Massachusetts में Arjun Arvind पर मां और भाई की हत्या का केस दर्ज किया गया
(योषिता सिंह) न्यूयॉर्क, 13 अगस्त अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य में भारतीय मूल के 17 वर्षीय किशोर पर उपनगरीय इलाके में स्थित अपने घर में अपनी मां और छोटे भाई की हत्या करने का आरोप लगाया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ऐक्टन निवासी अर्जुन अरविंद पर अपने 14 वर्षीय भाई सिद्धार्थ अरविंद और 45 वर्षीय मां सुधा वेंकटेशन की मौत के मामले में हत्या के दो आरोप, परिवार या घर के किसी सदस्य पर हमला और मारपीट के दो आरोप, हमला और मारपीट के दो अन्य आरोप, बिना अनुमति वाहन इस्तेमाल करने तथा मोटर वाहन चोरी करने के आरोप लगाए गए हैं।
आरोप है कि अर्जुन ने मंगलवार को घर में अपनी मां और भाई पर जानलेवा हमला किया और फिर फरार हो गया। सिद्धार्थ एवं सुधा ‘‘गंभीर रूप से घायल’’ अवस्था में मिले थे। अभी यह पता नहीं चल सका है कि हत्या में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया।
मिडिलसेक्स डिस्ट्रिक अटॉर्नी मैरिएन रयान और ऐक्टन पुलिस प्रमुख डगलस स्टर्निओलो ने बताया कि सिद्धार्थ एवं सुधा बोस्टन से करीब 48 किलोमीटर दूर ऐक्टन के मार्था लेन स्थित अपने घर में मंगलवार को मृत मिले। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि ऐक्टन पुलिस को 11 अगस्त को शाम छह बजकर 37 मिनट पर अर्जुन के पिता का फोन आया। उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के सदस्यों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
मार्था लेन स्थित मकान में पहुंचने पर पुलिस ने दोनों को अंदर मृत पाया। अधिकारियों के अनुसार, सिद्धार्थ का शव पहली मंजिल पर और सुधा का शव भूमिगत तल में मिला। पुलिस ने बताया कि अर्जुन घर पर नहीं था और अपनी मां की कार लेकर कथित तौर पर फरार हो गया था।
जांचकर्ताओं ने बुधवार तड़के मैसाचुसेट्स के वेलैंड में एक पार्किंग स्थल से अर्जुन को पकड़ लिया।
Taliban ने Herat से संयुक्त राष्ट्र के दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया
अफगानिस्तान में तालिबान शासकों ने देश में संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक मिशन के दो अफगान कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। संयुक्त राष्ट्र ने यह जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फरहान हक ने संवाददाताओं को बताया कि तालिबान के खुफिया महानिदेशालय ने रविवार को पश्चिमी शहर हेरात में दोनों कर्मचारियों को हिरासत में लिया।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मिशन को अब तक यह नहीं बताया गया है कि दोनों व्यक्तियों पर क्या आरोप लगाए गए हैं और न ही मिशन के प्रतिनिधियों को उनसे मिलने की अनुमति दी गई है। हक ने कहा कि मिशन ने तालिबान से ‘‘संयुक्त राष्ट्र और उसके अधिकारियों को प्राप्त विशेषाधिकारों और छूट का पालन सुनिश्चित करने’’ का आह्वान किया है। अमेरिका और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सेनाओं के दो दशक के युद्ध के बाद अफगानिस्तान से हटने के दौरान तालिबान ने 15 अगस्त 2021 को देश की सत्ता पर कब्जा कर लिया था।
दोनों कर्मचारियों को ऐसे समय हिरासत में लिया गया है, जब गरीबी से जूझ रहे अफगानिस्तान में मानवीय संकट गहराता जा रहा है और तालिबान एवं पाकिस्तानी बलों के बीच सीमा पार संघर्ष की घटनाएं बढ़ गई हैं। ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ में अफगानिस्तान मामलों की शोधकर्ता फेरेश्ता अब्बासी ने कहा कि दोनों कर्मचारियों को हिरासत में लिया जाना ‘‘पूरे अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के कामकाज और जीवनरक्षक सहायता पहुंचाने की उसकी क्षमता के लिए गंभीर खतरा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘तालिबान अधिकारियों को हिरासत में लिए गए लोगों को तत्काल रिहा करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी सहायता एजेंसियां बिना किसी डर या हस्तक्षेप के काम कर सकें।
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