कौन है प्रकाश प्रभाकर नावलेकर? जो डेमोग्राफिक बदलाव को लेकर बनी हाई लेवल कमेटी की संभालेंगे कमान
मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स ने देश में तेजी से बदल रहे जनसांख्यिकीय संतुलन यानी डेमोग्राफिक चेंज को लेकर बड़ा कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने अवैध घुसपैठ और अन्य असामान्य कारणों से हो रहे जनसंख्या परिवर्तनों का अध्ययन करने के लिए एक हाईलेवल कमेटी का गठन किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस समिति की घोषणा करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता से जुड़ा बेहद गंभीर विषय बताया.
खास बात यह है कि इसके लिए एक हाई लेवल कमेटी भी गठित की गई है और इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है प्रकाश प्रभाकर नावलेकर हैं. आइए जानते हैं आखिर कौन है प्रकाश प्रभाकर नावलेकर जिन्हें अमित शाह ने घुसपैठियों को निकालने के बनाई हाई लेवल कमेटी का जिम्मा सौंपा है.
कौन हैं प्रकाश प्रभाकर नावलेकर?
प्रकाश प्रभाकर नावलेकर भारत के पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज हैं, जिन्हें हाल ही में केंद्र सरकार ने देश में डेमोग्राफिक चेंज यानी असामान्य जनसंख्या बदलाव का अध्ययन करने वाली हाईलेवल कमेटी का अध्यक्ष बनाया है. वे न्यायपालिका और प्रशासनिक मामलों में लंबे अनुभव रखने वाले वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञ माने जाते हैं. आइए इनके करियर पर एक नजर डालते हैं.
जबलपुर से शुरू हुआ कानूनी सफर
जस्टिस नावलेकर का जन्म 29 जून 1943 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था. उन्होंने जबलपुर विश्वविद्यालय से बी.कॉम और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद दिसंबर 1965 में उन्होंने वकालत शुरू की. शुरुआती दौर में उन्होंने पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज और पूर्व मुख्य न्यायाधीश एपी सेन और जेएस वर्मा के चेंबर में काम किया.
कई क्षेत्रों में की वकालत का भी अनुभव
नावलेकर को कई क्षेत्रों में वकालत का भी अनुभव रहा है. इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वकील के तौर पर उन्होंने सिविल, क्रिमिनल, संवैधानिक, श्रम और सेवा मामलों में प्रैक्टिस की. नावलेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, नगर निगमों और कई सहकारी संस्थाओं के स्टैंडिंग काउंसिल भी रहे. उनके परिवार का भी कानून से गहरा संबंध रहा है. उनके पिता और दादा दोनों मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जाने-माने वकील थे.
हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
जस्टिस नावलेकर को 15 जून 1992 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का जज नियुक्त किया गया. बाद में 1994 में उनका तबादला राजस्थान हाई कोर्ट में हुआ. इसके बाद 2002 में वे गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने. इसके बाद 28 जुलाई 2004 को उन्हें देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया का जज नियुक्त किया गया. सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने कई अहम मामलों की सुनवाई की और 2008 में सेवानिवृत्त हुए.
लोकायुक्त की जिम्मेदारी भी संभाली
सुप्रीम कोर्ट से रिटायरमेंट के बाद जस्टिस नावलेकर को मध्य प्रदेश लोकायुक्त की जिम्मेदारी भी दी गई. उन्होंने भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई और प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर दिया.
सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर सक्रिय
जस्टिस नावलेकर कई सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय के लिए भी जाने जाते रहे हैं. उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराधों और न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने की जरूरत पर भी सार्वजनिक रूप से बयान दिए थे.
अब क्यों चर्चा में हैं?
बता दें कि केंद्र सरकार ने देश में अवैध घुसपैठ और असामान्य जनसंख्या बदलावों का अध्ययन करने के लिए जो हाईलेवल कमेटी बनाई है, उसकी कमान जस्टिस नावलेकर को सौंपी गई है. सरकार का मानना है कि उनका न्यायिक और प्रशासनिक अनुभव इस संवेदनशील विषय पर निष्पक्ष अध्ययन में मदद करेगा.
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद बना पैनल
गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी घोषणा जरूर की लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को देश को संबोधित करते हुए 'डेमोग्राफिक मिशन' की बात कही थी. उस वक्त से ही इस कमेटी के गठन की तैयारी सुरू हो गई थी. उसी घोषणा को आगे बढ़ाते हुए अब केंद्र सरकार ने औपचारिक रूप से इस उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है.
सरकार का मानना है कि देश के कई हिस्सों में अवैध प्रवास, सीमा पार घुसपैठ और अन्य कारणों से जनसंख्या संरचना में असामान्य बदलाव देखने को मिल रहे हैं. यह स्थिति भविष्य में सामाजिक संतुलन, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता के लिए चुनौती बन सकती है.
कमेटी में कौन-कौन
कमेटी में प्रकाश प्रभाकर नावलेकर के अलावा पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव, अर्थशास्त्री शमिका रवि और भारत के जनगणना आयुक्त को सदस्य बनाया गया है. गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव समिति के सदस्य सचिव होंगे.
किन मुद्दों की होगी जांच?
सरकार के मुताबिक यह समिति पूरे भारत में धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर हो रहे असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के पैटर्न का अध्ययन करेगी. विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस रहेगा जहां अवैध घुसपैठ या बड़े पैमाने पर जनसंख्या बदलाव की शिकायतें सामने आती रही हैं. कमेटी यह भी जांच करेगी कि इन बदलावों का असर किन-किन क्षेत्रों पर पड़ रहा है जैसे...
- राष्ट्रीय सुरक्षा
- कानून-व्यवस्था
- सामाजिक संरचना
- सीमावर्ती इलाकों की स्थिरता
- जनजातीय समाज और सांस्कृतिक पहचान
- स्थानीय संसाधनों पर दबाव
क्या है सरकार का नजरिया?
सरकार का कहना है कि यह केवल जनसंख्या का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश की संप्रभुता और भविष्य से जुड़ा सवाल है. सरकार का मानना है कि कुछ सीमावर्ती राज्यों और क्षेत्रों में अवैध प्रवास ने स्थानीय आबादी के अनुपात को प्रभावित किया है. इससे सामाजिक तनाव और राजनीतिक विवाद भी बढ़े हैं.
दुनिया के कई देशों में डेमोग्राफिक बदलाव को सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है. भारत जैसे विशाल और विविधता वाले देश में यह मुद्दा और अधिक संवेदनशील हो जाता है.
सरकार अब इस विषय को केवल आंकड़ों के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय नीति और सुरक्षा रणनीति के हिस्से के रूप में देखने लगी है. यही वजह है कि इस अध्ययन के लिए न्यायपालिका, प्रशासन और सुरक्षा क्षेत्र के अनुभवी लोगों को एक साथ लाया गया है.
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IPL 2026 खत्म होते ही भारतीय फैंस के सिर चढ़ेगा फीफा वर्ल्ड कप का खुमार, जानिए टूर्नामेंट से जुड़ी सारी जरूरी बातें
IPL 2026 का सीजन खत्म होने में अब गिने-चुने दिन बाकी रह गए है. 31 मई को आईपीएल 2026 का फाइनल मैच खेला जाएगा. हालांकि इसके बाद फुटबॉल फैंस और भी उत्साहित होंगे, क्योंकि आईपीएल खत्म होने के कुछ ही दिन बाद फुटबॉल का सबसे बड़ा टूर्नामेंट फीफी वर्ल्ड कप की शुरुआत होगी. भारत में भी फुटबॉल का भी काफी क्रेज है. इंडिया में भारी संख्या में फुटबॉल फैंस हैं, तो चलिए इस ऑर्टिकल में फीफी वर्ल्ड कप 2026 से जुड़ी सभी जरूरी डिटेल्स फुटबॉल फैंस को बताते हैं.
फीफी वर्ल्ड कप में पहली बार 48 टीमें लेंगी हिस्सा
फीफी वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 11 जुन से होगी और फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को खेला जाएगा. इस टूर्नामेंट में कुल 48 टीमें हिस्सा लेंगी, जिनके बीच 104 मुकाबले खेले जाएंगे. बता दें कि फीफी वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार 48 टीमें हिस्सा लेने जा रही हैं. सभी 48 टीमों को 12 ग्रुप में बांटा गया है और हर ग्रुप में 4-4 टीमें शामिल किया गया है. ऐसे में लगभग एक महीने फैंस को फुटबॉल का रोमांच देखने को मिलने वाला है.
इस तरह राउंड ऑफ 32 में पहुंची टीमें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का ग्रुप स्टेज का मुकाबला 11 जून से 27 जून 2026 तक चलेगा. फीफी वर्ल्ड कप 2026 का ओपनिंग मैच मैक्सिको सिटी के एज़्टेका स्टेडियम (Estadio Azteca) में मेजबान मैक्सिको और साउथ अफ्रीका के बीच खेला जाएगा. इसके बाद फीफा वर्ल्ड कप का रोमांचक चरण यानी राउंड ऑफ शुरू होगा, जिसे नॉकआउट स्टेज का मुकाबला भी कर सकते हैं. हर ग्रुप से टॉप 2 टीमें और तीसरे स्थान पर रहने वाली 8 बेस्ट टीमें राउंड ऑफ 32 (नॉकआउट स्टेज) के लिए क्वालीफाई करेंगी.
राउंड 16 में इस तरह पहुंचेगी टीमें
राउंड ऑफ 32 का मुकाबला 28 जून से 3 जुलाई 2026 से खेला जाएगा. इस राउंड में कुल 16 मुकाबले खेले जाएंगे, जिसमें से 16 टीमें आगे जाएंगे. जबकि हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएंगी. इसके बाद राउंड ऑफ 16 शुरू होगा जो 4 जुलाई से 7 जुलाई 2026 तक चलेगा. यानी राउंड ऑफ 32 खत्म होने के बाद बची 16 टीमें इस राउंड में खेलेंगी, जिसमें कुल 8 मैच खेले जाएंगे, जिसमें से कुल 8 टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचेगी. जबकि हारने वाली 8 टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएंगी. 8 टीमों के बीच क्वार्टर फाइनल 9 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक खेला जाएगा, जिसमें 4 मुकाबले होंगे.
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इस तरह 4 टीमें सेमीफाइनल में बनाएंगी जगह
क्वार्टर फाइनल में जो 4 टीमें आगे जाएंगी वो सेमीफाइनल मैच खेलेगी. बाकी 4 टीमें बाहर हो जाएंगी. सेमीफाइनल मुकाबले 14 जुलाई और 15 जुलाई 2026 को खेले जाएंगे. इसके बाद तीसरे नंबर के लिए सेमीफाइनल में हारने वाली 2 टीमों के बीच ब्रॉन्ज मेडल का मुकाबला खेला जाता है. इस मैच को जीतने वाली टीम को टूर्नामेंट में तीसरा स्थान और ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है. यह मुकाबला 18 जुलाई को खेला जाएगा.
19 जुलाई को खेला जाएगा फीफी वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल
इसके बाद फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मैच 19 जुलाई 2026 को खेला जाएगा. न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम (MetLife Stadium) में फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल का आयोजन होगा.
फीफी वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल
ग्रुप स्टेज: 11 जून से 27 जून
राउंड ऑफ 32: 28 जून से 3 जुलाई
राउंड ऑफ 16: 4 जुलाई से 7 जुलाई
क्वार्टर फाइनल: 9 जुलाई से 11 जुलाई
सेमीफाइनल: 14 जुलाई और 15 जुलाई
तीसरे स्थान का मैच (ब्रॉन्ज मेडल): 18 जुलाई
फाइनल मैच - 19 जुलाई
The greatest show in the world is ready. Are you? ????#FIFAWorldCup pic.twitter.com/ISxLhuLUkm
— FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) April 1, 2026
फीफी वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार 3 देश कर रहे हैं संयुक्त मेजबानी
फीफी वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार 3 देश संयुक्त मेजबानी कर रहे हैं. फीफी वर्ल्ड कप इस बार अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा के मेजबानी में खेला जाएगा. अमेरिका के 11 शहर, मैक्सिको के 3 शहर और कनाडा के 2 शहरों में फीफा वर्ल्ड कप का आयोजन होगा.
- अमेरिका (USA): 11 शहर (न्यूयॉर्क / न्यू जर्सी, लॉस एंजिल्स, डलास, सैन फ्रांसिस्को बे एरिया, मियामी, अटलांटा, सिएटल, ह्यूस्टन, फिलाडेल्फिया, कैनसस सिटी और बोस्टन)
- मैक्सिको (Mexico): 3 शहर (मैक्सिको सिटी, ग्वाडलाजारा, मॉन्टेरी)
- कनाडा (Canada): 2 शहर (टोरंटो, वैंकूवर)
16 days to go...
— FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) May 26, 2026
Which #FIFAWorldCup 2026 host city are you visiting? ???????????????????????? pic.twitter.com/SYKVDIh2Pt
फीफा वर्ल्ड कप में पहली बार होगा हाफ-टाइम शो
फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार फाइनल में जिसमें "हॉफ टाइम शो" का आयोजन होगा, जिसमें इंटरनेशनल सिंगर शकीरा, मैडोना और के-पॉप ग्रुप BTS परफॉर्म करेंगे. इस ऐतिहासिक शो को कोल्डप्ले (Coldplay) के क्रिस मार्टिन क्यूरेट करेंगे.
FIFA World Cup 2026 में हिस्सा लेंने वाली कुल 48 टीमें
मैक्सिको, अमेरिका (USA), कनाडा, साउथ अफ्रीका, साउथ कोरिया, चेक रिपब्लिक, बोस्निया और हेर्जेगोविना, कतर, स्विट्जरलैंड, ब्राजील, मोरक्को, हैती, स्कॉटलैंड, पराग्वे, ऑस्ट्रेलिया, तुर्की, जर्मनी, कुराकाओ, आइवरी कोस्ट, इक्वाडोर, नेदरलैंड्स, जापान, स्वीडन, ट्यूनीशिया, बेल्जियम, मिस्र (इजिप्ट), इरान, न्यूजीलैंड, स्पेन, केप वर्डे, सऊदी अरब, उरुग्वे, फ्रांस, सेनेगल, इराक, नॉर्वे, अर्जेंटीना, अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया, जॉर्डन, पुर्तगाल, डीआर कांगो, उज्बेकिस्तान, कोलंबिया, इंग्लैंड, क्रोएशिया, घाना और पनामा.
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