्ट्रीम किए जा चुके हैं और जिसने आते ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा बटोरनी शुरू कर दी है. वहीं, इस धोखे और माइंड गेम से 4 कंटेस्टेंट आउट भी हो गए हैं. तो चलिए जानते हैं करण जौहर (Karan Johar) के शो में क्या-क्या हुआ?
खेल में एंट्री से पहले ही बाहर हुए दिलीप
'द ट्रेटर्स 2' के पहले ही एपिसोड में होस्ट करण जौहर ने कंटेस्टेंट्स को ऐसा झटका दिया जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. महल में एंट्री से पहले ही तीन कंटेस्टेंट्स दिलीप ताहिल (Dilip Tahil), प्रिश (Prish) और इक्का (Ikka) को हवा में लटके तीन पिंजरों में बंद कर दिया गया. बाकी कंटेस्टेंट्स के पास सिक्का उछालने वाले गेम के जरिए सिर्फ दो लोगों को बचाने का मौका था. प्रिश और इक्का बच गए, लेकिन एक्टर दिलीप ताहिल खेल में एंट्री से पहले ही बाहर हो गए.
‘ट्रेटर्स’ ने इस कंटेस्टेंट का किया मर्डर
शो में ‘ट्रेटर्स’ के रूप में कुल्लू (आदित्य कुलश्रेष्ठ), हरमन सिंघा और क्रिस्टल डिसूजा को चुना गया था. जिन्होंने बाद में मिलकर माइंड रीडर करण सिंह (Karan Singh) का मर्डर करते हुए उन्हें शो से से बाहर कर दिया. फिर शो में आगे इन ट्रेटर्स ने अपने साथ शहनील गिल (Shahneel Gill) को भी मिला लिया. शो के दूसरे एपिसोड में ‘सर्कल ऑफ शक’ में कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे पर उंगलियां उठाने लगे.
Krystle questions why they wrote Munawar’s name, jabki decision kuch aur hua tha. ????
— Next Level Videos (@MrSsGamer1) August 13, 2026
Kullu is playing really well. Double game dikh raha hoga, but that’s exactly how this game has to be played. ????#TheTraitors #Traitors2 pic.twitter.com/4b1fESeOPl
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मल्लिका पर हुआ 'पर्सनल अटैक'
शो में आगे स्टैडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने बॉलीवुड एक्ट्रेस मल्लिका शेरावत (Mallika Sherawat) पर निशाना साधा. मुनव्वर ने कहा- 'मुझे आप बिल्कुल भी स्ट्रेस्ड नहीं दिख रही हैं, आप ही ट्रेटर हैं.' इस पर मल्लिका ने कहा- 'मैं कभी स्ट्रेस नहीं लेती और अगर मैं ट्रेटर होती तो इतिहास की सबसे बेकार ट्रेटर साबित होती क्योंकि मैं साफ दिखती हूं.' इसके बाद मल्लिका काफी परेशान दिखीं और उन्होंने आरोप लगाया कि मुनव्वर ने इन पर 'पर्सनल अटैक' किया.
मुनव्वर फारूकी हुए शो से बाहर
एक तरफ जहां मुनव्वर (Munawar Faruqui) ट्रेटर को ढूंढ रहे थे. तो वहीं, दूसरी तरफ घर के बहुमत ने मुनव्वर के खिलाफ ही वोट कर दिया और मुनव्वर फारूकी को शो से बाहर होना पड़ा है. इस दौरान कॉमेडियन काफी इमोशनल हुए. उन्होंने कहा- 'मुझे उम्मीद थी कि मेरे साथ ऐसा होगा. मुझे पता था कि मुझे इसका सामना करना पड़ेगा. मेरे साथ अक्सर ऐसा होता है.
मैं दूसरों की इनसिक्योरिटी को साफ-साफ देख सकता हूं. आप एक दोस्त की तरह मेरे पास आए और मेरी बात सुनी. लेकिन अब आपने यहां मेरा नाम लिखा. इसके लिए आपका शुक्रिया.'
Unexpected eviction of Munawar in circle of shak ???? #MunawarFaruqui #Traitors2 #Munawar pic.twitter.com/EGtSj4MkeQ
— Hina_khanfc (@Hinakhanfc24) August 12, 2026
‘ट्रेटर’ का भी कटा पत्ता
तीसरे एपिसोड में ‘फेथफुल’ खिलाड़ियों ने ‘ट्रेटर’ हरमन सिंघा (Harman Singha) का पर्दाफाश कर दिया और उन्हें एलिमिनेट कर दिया. उनके साथ ही साउंडुस मौफाकिर भी शो से बेघर हो गईं. महज तीन एपिसोड्स के अंदर दिलीप ताहिल, मुनव्वर फारूकी, हरमन सिंघा और साउंडुस मौफाकिर के आउट होने के बाद अब घर में 17 कंटेस्टेंट्स बचे हैं. मल्लिका शेरावत, श्वेता तिवारी, रिया चक्रवर्ती और अभिषेक मल्हान जैसे सितारों के बीच आगे ये गेम खेला जाएगा.
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उत्तराखंड में हर घर नल का पानी पहुंचाने की तैयारी तेज, CM धामी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
CM Dhami: उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में हर घर तक साफ और पर्याप्त पेयजल पहुंचाने की दिशा में काम तेज कर दिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को राज्य में 100 प्रतिशत ‘हर घर जल’ कवरेज का लक्ष्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सिर्फ नल का कनेक्शन देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर परिवार को नियमित, पर्याप्त, सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाला पानी मिलना भी जरूरी है.
बैठक में जल जीवन मिशन के तहत चल रही योजनाओं की प्रगति, वित्तीय स्थिति, पानी की गुणवत्ता, ग्रामीण घरों में नल के पानी की उपलब्धता और योजनाओं के रखरखाव को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन ग्रामीण परिवारों को अभी तक नल का कनेक्शन नहीं मिला है, उन्हें तय समय सीमा के भीतर कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए.
सत्यापन के भी दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने पूरी हो चुकी पेयजल योजनाओं का जमीन पर जाकर सत्यापन करने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल कागजों में दर्ज कनेक्शनों की संख्या से तय नहीं होगी. यह देखना जरूरी है कि वास्तव में हर घर में नियमित रूप से पानी पहुंच रहा है या नहीं. इसके लिए अधिकारियों को योजनाओं की जमीनी स्थिति की लगातार निगरानी करने को कहा गया है.
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राज्य में 16555 योजनाओं पर चल रहा काम
जल जीवन मिशन की प्रगति की बात करें तो राज्य में कुल 16,555 योजनाओं पर काम चल रहा है. इनमें से 15,540 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 1,015 योजनाओं पर अभी काम जारी है. अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में जल जीवन मिशन की कुल प्रगति 92.46 प्रतिशत तक पहुंच गई है. यह प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है.
14.20 लाख परिवारों को मिला कनेक्शन
बैठक में बताया गया कि उत्तराखंड के कुल 14.48 लाख ग्रामीण परिवारों में से 14.20 लाख परिवारों को नल के पानी का कनेक्शन मिल चुका है. यानी बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार अब पाइप के जरिए पानी की सुविधा से जुड़ चुके हैं. अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रदेश के 14,979 गांवों में से 9,796 गांवों में नल के पानी की आपूर्ति की पुष्टि हो चुकी है.
मुख्यमंत्री धामी ने निर्माणाधीन और लंबित पेयजल योजनाओं को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि किसी भी योजना में बेवजह देरी नहीं होनी चाहिए. जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समस्याओं का जल्द समाधान कराने की जिम्मेदारी दी गई है. साथ ही प्रत्येक योजना की भौतिक और वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा गया है.
पानी के स्रोत बचाने पर विशेष ध्यान
पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड में पानी के स्रोतों को बचाने पर भी सरकार का विशेष ध्यान है. मुख्यमंत्री ने पहाड़ी क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन, बारिश के पानी को जमा करने और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा. उन्होंने हर जिले में पेयजल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के जल्द समाधान के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक जिले के लिए स्पष्ट लक्ष्य और समय सीमा तय की जाए. साथ ही योजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए जिम्मेदारी भी तय हो. उन्होंने कहा कि अगर किसी काम में अनावश्यक देरी होती है तो संबंधित कार्यदायी संस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए.
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अधिकारियों को बताय लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि जल जीवन मिशन के जरिए उत्तराखंड के हर पात्र ग्रामीण परिवार तक नल से सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाए. 92.46 प्रतिशत योजनाओं की प्रगति और 14.20 लाख ग्रामीण परिवारों तक नल का पानी पहुंचना इस दिशा में प्रदेश की अब तक की प्रगति को दिखाता है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाकी बचे काम को भी तेजी से पूरा करने और हर घर तक नियमित पानी पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं.
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