ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते Air India का बड़ा फैसला, घरेलू उड़ानों में की जाएगी कटौती
पेट्रोल डीजल के अलावा सभी ईंधन की कीमतों में वृद्धि देखने को मिल रही है। इस वृद्धि की वजह से एयरलाइंस को भी परिचालन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों में कटौती करने का फैसला लिया है। एयरलाइन की ओर से इस संबंध में जानकारी दी गई है।
एयर इंडिया की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक घरेलू उड़ानों में 20 से 22 की साड़ी की कटौती देखने को मिलेगी जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में पहले ही 27 फ़ीसदी की कमी की जा चुकी है। चलिए जान लेते हैं कितनी उड़ानों का संचालन किया जाएगा और यह कटौती कब से कब तक के लिए है।
कितनी उड़ाने कम करेगी एयर इंडिया
एयर इंडिया की ओर से हर हफ्ते 4400 उड़ने संचालित की जाती है। इनमें से 3600 घरेलू और 800 अंतरराष्ट्रीय उड़ाने शामिल है। अब एयरलाइन ने यह बताया है कि जून से अगस्त 2026 के बीच कुछ अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में पहले से किए गए बदलाव के साथ घरेलू रूट पर भी उड़ानों की संख्या अस्थाई रूप से कम की जाएगी।
We are making temporary adjustments to select international services between June and August 2026, necessitated by continued airspace restrictions over certain regions and record high jet fuel prices for international operations.
Despite these changes, Air…
— Air India (@airindia) May 15, 2026
ईंधन की बढ़ती कीमतें वजह
एयरलाइन की तरफ से लगातार बढ़ रही ईंधन की कीमतों से परिचालन लागत में हुई वृद्धि को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। कंपनी का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों पूरे संचालन पर असर डाल रही है। हालांकि कंपनी ने यह भी कहा है कि यात्रियों की मांग और परिचालन की स्थितियों पर लगातार नजर रखी जाएगी और जैसे ही हालात सामान्य होते हैं उड़ानों की संख्या फिर से बढ़ाए जाने पर विचार किया जाएगा। यह भी कहा गया है कि जिन यात्रियों की उड़ान प्रभावित होगी। उन्हें दूसरी फ्लाइट में सीट देने, तारीख बदलने की सुविधा और पूरा रिफंड देने जैसे विकल्प उपलब्ध करवाए जाएंगे।
घर के मेन गेट पर भूलकर भी न लगाएं ये पौधे, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां
हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर में सुख-शांति बनी रहे और परिवार के लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए लोग घर की सजावट से लेकर पूजा-पाठ और वास्तु तक का खास ध्यान रखते हैं। वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यहीं से घर में सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है।
कई लोग घर को सुंदर बनाने के लिए मुख्य द्वार पर अलग-अलग तरह के पौधे लगा देते हैं, लेकिन अनजाने में कुछ ऐसे पौधे भी लगा लिए जाते हैं जो वास्तु दोष का कारण बन सकते हैं। माना जाता है कि ऐसे पौधे घर में तनाव, आर्थिक परेशानी और रिश्तों में खटास बढ़ा सकते हैं।
मुख्य द्वार पर कांटेदार पौधे क्यों नहीं लगाने चाहिए
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर कभी भी कांटेदार पौधे नहीं लगाने चाहिए। कैक्टस जैसे पौधे देखने में भले ही आकर्षक लगें, लेकिन इन्हें नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
मान्यता है कि ऐसे पौधे परिवार के लोगों के बीच तनाव और विवाद बढ़ाते हैं। घर का माहौल धीरे-धीरे अशांत होने लगता है और छोटी-छोटी बातों पर झगड़े बढ़ सकते हैं। इसके अलावा सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी प्रभावित होता है।
अगर घर के बाहर पहले से कोई कांटेदार पौधा लगा हुआ है, तो उसे हटाना बेहतर माना जाता है। वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्य द्वार के आसपास हमेशा ऐसे पौधे लगाने चाहिए जो हरियाली और ताजगी का एहसास दें।
दूध वाले पौधे भी बढ़ा सकते हैं वास्तु दोष
आजकल लोगों में गार्डनिंग का शौक तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग घर के बाहर सजावटी पौधे लगाते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में दूध निकलने वाले पौधों को मुख्य द्वार के लिए शुभ नहीं माना गया है।
ऐसे पौधों से निकलने वाला सफेद द्रव्य नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं और मानसिक तनाव भी बढ़ने लगता है। वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार पर ऐसे पौधे लगाने चाहिए जो सकारात्मक ऊर्जा और शांति का प्रतीक हों। तुलसी, मोगरा या मनी प्लांट जैसे पौधे शुभ माने जाते हैं।
ऊंचे और घने पेड़ भी बन सकते हैं समस्या
घर के प्रवेश द्वार के ठीक सामने बहुत ऊंचे और घने पेड़ लगाना भी वास्तु में सही नहीं माना जाता। अगर कोई बड़ा पेड़ मुख्य द्वार की धूप और रोशनी को पूरी तरह रोक देता है, तो इसे वास्तु दोष माना जाता है।
ऐसा माना जाता है कि घर में पर्याप्त धूप और ताजी हवा का आना जरूरी होता है। जब मुख्य द्वार पूरी तरह ढक जाता है, तो सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश कम हो जाता है। इसका असर बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और परिवार की तरक्की पर पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र में इसे द्वार वेध कहा गया है। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि मुख्य द्वार खुला और रोशनी वाला रहे।
कौन से पौधे माने जाते हैं शुभ
वास्तु शास्त्र में कुछ पौधों को बेहद शुभ माना गया है। कहा जाता है कि ये पौधे घर में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं और परिवार में सुख-शांति बनाए रखते हैं। मुख्य द्वार के आसपास तुलसी का पौधा सबसे शुभ माना जाता है। इसके अलावा मनी प्लांट, अशोक, बांस और चमेली जैसे पौधे भी अच्छे माने जाते हैं। ये पौधे न सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि वातावरण को भी शुद्ध रखने में मदद करते हैं।
वास्तु के साथ साफ-सफाई भी जरूरी
सिर्फ सही पौधे लगाना ही काफी नहीं होता, बल्कि मुख्य द्वार की साफ-सफाई का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी माना जाता है। गंदगी, सूखे पौधे या टूटी चीजें नकारात्मकता को बढ़ा सकती हैं। इसलिए घर के बाहर हमेशा साफ-सुथरा और खुला माहौल रखने की सलाह दी जाती है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार का माहौल भी खुशहाल रहता है।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।
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