Responsive Scrollable Menu

अमेरिकी सीनेटरों ने 'स्पेस फोर्स' की तैयारी मजबूत करने को पेश किया बिल, गार्डियंस की ट्रेनिंग बढ़ेगी

वॉशिंगटन, 13 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका के दो सीनेटरों ने दोनों पार्टियों के समर्थन वाला एक बिल पेश किया, जिसका उद्देश्य स्पेस फोर्स की तैयारियों को मजबूत करना है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब चीन अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी सैन्य और व्यावसायिक क्षमताओं का तेजी से विस्तार कर रहा है।

अलबामा की रिपब्लिकन सीनेटर केटी ब्रिट और नेवादा की डेमोक्रेटिक सीनेटर कैथरीन कॉर्टेज मास्टो ने बुधवार को स्पेस सुपीरियोरिटी रेडीनेस एक्ट 2026 पेश किया।

इस विधेयक के तहत स्पेस फोर्स के सदस्यों, जिन्हें गार्डियंस कहा जाता है, के लिए वॉरगेमिंग, मॉडलिंग, सिमुलेशन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी संभावित संघर्ष की स्थिति में अमेरिकी अंतरिक्ष ऑपरेटर अंतरिक्ष में बढ़त कायम रख सकें और उसे बनाए रख सकें।

अमेरिकी सैन्य बल काफी हद तक अंतरिक्ष आधारित प्रणालियों पर निर्भर हैं। ये प्रणालियां मिसाइल चेतावनी, नेविगेशन, संचार, खुफिया जानकारी, निगरानी, टोही और लक्ष्य निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण कामों में मदद करती हैं। यदि ये सेवाएं बाधित होती हैं, तो किसी संघर्ष की शुरुआत में अमेरिकी सैन्य अभियानों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

सीनेटर केटी ब्रिट ने कहा, यह अच्छी तरह दर्ज है कि चीन अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रभुत्व हासिल करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और वह वाणिज्यिक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश करके अपने अंतरिक्ष कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है।

उन्होंने कहा, स्पेस सुपीरियोरिटी रेडीनेस एक्ट 2026 यह दिखाता है कि युद्ध संचालन के क्षेत्र के रूप में अंतरिक्ष कितना महत्वपूर्ण हो चुका है।

ब्रिट के अनुसार, चीन के साथ किसी संभावित संघर्ष की स्थिति में अमेरिका को अंतरिक्ष पर नियंत्रण बनाए रखने में सक्षम होना चाहिए। साथ ही उसके पास उभरते खतरों का सामना करने के लिए आवश्यक संसाधन और क्षमताएं भी होनी चाहिए।

इस प्रस्तावित कानून के तहत ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य किए जाएंगे जो अंतरिक्ष अभियानों में अमेरिका की बढ़त बनाए रखने के लिए जरूरी रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं पर केंद्रित होंगे।

विधेयक में यह भी प्रावधान है कि प्रशासन कांग्रेस को चीन की वाणिज्यिक अंतरिक्ष क्षमताओं और उनके संभावित सैन्य उपयोगों पर एक सार्वजनिक रिपोर्ट सौंपे। कानून बनने के 180 दिनों के भीतर यह रिपोर्ट पेश करनी होगी।

दोनों सीनेटरों ने अमेरिका-चीन आर्थिक और सुरक्षा समीक्षा आयोग की उन चेतावनियों का हवाला दिया, जिनमें कहा गया है कि बीजिंग तेजी से अपनी अंतरिक्ष और काउंटरस्पेस क्षमताओं का विकास कर रहा है।

सीनेटर कैथरीन कॉर्टेज ने कहा, अंतरिक्ष एक अत्याधुनिक क्षेत्र है जिसे हमें गंभीरता से लेना होगा। कम्युनिस्ट चीन अंतरिक्ष में अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहा है और अमेरिका पीछे रहने का जोखिम नहीं उठा सकता।

हाल ही में दोनों सीनेटरों ने ग्रीनलैंड स्थित पिटुफिक स्पेस बेस का दौरा किया था, जो मिसाइल चेतावनी, मिसाइल रक्षा और अंतरिक्ष निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कॉर्टेज मास्टो ने कहा, सीनेटर ब्रिट और मैंने हाल ही में पिटुफिक स्पेस बेस में अमेरिकी स्पेस फोर्स के शानदार काम को करीब से देखा। मुझे विश्वास है कि यदि गार्डियंस को आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षण और संसाधन मिलते रहे, तो वे किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार रहेंगे।

ब्रिट ने अमेरिकी स्पेस कमांड के मुख्यालय को हंट्सविल, अलाबामा स्थानांतरित करने के प्रयासों का भी समर्थन किया है। उन्होंने मार्शल स्पेस फ्लाइट सेंटर और स्पेस लॉन्च सिस्टम का भी समर्थन किया है, जिसने हाल ही में आर्टेमिस-II मिशन को शक्ति प्रदान की थी।

अमेरिकी स्पेस फोर्स की स्थापना दिसंबर 2019 में अमेरिकी सशस्त्र बलों की छठी शाखा के रूप में की गई थी। यह वायु सेना विभाग के अंतर्गत काम करती है और अंतरिक्ष में सैन्य अभियानों के लिए बलों को संगठित करने, प्रशिक्षित करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभाती है।

--आईएएनएस

एवाई/पीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

‘क्रिकेट से ज्यादा पैसा कमाने पर ध्यान’, पूर्व चीफ सिलेक्टर ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लताड़ा; मैनेजमेंट पर भी उठाए सवाल

पाकिस्तान क्रिकेट टीम इन दिनों अपने खराब प्रदर्शन को लेकर आलोचना झेल रही है. अब पाकिस्तान के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और चीफ सिलेक्टर इकबाल कासिम (Iqbal Qasim) ने मौजूदा युवा खिलाड़ियों की सोच और प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि कई युवा क्रिकेटर अपने खेल को बेहतर बनाने के बजाय पैसे कमाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. उनका मानना है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों में अपनी तकनीक, खेल की समझ और कौशल को निखारने के लिए पहले जैसी मेहनत और प्रतिबद्धता नजर नहीं आती.

खेल सुधारने की भूख कम हुई

इकबाल कासिम ने कहा कि वह अपने दौर की क्रिकेट की मौजूदा समय से तुलना नहीं करना चाहते. हालांकि, उन्हें आज के कई युवा खिलाड़ियों में अपनी कमियों को दूर करने और खेल को बेहतर तरीके से समझने की भूख नजर नहीं आती. उनके मुताबिक, खिलाड़ियों में कौशल सुधारने के लिए पहले जैसी मेहनत और प्रतिबद्धता भी दिखाई नहीं दे रही है. पीटीआई से बातचीत में कासिम ने कहा कि कई युवा क्रिकेटर खेल को समझने और अपनी तकनीक सुधारने के बजाय पैसा कमाने पर ज्यादा ध्यान देते नजर आते हैं. उनका मानना है कि किसी खिलाड़ी की सफलता के लिए लगातार मेहनत और अपने खेल की कमियों को समझना बहुत जरूरी है.

‘सफलता का मूल मंत्र आज भी वही’

कासिम ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में क्रिकेट काफी बदल गया है, लेकिन सफलता का मूल मंत्र आज भी नहीं बदला. खिलाड़ी अपने कौशल को निखारने और खेल को समझने के लिए जितना ज्यादा समय देगा, उसके सफल होने की संभावना उतनी ही बढ़ेगी. उन्होंने युवा खिलाड़ियों के कोचिंग स्टाफ और डेटा पर जरूरत से ज्यादा निर्भर रहने पर भी चिंता जताई. कासिम के मुताबिक, क्रिकेटरों को खुद बैठकर अपनी गलतियों का विश्लेषण करना चाहिए. उन्हें यह भी समझना चाहिए कि अलग-अलग परिस्थितियों में किस तरह बल्लेबाजी या गेंदबाजी करनी है.

‘देश के लिए खेलना सबसे बड़ा इनाम’

पूर्व पाकिस्तानी स्पिनर ने कहा कि किसी भी क्रिकेटर के लिए अपने देश का प्रतिनिधित्व करना सबसे बड़ा सम्मान और इनाम होना चाहिए. अगर कोई खिलाड़ी लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार करता है तो पैसा अपने आप उसके पीछे आएगा. ऐसे में खिलाड़ियों को लगातार कमाई के पीछे भागने की जरूरत नहीं है. कासिम ने कहा कि खिलाड़ी को सबसे पहले अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए. अच्छी गुणवत्ता और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाला क्रिकेटर आगे चलकर आर्थिक रूप से भी सफल हो सकता है.

चयनकर्ताओं पर भी उठाए सवाल

इकबाल कासिम ने पाकिस्तान के मौजूदा चयनकर्ताओं की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने चयन प्रक्रिया में दूरदर्शिता और निरंतरता की कमी पर चिंता जताई. साथ ही, क्रिकेट प्रशासन में जरूरत से ज्यादा दखल को लेकर भी उन्होंने अपनी बात रखी. अपने दौर को याद करते हुए कासिम ने बताया कि उस समय चयनकर्ता बिना वेतन या फीस के मानद आधार पर अपनी जिम्मेदारी निभाते थे. उनके मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट को बेहतर बनाने के लिए खिलाड़ियों के साथ-साथ चयन प्रक्रिया और प्रशासन में भी लंबे समय की योजना और स्पष्ट सोच जरूरी है.

यह भी पढ़ें- 'शुभमन गिल को गॉल टेस्ट में आउट...,' श्रीलंका के दिग्गज चामिंडा वास ने भारतीय कप्तान को लेकर कह दी बड़ी बात

Continue reading on the app

  Sports

'चीटर' स्टीव स्मिथ...बांग्लादेश के साथ खुलेआम बेईमानी, स्निको की गलती का बेशर्मी से उठाया फायदा

Steve Smith Admits edged of the ball Connect: डार्विन टेस्ट के पहले दिन बांग्लादेशी गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया को 198 रनों पर ढेर कर दिया. हालांकि, दिन की सबसे बड़ी चर्चा स्टीव स्मिथ के 'नॉट आउट' विवाद को लेकर रही. 7 रन के निजी स्कोर पर कैच आउट होने के बावजूद स्निको की चूक से बचे स्मिथ ने खुद माना कि गेंद बल्ले से लगी थी. खुद को आउट जानने के बाद भी मैदान पर डटे रहने की उनकी इस ढिठाई और बेईमानी पर क्रिकेट फैंस का गुस्सा फूट पड़ा. Thu, 13 Aug 2026 19:45:02 +0530

  Videos
See all

Sayoni Ghosh: ‘गृह मंत्री जवाब देने को तैयार, विपक्ष क्यों भागा?’ | #amitshah #bjp #parliament #yt #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-13T14:15:36+00:00

Parliament Monsoon Session: "Rahul Gandhi के दिमाग में जिन्नाह की आत्मा" Nishikant Dubey का तीखा वार #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-13T14:12:31+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers