Donald Trump ने सुरक्षा कारणों से बदला विमान, Air Force One में रहे रूबियो
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पिछले महीने तुर्किये से लौटते समय सुरक्षा कारणों से गुप्त रूप से विमान बदलने के दौरान विदेश मंत्री मार्को रूबियो और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट उसी ‘एअर फोर्स वन’ में रहे जिसका इस्तेमाल यह आभास देने के लिए किया गया था कि राष्ट्रपति इसी विमान में हैं। अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की बताया कि रूबियो को विमान बदले जाने और इसके पीछे के खतरे की जानकारी थी।
उन्होंने लेकिन यह नहीं बताया कि इसके बावजूद रूबियो उसी विमान में क्यों रहे। अधिकारी ने कहा कि बेसेन्ट को भी संभवतः इसकी जानकारी थी लेकिन वह यह बात निश्चित रूप से नहीं कह सकते। अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए किए जाने वाले इंतजाम मंत्रिमंडल के शीर्ष सदस्यों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक होते हैं तथा खासकर ऐसे राष्ट्रपति के लिए सुरक्षा इंतजाम और कड़े होते हैं जिनकी हत्या के पूर्व में कई प्रयास हो चुके हैं।
अमेरिकी संविधान के तहत राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकार क्रम में उपराष्ट्रपति और कांग्रेस के दोनों सदनों के स्पीकर के बाद विदेश मंत्री और वित्त मंत्री आते हैं। ट्रंप तुर्किये की राजधानी अंकारा में नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) देशों के नेताओं की वार्षिक बैठक में शामिल होने के लिए उस नए विमान से गए थे जो उन्हें कतर ने उपहार में दिया था लेकिन तुर्किये से रवाना होने से पहले उन्होंने कहा था कि वह वापसी की यात्रा में कुछ दूर के लिए ‘एअर फोर्स वन’ विमान का इस्तेमाल करना चाहते हैं। ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने इस सप्ताह खबर दी कि तुर्किये से वापसी की उड़ान में ट्रंप पुराने ‘एअर फोर्स वन’ में नहीं थे और संभवत: हत्या की ईरानी साजिश से बचने के लिए उन्हें खाद्य सामग्री ले जाने वाले एक वाहन के जरिये चुपके से दूसरे विमान तक पहुंचाया गया था।
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ और ‘सीबीएस न्यूज’ ने पिछले महीने खबर दी थी कि खुफिया अधिकारियों ने राष्ट्रपति या उनके विमान पर संभावित हमले को लेकर चिंता जताई थी जिसके बाद अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए गए। ट्रंप ने विमान बदलने की बात मंगलवार देर रात स्वीकार की। राष्ट्रपति ने ‘ज्वाइंट बेस एंड्रयूज’ में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह पूरी तरह ‘सीक्रेट सर्विस’ पर निर्भर करता है।
मैं वही करता हूं जो वे चाहते हैं। मैं ‘सीक्रेट सर्विस’ और सेना की सलाह मानता हूं।
Massachusetts में Arjun Arvind पर मां और भाई की हत्या का केस दर्ज किया गया
(योषिता सिंह) न्यूयॉर्क, 13 अगस्त अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य में भारतीय मूल के 17 वर्षीय किशोर पर उपनगरीय इलाके में स्थित अपने घर में अपनी मां और छोटे भाई की हत्या करने का आरोप लगाया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ऐक्टन निवासी अर्जुन अरविंद पर अपने 14 वर्षीय भाई सिद्धार्थ अरविंद और 45 वर्षीय मां सुधा वेंकटेशन की मौत के मामले में हत्या के दो आरोप, परिवार या घर के किसी सदस्य पर हमला और मारपीट के दो आरोप, हमला और मारपीट के दो अन्य आरोप, बिना अनुमति वाहन इस्तेमाल करने तथा मोटर वाहन चोरी करने के आरोप लगाए गए हैं।
आरोप है कि अर्जुन ने मंगलवार को घर में अपनी मां और भाई पर जानलेवा हमला किया और फिर फरार हो गया। सिद्धार्थ एवं सुधा ‘‘गंभीर रूप से घायल’’ अवस्था में मिले थे। अभी यह पता नहीं चल सका है कि हत्या में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया।
मिडिलसेक्स डिस्ट्रिक अटॉर्नी मैरिएन रयान और ऐक्टन पुलिस प्रमुख डगलस स्टर्निओलो ने बताया कि सिद्धार्थ एवं सुधा बोस्टन से करीब 48 किलोमीटर दूर ऐक्टन के मार्था लेन स्थित अपने घर में मंगलवार को मृत मिले। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि ऐक्टन पुलिस को 11 अगस्त को शाम छह बजकर 37 मिनट पर अर्जुन के पिता का फोन आया। उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के सदस्यों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
मार्था लेन स्थित मकान में पहुंचने पर पुलिस ने दोनों को अंदर मृत पाया। अधिकारियों के अनुसार, सिद्धार्थ का शव पहली मंजिल पर और सुधा का शव भूमिगत तल में मिला। पुलिस ने बताया कि अर्जुन घर पर नहीं था और अपनी मां की कार लेकर कथित तौर पर फरार हो गया था।
जांचकर्ताओं ने बुधवार तड़के मैसाचुसेट्स के वेलैंड में एक पार्किंग स्थल से अर्जुन को पकड़ लिया।
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