2026 में 50 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ने की राह पर भारत, घरेलू सप्लाई चेन को मजबूती देने वाली नीतियों से बढ़ी रफ्तार
नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। भारत वर्ष 2026 में सौर ऊर्जा क्षमता वृद्धि का नया रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है। वुड मैकेंजी की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में 34 गीगावाट डायरेक्ट करंट (जीडब्ल्यूडीसी) सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ी है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 38 प्रतिशत अधिक है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए पूरे वर्ष में भारत 50 गीगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ सकता है, जो देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक विस्तार होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत इस वर्ष अपने सौर ऊर्जा स्थापना इतिहास में किसी भी अन्य वर्ष की तुलना में सबसे अधिक क्षमता स्थापित करने जा रहा है। हालांकि, इस तेज वृद्धि को बढ़ावा देने वाली नीतियां घरेलू सप्लाई चेन पर दबाव भी पैदा कर रही हैं, जिसके चलते निकट अवधि में सौर परियोजनाओं की लागत बढ़ने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, डेवलपर्स ने मॉडल और निर्माताओं की स्वीकृत सूची-II (एएलएमएम-II) की जून 2026 समयसीमा से पहले परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया। इसी वजह से वर्ष की पहली छमाही में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के निर्माण और कमीशनिंग में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली।
वुड मैकेंजी के रिसर्च एनालिस्ट सुरीत सिंह ने कहा कि एएलएमएम-II भारत में पूरी तरह एकीकृत घरेलू सौर सप्लाई चेन विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता की तुलना में देश में सौर सेल निर्माण क्षमता अभी पर्याप्त गति से नहीं बढ़ पाई है। उनके अनुसार, निकट अवधि में लागत बढ़ना लगभग तय है और डेवलपर्स को कीमतों के स्थिर होने तक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजरना पड़ सकता है।
इस वर्ष सौर ऊर्जा क्षेत्र में तेजी का एक अन्य कारण अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन शुल्क में मिलने वाली छूट का धीरे-धीरे कम होना भी रहा। जुलाई 2026 से कमीशन होने वाली परियोजनाओं के लिए यह छूट 75 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है, जबकि जुलाई 2028 के बाद इसे पूरी तरह समाप्त करने की योजना है। इसी वजह से कई डेवलपर्स ने समयसीमा से पहले परियोजनाओं को पूरा करने में तेजी दिखाई।
हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में यह रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है, जिसकी मुख्य वजह घरेलू सौर सेल उत्पादन क्षमता की कमी और मॉड्यूल कीमतों में बढ़ोतरी है, जो नई परियोजनाओं के विकास पर दबाव डाल सकती है।
फिर भी, कुछ राहत भरे संकेत भी हैं। सरकार ने नेट मीटरिंग और ओपन एक्सेस परियोजनाओं को 31 दिसंबर 2026 तक एएलएमएम-II नियमों से छूट दी है। इससे आने वाले महीनों में अतिरिक्त क्षमता जुड़ने की संभावना बनी हुई है।
इसके अलावा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने जुलाई 2026 में उन परियोजनाओं के लिए भी राहत दी, जो लगभग पूर्ण होने की अवस्था में थीं। मंत्रालय ने 23 जुलाई 2026 तक आवेदन करने वाली परियोजनाओं को एएलएमएम-II की अनिवार्यता से छूट प्रदान करने पर सहमति जताई।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एएलएमएम-II के लागू होने से चीन से सीधे सौर सेल आयात में कमी आई है। हालांकि आयात पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि इसका स्रोत बदल गया है। शुरुआती 2026 में इंडोनेशिया से सौर सेल आयात लगभग तीन गुना बढ़ गया, जिससे स्पष्ट है कि कंपनियां वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रही हैं।
वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में भारत ने 5 गीगावाट वेफर्स और 20 गीगावाट सौर सेल आयात किए। घरेलू सौर सेल उत्पादन को समर्थन देने के लिए वेफर आयात में सालाना आधार पर 86 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वुड मैकेंजी के एक अन्य रिसर्च एनालिस्ट मैथ्यू थॉमस के अनुसार, जैसे-जैसे देश में अतिरिक्त सौर सेल निर्माण क्षमता स्थापित होगी, कीमतों में धीरे-धीरे स्थिरता आएगी। उनका मानना है कि 2029 तक बाजार अधिक संतुलित स्थिति में पहुंच सकता है, लेकिन इसके लिए नीतिगत स्थिरता और निर्माताओं द्वारा समय पर क्षमता विस्तार बेहद जरूरी होगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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Independence Day Speech in Hindi: 15 अगस्त पर देना है स्कूल में भाषण, यहां पढ़ें क्लास 1-5 के बच्चों के लिए 2 मिनट का आसान भाषण
Independence Day Speech in Hindi: साल 2026 में 15 अगस्त का 80वां संस्करण है. इसका अर्थ है कि भारत को आजाद हुए पूरे 80 साल हो चुके हैं. ऐसे में यह दिन हम सभी देशवासियों के लिए गर्व करने की बात है. आजादी के पूरे 79 वर्षों बाद आज हमारा भारत ऊंचाई और तरक्की के शिखर पर है. ऐसे में भारतवासियों का भी गौरव बढ़ा है. आजाद मुल्क में सांस लेना जितना आसान लगता है, उतना ही मुश्किल था इसे आजाद बनाना. इस राष्ट्रीय पर्व को हर देशवासी उत्साह और उमंग के साथ मनाते हैं. इस दिन स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में भी 15 अगस्त के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इनमें छात्रों को स्वतंत्रता सेनानियों और उनके बलिदानों के बारे में बताया जाता है. उन महान योद्धाओं को याद किया जाता है, जिनके बिना भारत देश कभी आजाद नहीं हो पाता. स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रगान होता है. बच्चे स्कूल में भाषण देते हैं, जो देशभक्ति से जुड़े होते हैं. अगर आपका बच्चा भी भाषण देने वाला है तो उसके लिए कौन सा टॉपिक अच्छा रहेगा? घबराएं नहीं, हम आपको इस आर्टिकल में ऐसा ही भाषण बताने वाले हैं जो 2 मिनट का होगा और बहुत आसानी से याद भी हो जाएगा.
Speech on Independence Day 2026: हिंदी में स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्रिय साथियों...
आज हम सभी यहां 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर एकत्रित हुए हैं. यह दिन हम सभी भारतीयों के लिए बहुत ही गर्व और सम्मान का प्रतीक है. 80वां स्वतंत्रता कोई उपहार नहीं, बल्कि हमारे वीर शहीदों के बलिदान का अमूल्य परिणाम है. 15 अगस्त 1947 को हमारा देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ. लाखों वीरों ने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें यह आजादी दिलाई. हमें उनके बलिदान को हमेशा याद रखना चाहिए और उनके सपनों का भारत बनाना चाहिए. देश की आन, बान और शान बनाए रखना ही सच्ची देशभक्ति है. आज हमारा कर्तव्य है कि हम अपने देश की तरह उन्नति करें, शिक्षा प्राप्त करें, और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करें. जहां प्रेम, एकता और सम्मान हो, वही सच्चे भारत की पहचान हो. आइए, हम सब मिलकर अपने भारत को स्वच्छ, शिक्षित, सुरक्षित और विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लें. तिरंगा केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के गौरव और सम्मान का प्रतीक है. हमेशा अपने तिरंगे का सम्मान करें और अपने देश की प्रगति में अपना योगदान दें. आओ मिलकर ऐसा भारत बनाएं, जिस पर हर भारतीय को गर्व हो.
जय हिन्द! वंदे मातरम् !!
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15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल में दे ये भाषण
आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय, सम्मानित प्रधानाचार्य जी, आदरणीय गुरुजन, तथा मेरे प्रिय साथियों, आप सभी को मेरा सादर प्रणाम.
आज हम सब यहां अपने देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं. 15 अगस्त 1947 को हमारा भारत अंगेजों की गुलामी से आजाद हुआ. यह आजादी हमें लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान से मिली है. हमें महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और अनेक वीरों के योगदान को कभी नहीं भूलना चाहिए. आज हमारा भारत विज्ञान, शिक्षा, कृषि, रक्षा, अंतरिक्ष और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा हैं. लेकिन देश को और महान बनाने की जिम्मेदारी हम सभी नागरिकों की हैं. हमें ईमानदारी, अनुशासन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता का पालन करना चाहिए. आइए, इस पावन अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि हम अपने देश का सम्मान करेंगें, संविधान का पालन करेंगे और भारत को विकनित, सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र बनाने में अपना योगदान देंगे. अंत में मैं अपने भाषण का समापन इन पंक्तियों के साथ करता हूं
"सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्तों हमारा. वंदे मातरम्! भारत माता की जय! जय हिन्द !"
धन्यवाद.
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