केरल में ED का बड़ा एक्शन! पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को केरल में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष के नेता पिनारयी विजयन का किराए का आवास भी शामिल है। बताया जा रहा है कि ये छापे राजनीतिक रूप से संवेदनशील CMRL मामले से संबंधित हैं।
Kerala ED Raid: केरल के पूर्व सीएम पिनाराई विजयन और उनकी बेटी के ठिकानों पर ईडी की ताबड़तोड़ छापेमारी
केरल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और केरल विधानसभा में वर्तमान नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। ईडी की अलग-अलग टीमों ने वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक गंभीर मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी बेटी वीणा विजयन के राज्य भर में स्थित 10 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की है।
इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद से ही राज्य में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। केंद्रीय एजेंसी की यह छापेमारी कथित तौर पर करोड़ों रुपये के अवैध वित्तीय लेनदेन और फर्जी कंसल्टेंसी सेवाओं से जुड़ी हुई है।
गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय की चार्जशीट बनी छापेमारी का आधार
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई इस बड़ी छापेमारी का मुख्य आधार अप्रैल में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) द्वारा कोर्ट में दायर की गई विस्तृत चार्जशीट को माना जा रहा है। एसएफआईओ ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन की आईटी कंपनी 'एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' (ESPL) पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं।
जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि वीणा की कंपनी को कोच्चि स्थित एक प्रमुख निजी कंपनी 'कोच्चि मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड' (CMRL) से साल 2018-19 से लेकर लगातार तीन वर्षों तक बिना कोई वास्तविक सेवा या सॉफ्टवेयर प्रदान किए 'अवैध भुगतान' प्राप्त हुए थे।
2019 में आयकर विभाग की रेड से हुआ था इस वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा
इस पूरे विवाद की जड़ें साल 2017 से जुड़ी हैं, लेकिन इस कथित वित्तीय गड़बड़ी का सबसे पहला और आधिकारिक खुलासा वर्ष 2019 में हुआ था, जब आयकर (IT) विभाग ने सीएमआरएल (CMRL) के विभिन्न परिसरों पर एक बड़ी छापेमारी की थी।
आयकर विभाग ने उस तलाशी अभियान के बाद एक विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें इतिहास में पहली बार आधिकारिक तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी की कंपनी को किए गए संदिग्ध और अवैध भुगतानों का ब्यौरा सामने आया था। इस मामले पर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने जनवरी 2024 में 'एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस', 'सीएमआरएल' और सरकारी संस्था 'केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम' (KSIDC) से जुड़े वित्तीय घपलों की जांच का जिम्मा एसएफआईओ (SFIO) को सौंप दिया था।
एसएफआईओ की रिपोर्ट पर ईडी ने दर्ज किया था मनी लॉन्ड्रिंग का नया केस
एसएफआईओ की गहन जांच और आयकर विभाग की पुरानी रिपोर्ट को पुख्ता आधार बनाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आखिरकार मार्च 2024 में इस पूरे वित्तीय घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत एक नया मामला दर्ज किया था। इसी मामले में अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय एजेंसी ने अब पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनकी बेटी के ठिकानों पर यह बड़ी कार्रवाई की है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि जो पैसा बिना किसी सेवा के कंसल्टेंसी के नाम पर लिया गया, वह सीधे तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग की श्रेणी में आता है और इस पैसे का इस्तेमाल राजनीतिक रसूख बढ़ाने या अन्य संदिग्ध संपत्तियों को अर्जित करने में किया गया है।
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