नसीरुद्दीन शाह को लोमड़ी कहने पर कंगना की सफाई:बोलीं- जब देखो पाकिस्तान के प्रेम में मरे रहते हैं; यह लव स्टोरी खत्म कब होगी?
कंगना रनोट ने सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री का यह रवैया नया नहीं है। कंगना के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पर कई लोगों ने ‘घड़ियाली आंसू’ बहाए थे, लेकिन अब झारखंड में बच्चों के साथ कथित ज्यादती पर वही लोग चुप हैं। कंगना ने कहा, ‘जब संसद पर अटैक हो रहा था, मेरे कई सांसद दोस्तों की गाड़ियों पर लोग चढ़ गए थे और उनके शीशे तोड़ दिए गए थे। मेरे घर के बाहर भी करीब 2,500 लोग जमा थे। इतनी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी कि रात को हम सो नहीं पाए। उस समय ये लोग घड़ियाली आंसू रो रहे थे, लेकिन अब जब झारखंड में बच्चों पर जुल्म हो रहे हैं, तो क्या वो Gen Z नहीं हैं?’ उन्होंने आगे कहा कि देश और प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वालों को ही Gen Z मानना गलत है। कंगना बोलीं कि वह खुद युवा हैं, कामकाजी महिला हैं और करियर बनाने वाली महिला हैं। इसलिए उन्हें युवा-विरोधी बताना सही नहीं है। कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जंतर-मंतर के मुद्दे पर आंसू बहाने वालों को झारखंड में बच्चों के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। नसीरुद्दीन शाह के वीडियो का जिक्र करते हुए कंगना ने कहा कि उन्होंने वीडियो में ऐसी बातें और धमकियां दी थीं, जिन्हें वह बेहद आपत्तिजनक मानती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के निर्वाचित नेता हैं और लोकतंत्र की गरिमा के तहत उनके पद का सम्मान किया जाना चाहिए। कंगना ने कहा, इतनी गंदी-गंदी, इतनी भद्दी-भद्दी बातें और धमकाना, 'देश से निकल जाओ', 'तुम्हें जला देंगे', 'तुम्हें मार देंगे', यह क्या, कोई आपको लगता है, क्या यह सभ्य बातें हैं? पाकिस्तान प्रेम पर कंगना ने सवाल उठाया कंगना ने कहा, ‘और जब देखो, जो चाहे उनकी फिल्में हों, चाहे उनकी बातें हों, चाहे उनके इंटरव्यूज हों, यह पाकिस्तान की प्रेम कथा कब खत्म होगी? जब देखो पाकिस्तान के प्रेम में यह मरे रहते हैं। मैं जानना चाहती हूं कि अब बंटवारे को इतने साल बीत चुके हैं, फिर यह प्रेम कहानी खत्म क्यों नहीं हो रही है?’ उन्होंंने आगे कहा, ;जब इतने ज्यादा, चाहे वो पहलगाम अटैक हो, चाहे वो हमने ऑपरेशन सिंदूर किया हो, देश कहीं और जा रहा है, सेनाएं कहीं और जा रही हैं, नागरिकों का कहीं कुछ और संघर्ष हैं पड़ोसी देशों को लेकर, यह बॉलीवुड की लव स्टोरी पाकिस्तान के साथ खत्म कब होगी?' नसीरुद्दीन शाह को लेकर कंगना ने क्या कहा था? दरअसल, नसीरुद्दीन शाह पर पीयूष मिश्रा के बयान पर रिएक्शन देते हुए कंगना रनोट ने मंगलवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था, सच तो यह है कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन मुझे इस बात का गर्व है कि मैं जिस घर (देश) की रोटी खाती हूं, उसकी रखवाली करती हूं और उसके लिए लड़ती हूं। नसीर साहब खाते तो इस देश का हैं, लेकिन लड़ते पड़ोसी देश के लिए हैं। आज के समय में इंसानों के लिए कुत्ता कहलाना भी एक तारीफ है, क्योंकि वफादारी और क्यूटनेस अब बहुत दुर्लभ हो गई है। नसीरुद्दीन जैसे लोमड़ी बनने से तो कुत्ता बनना ही बेहतर है। क्या था नसीरुद्दीन शाह का बयान? दरअसल, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर शुरुआत में सेलेब्स की चुप्पी पर बात करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने द वायर से बात करते हुए कहा था, ‘सेलेब्स तब बोलेंगे, जब उनका जमीर उनसे ऐसा करने को बोलेगा। एक कहावत है कि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वो भौंक नहीं सकता। जैसे ही हड्डी उसके मुंह से गिरेगी या दांत टूटेंगे, तब वो भौंकेगा।’ …………. कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... 'गटर जेनरेशन' टिप्पणी मामले में अभिनेत्री कंगना की बढ़ी मुश्किल:आगरा कार्ट में परिवाद दर्ज, 21 अगस्त को होगी अगली सुनवाई जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को लेकर कंगना रनोट की टिप्पणी अब आगरा कोर्ट पहुंच गई है। प्रदर्शनकारियों को ‘गटर जेनरेशन’ बताने और उनकी परवरिश पर सवाल उठाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में आगरा की स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए में परिवाद दाखिल किया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
ट्रम्प की वफादार कैरोलिन लेविट ने नौकरी छोड़ी:पत्रकारों पर तंज के लिए मशहूर थीं, कहा- अच्छी मां बनना चाहती हूं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिनी जाने वाली व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 28 साल की लेविट इस महीने के आखिर में व्हाइट हाउस छोड़ देंगी। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि लेविट अब अपने परिवार और दो छोटे बच्चों को ज्यादा समय देना चाहती हैं। हालांकि, वह ट्रम्प की बाहरी सलाहकार बनी रहेंगी और रिपब्लिकन पार्टी के लिए काम करती रहेंगी। लेविट 27 साल की उम्र में अमेरिका के इतिहास की सबसे कम उम्र की व्हाइट हाउस प्रेस सचिव बनी थीं। मई में बेटी के जन्म के बाद वह कुछ समय के मातृत्व अवकाश पर गई थीं और कुछ दिन पहले काम पर लौटी थीं। उनका एक दो साल का बेटा भी है। खबर अपडेट हो रही है…
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