Prashant Kishor ने Bihar CM सम्राट चौधरी पर साधा निशाना, कहा आपराधिक चरित्र से नहीं रुकेगा अपराध
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर ‘‘आपराधिक चरित्र’’ रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके शासन में राज्य में अपराध और समाज पर चर्चा करना ‘‘बेमानी’’ है। राज्य में कथित रूप से बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में किशोर ने पत्रकारों से कहा, ‘‘जब तक सम्राट चौधरी जैसे लोग बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे, तब तक यहां अपराध और समाज पर चर्चा करना बेमानी है। अगर शीर्ष पद पर बैठा व्यक्ति आपराधिक चरित्र का हो तो अपराध कैसे रुकने की उम्मीद की जा सकती है?’’ उन्होंने कहा कि जनता को यह देखना होगा कि यदि वह ‘‘गलत व्यक्ति’’ को सत्ता में बैठाती है तो परिणाम भी अपेक्षित नहीं होगा।
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के 10,000 युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने की अपनी घोषणा पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए किशोर ने कहा कि अपना दावा पूरा करना ही उसका जवाब होगा। जन सुराज के संस्थापक ने मंगलवार को घोषणा की थी कि वह अगले दो वर्षों में अपने विधानसभा क्षेत्र के कम से कम 10,000 युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाएंगे। बांकीपुर के विधायक किशोर ने कहा, ‘‘मेरे विरोधियों को बांकीपुर में नौकरी देने के मेरे दावे की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
उन्हें इस बात की चिंता करनी चाहिए कि जब उनके विधानसभा क्षेत्रों के लोग बांकीपुर की तर्ज पर नौकरी की मांग करने लगेंगे तो वे क्या जवाब देंगे। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि इस विधानसभा क्षेत्र के युवाओं को नौकरी दी जाएगी।’’ उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता बांकीपुर के युवाओं को नौकरी देने के ‘‘खिलाफ’’ हैं तो उन्हें खुलकर यह बात कहनी चाहिए और इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। किशोर ने कहा, ‘‘बांकीपुर उपचुनाव से पहले उनके ‘कुत्ता-बिल्ली’ वाले बयान के कारण उन्हें विधानसभा क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा।
अगर उनमें हिम्मत है तो वे कहें कि युवाओं को नौकरी नहीं मिलनी चाहिए। जिस तरह बांकीपुर उनसे छीना गया, उसी तरह बिहार भी उनसे छीन लिया जाएगा।’’ जन सुराज के नेता ने कहा कि विधायक से संबंधित विकास कार्यों में ‘‘एक भी पैसा चोरी’’ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि आज से तीन महीने के भीतर 60 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी पात्र व्यक्ति 1,100 रुपये की मासिक पेंशन से वंचित नहीं रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पात्र परिवारों को हर महीने मिलने वाला राशन बिना किसी अनियमितता के उपलब्ध कराया जाएगा। बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा के सवाल पर किशोर ने कहा, ‘‘हम लगातार कह रहे हैं कि बिहार में दिखावटी शराबबंदी को खत्म किया जाना चाहिए। इसे केवल शराब माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों को लाभ पहुंचाने के लिए जारी रखा जा रहा है।
शराबबंदी से लोगों को लाभ नहीं हो रहा है, बल्कि उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
DK Shivakumar ने Karnataka Cabinet में बांटे विभाग, कई मंत्रियों के बदले प्रभार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने मंत्रिमंडल विस्तार के 10 दिन बाद नवनियुक्त मंत्रियों को बुधवार को उनके विभागों का आवंटन किया। इसके साथ ही उन्होंने पहले से पद संभाल रहे कुछ मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया है। दिलचस्प बात यह है कि राज्य विधानसभा के मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले विभागों का बंटवारा किया गया।
शिवकुमार ने वित्त, मंत्रिमंडलीय कार्य, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, खुफिया विभाग और अन्य ऐसे विभाग अपने पास रखे हैं जिनका अभी किसी मंत्री को आवंटन नहीं किया गया है। पहले चरण में मंत्री बनाए गए कई प्रमुख मंत्रियों के विभागों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इनमें उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर (राजस्व एवं खेल) और प्रियंक खरगे (गृह, आईटी एवं बीटी, ई-गवर्नेंस आदि) शामिल हैं।
नए मंत्रियों को विभाग देने का फैसला शिवकुमार और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच कई दौर की चर्चा के बाद हुआ। मुख्यमंत्री रविवार शाम इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नयी दिल्ली गए थे, जहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल से मुलाकात की। सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में पहले मंत्री रहे पांच नेता अपने पुराने विभाग बरकरार रखने में सफल रहे जिनमें बी. जेड. जमीर अहमद खान (आवास), शिवराज तंगडगी (पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं कन्नड़ और संस्कृति), मधु बंगारप्पा (प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा), संतोष लाड (श्रम एवं रोजगार) और एस. एस. मल्लिकार्जुन (खान एवं भूविज्ञान) शामिल हैं।
सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में कृषि मंत्री रहे चेलुवरयास्वामी अब प्रमुख और मध्यम सिंचाई मंत्री हैं। लक्ष्मण सावदी को सहकारिता मंत्री बनाया गया है। हाल तक विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे रुद्रप्पा मनप्पा लमाणी अब चीनी एवं वस्त्र मंत्री होंगे।
मंत्रिमंडल में दो ऐसे मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया गया है, जो पहले आवंटित विभागों से असंतुष्ट थे। रामलिंगा रेड्डी को वृहद सिंचाई विभाग से हटाकर वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, के एच मुनियप्पा को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से स्थानांतरित कर समाज कल्याण विभाग सौंपा गया है।
स्वास्थ्य मंत्री यू टी खादर को अल्पसंख्यक कल्याण, हज और वक्फ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। शिवराज तंगदागी को पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग, टी रघुमूर्ति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) कल्याण, अजय सिंह को लघु सिंचाई तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, और चेलुवरायस्वामी को वृहद एवं मध्यम सिंचाई विभाग का प्रभार मिला है। इसके अलावा, मधु बंगारप्पा को प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा, बसवराज राय रेड्डी को उच्च शिक्षा और शिवलिंगे गौड़ा को आबकारी मंत्री बनाया गया है।
पुट्टरंगा शेट्टी पशुपालन और रेशम उत्पादन मंत्री बने हैं, जबकि विजयानंद काशप्पनवर को लघु उद्योग और सार्वजनिक उद्यम विभाग सौंपा गया है। संतोष लाड को श्रम एवं रोजगार, के एस बसवंतप्पा को धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्त विभाग, मत्स्य पालन, पोत परिवहन और अंतर्देशीय जल परिवहन विभाग मिला है। एस एस मल्लिकार्जुन को खान एवं भूविज्ञान तथा बागवानी, रिजवान अरशद को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले, नरेंद्र स्वामी को कृषि, एच सी बालकृष्ण को नगर प्रशासन और बी नागेंद्र को योजना एवं सांख्यिकी विभाग आवंटित किया गया है।
शिवकुमार के नेतृत्व वाले इस मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री शामिल नहीं है। मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने के दो महीने बाद शिवकुमार ने तीन अगस्त को 19 नए मंत्रियों को शामिल करके अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था जिससे मंत्रियों की कुल संख्या 33 हो गई है, जबकि एक पद अब भी खाली है। विभागों का यह आवंटन राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले हुआ है।
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