सर्वाइकल कैंसर से लड़ाई में बेहद जरूरी एचपीवी वैक्सीन, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। कैंसर एक ऐसा शब्द है, जिसका अंदेशा भी डर पैदा करने के लिए काफी है। आज की अनियमित जीवनशैली में यह आम बीमारी भी बन चुका है। हालांकि, इससे बचाव का तरीका भी है। हेल्थ एक्सपर्ट सर्वाइकल कैंसर के प्रति आगाह करते हुए एचपीवी (ह्यूमन पैपीलोमा वायरस) वैक्सीन के महत्व के बारे में जानकारी देते हैं। साथ ही बताते हैं कि यह क्यों जरूरी है।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) सर्वाइकल कैंसर से लड़ने के लिए एचपीवी वैक्सीन को बढ़ावा देने की अपील की है। उत्तर प्रदेश में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के महाप्रबंधक डॉ. मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि यह वैक्सीन किशोरियों को जीवनभर के लिए इस खतरनाक बीमारी से सुरक्षा प्रदान करती है।
उन्होंने बताया, “चेचक और पोलियो का खात्मा करने के बाद अब हम गर्भाशय मुख के कैंसर से लड़ने के लिए तैयार हैं।” प्रधानमंत्री के निर्देशन में एचपीवी वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि अपनी 14 वर्ष की बेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं।
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर के खतरे से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह टीका किशोरियों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक प्रभावी कदम है।” उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन पूरे उत्तर प्रदेश में हर जगह उपलब्ध है।
अब सवाल है कि यह वैक्सीन कैसे लगवाएं? तो एक्सपर्ट बताते हैं कि अपने नजदीकी आशा बहन, एएनएम दीदी या स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करके अपनी 14 साल की बेटी का एचपीवी टीकाकरण करवा सकते हैं। देर करने से यह खतरनाक हो सकता है यह बेटियों के लिए सुरक्षा कवच की तरह है।
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसर में प्रमुख कारणों में से एक है। ऐसे में एचपीवी वैक्सीन नामक वायरस से यह बीमारी होती है। वैक्सीनेसन से इस वायरस के संक्रमण को रोका जा सकता है, जिससे भविष्य में कैंसर का खतरा काफी कम हो जाता है। 14 वर्ष की उम्र इस टीके के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है।
डॉक्टर्स का कहना है कि यह टीका लगवाने से बेटियां जीवनपर्यंत सर्वाइकल कैंसर से निजात पा सकती हैं। यह न सिर्फ लड़कियों के स्वास्थ्य की रक्षा करता है बल्कि परिवार और समाज को भी स्वस्थ रखने में मददगार साबित होता है।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
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‘मैं गंजा हूं...’, Honey Singh ने किया चौंकाने वाला खुलासा, बयां किया जिंदगी का सबसे दर्दनाक दौर
Honey Singh Reveals He Is Bald: मशहूर सिंगर और रैपर यो यो हनी सिंह (Yo Yo Honey Singh) ने एक बार फिर अपनी जिंदगी के उस कठिन दौर के बारे में खुलकर बात की है, जब वो मानसिक बीमारी, नशे की लत और डरावनी मानसिक स्थिति से जूझ रहे थे. जी हां, अपने हालिया इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि कैसे करियर के सबसे सफल समय में उनकी जिंदगी पूरी तरह बिखर गई थी. एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें हर पल मौत का डर सताने लगा, वो लोगों से कट गए, सात साल तक घर में बंद रहे और भारी दवाइयों के कारण उनका वजन 105 किलो तक पहुंच गया. इतना ही नहीं, उन्होंने ये भी खुलासा किया कि उनके सारे बाल झड़ चुके हैं और अब वो विग पहनते हैं.
करियर के पीक पर शुरू हुई मानसिक परेशानी
एबी टॉक्स पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान हनी सिंह ने बताया कि उनकी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं उस समय शुरू हुईं, जब वो लगातार काम के दबाव में थे. उस दौर में वो मुंबई में एक म्यूजिक रियलिटी शो कर रहे थे और साथ ही अमेरिका में शाहरुख खान के साथ इंटरनेशनल टूर पर भी थे. उन्होंने बताया कि इसी दौरान उन्हें अचानक डर, घबराहट और पैरानोया होने लगा. उन्हें महसूस होने लगा था कि वो किसी भी समय मर सकते हैं. हनी सिंह ने कहा, “मैं शिकागो में था. मुझे लगने लगा था कि मैं मर जाऊंगा. मुझे रिहर्सल के लिए बुलाया गया, लेकिन मैं जा नहीं पा रहा था. शाहरुख भाई ने फोन करके पूछा क्या हुआ, मैंने कहा कि मैं ठीक हो जाऊंगा और स्टेज पर मिलूंगा.”
स्टेज पर जाने से लगता था डर
हनी सिंह ने बताया कि उस समय उनकी मानसिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि वो स्टेज पर परफॉर्म करने से बचने के तरीके सोचने लगे थे. उन्हें हर समय लगता था कि अगर वो मंच पर गए तो वहीं उनकी मौत हो जाएगी. उन्होंने बताया, “मुझे लग रहा था कि मैं स्टेज पर मर जाऊंगा. मैं सोच रहा था कि कैसे परफॉर्मेंस से बचूं. मैंने अपने सिर के आधे बाल मुंडवा लिए थे ताकि शो न करना पड़े, लेकिन लोगों ने कहा कि हम आपको कैप पहना देंगे. उस समय मुझे लग रहा था कि कोई मेरी हालत समझ ही नहीं रहा.”
'मैं सात साल तक घर में बंद रहा'
हनी सिंह ने अपने जीवन के सबसे मुश्किल दौर को याद करते हुए कहा कि मानसिक बीमारी और बाइपोलर डिसऑर्डर ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया था. वो समाज से कट गए थे और कई सालों तक घर से बाहर नहीं निकले. उन्होंने कहा, “मैंने अपनी बहन को फोन किया और कहा कि मेरे साथ कुछ गलत हो रहा है. फिर भी मुझसे कहा गया कि शो करना होगा. मैंने दो गाने गाए और शो बीच में छोड़ दिया. इसके बाद मैं सात साल तक घर के अंदर ही रहा.”
उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने खुद को पूरी तरह दुनिया से अलग कर लिया था. हनी सिंह ने कहा, “मैं नहीं चाहता था कि मेरे फैंस मुझे उस हालत में देखें. मैंने खुद को घर में बंद कर लिया. बचपन के दोस्तों से भी नहीं मिला. न किसी से बात होती थी, न फोन कॉल, न टीवी, न इंटरनेट. लोग सोचते थे कि मेरे अंदर कोई शैतान बोल रहा है.”
तीन साल तक बेडरूम से बाहर नहीं निकले हनी
हनी सिंह ने बताया कि उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि वो करीब तीन साल तक अपने बेडरूम से भी बाहर नहीं निकले. उन्होंने कहा, “तीन साल तक मैं अपने कमरे से बाहर नहीं निकला. यहां तक कि नहाते समय भी बाथरूम का दरवाजा खुला रखता था क्योंकि मुझे डर लगता था कि मैं मर जाऊंगा. बाइपोलर डिसऑर्डर आपको ऐसे ख्यालों में डाल देता है जो असली नहीं होते, लेकिन उस समय वो बिल्कुल वास्तविक लगते हैं.”
'मुझे लगता था कि मैं मर चुका हूं'
हनी सिंह ने बताया कि साल 2018 और 2019 में उनकी मानसिक स्थिति और ज्यादा खराब हो गई थी. उन्हें महसूस होने लगा था कि वो पहले ही मर चुके हैं और किसी दूसरी दुनिया में फंस गए हैं. उन्होंने कहा, “मुझे लगता था कि मैं मर चुका हूं और स्वर्ग-नरक के बीच कहीं फंसा हुआ हूं. मेरी मां मुझे खाना देती थीं और मुझे लगता था कि ये मेरा आखिरी भोजन है.”
भारी दवाइयों से बढ़ा वजन, झड़ गए सारे बाल
अपनी रिकवरी के बारे में बात करते हुए हनी सिंह ने बताया कि लंबे समय तक वो एक ही दवा पर रहे, लेकिन उससे कोई सुधार नहीं हुआ. बाद में डॉक्टर बदलने और दवाइयों की नई डोज शुरू होने के बाद उनकी हालत धीरे-धीरे सुधरने लगी. उन्होंने कहा, “मैं सात साल तक भारी दवाओं पर था. मेरा वजन 105 किलो हो गया था और मेरे सारे बाल झड़ गए. ये विग है, मैं पूरी तरह गंजा हूं." उन्होंने ये भी बताया कि उन्होंने साल 2014 में ड्रग्स छोड़ दिए थे, लेकिन इसके बावजूद पूरी तरह ठीक होने में उन्हें 7-8 साल लग गए.
'अब मैं पहले से बेहतर महसूस करता हूं'
हनी सिंह ने अपनी स्थिति की तुलना एक बेहद दर्दनाक अनुभव से करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा लगता है जैसे वो किसी तपते हुए सॉना से बाहर निकले हों. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है जैसे मैं एक ऐसे सॉना से बाहर आया हूं जहां मुझे बहुत लंबे समय तक रखा गया हो. मैं जला हुआ और थका हुआ निकला, लेकिन अब मैं बेहतर महसूस करता हूं.”
गुमनामी से वापसी तक का सफर
एक समय ऐसा था जब Yo Yo Honey Singh के गाने हर पार्टी और क्लब की पहचान बन चुके थे. साल 2010 के बाद उन्होंने इंडस्ट्री में जबरदस्त सफलता हासिल की, लेकिन अचानक वो लाइमलाइट से गायब हो गए. लंबे संघर्ष और रिकवरी के बाद उन्होंने एक बार फिर म्यूजिक की दुनिया में वापसी की. ‘मखना’, ‘हनी 3.0’ और ‘ग्लोरी’ जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए उन्होंने अपने फैंस के बीच दोबारा मजबूत पहचान बनाई.
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