ED ने Best Foods मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जितेश गुप्ता को गिरफ्तार किया
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दबाव वाली संपत्तियों के लिए समाधान पेशेवर एवं परिसमापक के रूप में काम करने वाले जितेश गुप्ता बुधवार को धनशोधन रोधक कानून के तहत गिरफ्तार किया है। ईडी ने बुधवार को यह जानकारी दी। दिवाला समाधान पेशेवर गुप्ता दो कंपनियों-‘होमस्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट’ और ‘गोल्डन पीकॉक रेजिडेंस’ के लिए समाधान पेशेवर और परिसमापक के तौर पर काम कर रहा था।
इन दोनों कंपनियों के खिलाफ दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया चल रही थी। संघीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि देश में प्रीमियम बासमती चावल का प्रसंस्करण करने वाली सबसे बड़ी कंपनियों में से एक, बेस्ट फूड्स के खिलाफ़ जांच से जुड़े धनशोधन मामले में यह गिरफ्तारी की गई। ईडी का यह मामला धनशोधन रोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया है।
यह मामला बेस्ट फ़ूड्स के प्रवर्तक दिनेश गुप्ता के ख़िलाफ सीबीआई की प्राथमिकी पर आधारित है। दिनेश गुप्ता पर आरोप है कि उसने मुखौटा कंपनियों के ज़रिये बैंक ऋण का पैसा दूसरी जगहों पर लगाया। ईडी ने अगस्त 2025 में दिनेश गुप्ता को गिरफ़्तार किया था।
निदेशालय का दावा है कि जितेश गुप्ता ने आईआरपी/आरपी के तौर पर, अपनी मर्ज़ी से उन दावों को फिर से मंज़ूरी दे दी, जिन्हें उसने पहले फ़र्जी और धोखाधड़ी वाला बताकर खारिज कर दिया था। ईडी ने कहा कि इस कार्रवाई से ऋणदाताओं की समिति की संरचना बदल गई और इससे ऐसी समाधान योजना को मंजूरी का रास्ता साफ हुआ, जिसे दिनेश गुप्ता की ओर से सामने रखे गए व्यक्ति के नाम पर पेश किया गया था और जिसका पैसा उसके नियंत्रण वाली एक संस्था के जरिये लगाया गया था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि जितेश गुप्ता ने दिनेश गुप्ता से जुड़े एक व्यक्ति को संभावित समाधान आवेदक के तौर पर भी सिफारिश की थी।
Prashant Kishor ने Bihar CM सम्राट चौधरी पर साधा निशाना, कहा आपराधिक चरित्र से नहीं रुकेगा अपराध
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर ‘‘आपराधिक चरित्र’’ रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके शासन में राज्य में अपराध और समाज पर चर्चा करना ‘‘बेमानी’’ है। राज्य में कथित रूप से बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में किशोर ने पत्रकारों से कहा, ‘‘जब तक सम्राट चौधरी जैसे लोग बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे, तब तक यहां अपराध और समाज पर चर्चा करना बेमानी है। अगर शीर्ष पद पर बैठा व्यक्ति आपराधिक चरित्र का हो तो अपराध कैसे रुकने की उम्मीद की जा सकती है?’’ उन्होंने कहा कि जनता को यह देखना होगा कि यदि वह ‘‘गलत व्यक्ति’’ को सत्ता में बैठाती है तो परिणाम भी अपेक्षित नहीं होगा।
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के 10,000 युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने की अपनी घोषणा पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए किशोर ने कहा कि अपना दावा पूरा करना ही उसका जवाब होगा। जन सुराज के संस्थापक ने मंगलवार को घोषणा की थी कि वह अगले दो वर्षों में अपने विधानसभा क्षेत्र के कम से कम 10,000 युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाएंगे। बांकीपुर के विधायक किशोर ने कहा, ‘‘मेरे विरोधियों को बांकीपुर में नौकरी देने के मेरे दावे की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
उन्हें इस बात की चिंता करनी चाहिए कि जब उनके विधानसभा क्षेत्रों के लोग बांकीपुर की तर्ज पर नौकरी की मांग करने लगेंगे तो वे क्या जवाब देंगे। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि इस विधानसभा क्षेत्र के युवाओं को नौकरी दी जाएगी।’’ उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता बांकीपुर के युवाओं को नौकरी देने के ‘‘खिलाफ’’ हैं तो उन्हें खुलकर यह बात कहनी चाहिए और इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। किशोर ने कहा, ‘‘बांकीपुर उपचुनाव से पहले उनके ‘कुत्ता-बिल्ली’ वाले बयान के कारण उन्हें विधानसभा क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा।
अगर उनमें हिम्मत है तो वे कहें कि युवाओं को नौकरी नहीं मिलनी चाहिए। जिस तरह बांकीपुर उनसे छीना गया, उसी तरह बिहार भी उनसे छीन लिया जाएगा।’’ जन सुराज के नेता ने कहा कि विधायक से संबंधित विकास कार्यों में ‘‘एक भी पैसा चोरी’’ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि आज से तीन महीने के भीतर 60 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी पात्र व्यक्ति 1,100 रुपये की मासिक पेंशन से वंचित नहीं रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पात्र परिवारों को हर महीने मिलने वाला राशन बिना किसी अनियमितता के उपलब्ध कराया जाएगा। बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा के सवाल पर किशोर ने कहा, ‘‘हम लगातार कह रहे हैं कि बिहार में दिखावटी शराबबंदी को खत्म किया जाना चाहिए। इसे केवल शराब माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों को लाभ पहुंचाने के लिए जारी रखा जा रहा है।
शराबबंदी से लोगों को लाभ नहीं हो रहा है, बल्कि उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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