ब्रांड्स को अपनी दुनिया का हिस्सा बनाना चाह रहे जेनजी:भारत का लाइव इवेंट सेगमेंट 2025 में 44% बढ़कर 14,500 करोड़ रुपए तक पहुंचा
आप हाल के 3 ऑनलाइन विज्ञापन याद कर सकते हैं? शायद नहीं। लेकिन दोस्तों के साथ देखा गया आखिरी कॉन्सर्ट या कॉमेडी शो जरूर याद होगा। यही फर्क भारत के मार्केटिंग की दुनिया को बदल रहा है। फिक्की-ईवाई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का लाइव इवेंट सेगमेंट 2025 में 44% बढ़कर ~14,500 करोड़ तक पहुंच गया। अब यह मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सबसे तेज बढ़ने वाली कैटेगरी है। यह एक बड़े बदलाव का सिर्फ एक उदाहरण है। बुकमाईशो में पार्टनरशिप और रेवेन्यू हेड समृद्धा तिब्रेवाला फॉर्च्यून इंडिया से कहती हैं कि यह सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के व्यवहार में ढांचागत बदलाव है। अनिरुद्ध रविचंदर के शो मिनटों में हाउसफुल हो जाते हैं, जाकिर खान 40 से ज्यादा शहरों में हॉल भर रहे हैं और ‘हमारे राम’ जैसे नाटक 500 शोज का आंकड़ा पार कर चुके हैं। ब्रांड्स इस बदलाव को भांप चुके हैं। पहले सफलता का पैमाना था कि कितनी आंखों ने लोगो देखा। अब सवाल यह है कि दर्शक ने कितनी गहराई से ब्रांड को महसूस किया। बुकमाईशो की ईवाई-पार्थेनन के साथ तैयार रिपोर्ट बताती है कि लाइव इवेंट में ऑन-ग्राउंड अनुभव लेने वाले 59% दर्शकों को वहां मौजूद ब्रांड्स याद रहे। 63% ने माना कि ब्रांड्स ने उनका अनुभव बेहतर बनाया और 81% को यह एकीकरण स्वाभाविक लगा। कुछ दिलचस्प उदाहरण भी हैं। मसलन, एयरबीएनबी ने सिद्धांत चतुर्वेदी के साथ मुंबई के अनुभवों को क्यूरेट किया। रुपे ने टिकट बुकिंग से लेकर इवेंट तक के पूरे सफर में फैन की परेशानियां दूर कीं। लेनोवो ने लोलापालूजा में एआई-जनरेटेड पर्सनलाइज्ड पोस्टर बनाने का मौका दिया। यहां हर अनुभव अलग, हर याद निजी है। तिब्रेवाला कहती हैं कि जेन जी (15-30 साल के युवा और किशोर) ब्रांड्स से बात सुनना नहीं चाहती। यह पीढ़ी चाहती है कि ब्रांड उनकी दुनिया का हिस्सा बने। इसीलिए सफल ब्रांड अब ग्राहकों के एक्सपीरियंस पर फोकस कर रहे हैं। तिब्रेवाला के मुताबिक आगे का रास्ता और चौड़ा है। कॉमेडी, रीजनल म्यूजिक, इमर्सिव आर्ट एग्जीबिशन और टियर-2,3 शहर- सब नए मोर्चे हैं। एआई-जनरेटेड कंटेंट की बाढ़ में लाइव एंटरटेनमेंट वह इंसानी अनुभव है, जिसकी नकल कोई एल्गोरिदम नहीं कर सकता। हजारों लोगों का एक साथ एक गाना गुनगुनाना- ये पल न रिकॉर्ड होता है, न दोहराया जा सकता है। जैसा तिब्रेवाला कहती हैं, ‘यादें वापस नहीं होतीं’ और यही वह जगह है, जहां असली मार्केटिंग हो रही है।’ पहुंच नहीं, भागीदारी बना सफलता का नया पैमाना पारंपरिक मार्केटिंग में ‘रीच’ और ‘इम्प्रेशन’ सफलता के पैमाने थे। अब ये सिर्फ न्यूनतम अपेक्षा हैं। ब्रांड्स अब ‘एंगेजमेंट डेप्थ’, दर्शक की भावनात्मक भागीदारी, इवेंट के बाद की चर्चा और टिकाऊ ब्रांड अफिनिटी को मापना चाहते हैं। लाइव इवेंट में एक दर्शक जो सहज रूप से ब्रांड का प्रचार अपने समुदाय में करे, वह करोड़ों की डिजिटल रीच से कहीं अधिक मूल्यवान है।
कांतारा विवाद, रणवीर सिंह चामुंडेश्वरी मंदिर पहुंचे:मिमिक्री केस में हाई कोर्ट के आदेश के बाद किए दर्शन; एक दिन पहले लगा था बैन
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ने मंगलवार सुबह मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। यह कदम उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद उठाया है, जो उनके खिलाफ दर्ज 'कांतारा' फिल्म के दैवा सीन की मिमिक्री केस में दिया गया था। कोर्ट ने अप्रैल में उन्हें चार हफ्ते के भीतर मंदिर जाकर दर्शन करने का आदेश दिया था। रणवीर सिंह का यह मंदिर दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब एक दिन पहले ही फिल्म फेडरेशन (FWICE) ने फिल्म 'डॉन 3' को छोड़ने के कारण उनके खिलाफ असहयोग निर्देश जारी कर उन्हें बैन कर दिया था। आम भक्त की तरह कतार में लगकर किए दर्शन रणवीर सिंह मंगलवार सुबह मैसूर पहुंचे। इससे पहले सुबह जल्दी उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर देखा गया था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनेता ने किसी वीआईपी सुविधा का इस्तेमाल नहीं किया। वे एक आम श्रद्धालु की तरह कतार में खड़े हुए और देवी चामुंडेश्वरी के दर्शन किए। गर्भगृह के प्रवेश द्वार तक उन्होंने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था, जिसे अंदर जाने से पहले हटा दिया। वे बिना किसी पूजा सामग्री के खाली हाथ पहुंचे थे और मंदिर में विशेष प्रार्थना की। गोवा के फिल्म फेस्टिवल से शुरू हुआ था विवाद यह पूरा विवाद पिछले साल 30 नवंबर 2025 को गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के समापन समारोह से शुरू हुआ था। इस समारोह में रणवीर सिंह ने फिल्म 'कांतारा' के प्रसिद्ध 'दैवा' सीन की मिमिक्री की थी, जिसमें फिल्म के डायरेक्टर और लीड एक्टर ऋषभ शेट्टी नजर आए थे। इस परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कन्नड़ समुदाय के एक बड़े हिस्से ने कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बाद कन्नड़ समुदाय की भावनाएं आहत करने के आरोप में रणवीर के खिलाफ कर्नाटक में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। हाई कोर्ट ने दिया था मंदिर जाने का आदेश मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद रणवीर सिंह ने फरवरी 2026 में राहत के लिए कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख किया था। तब कोर्ट ने उनके खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अप्रैल में रणवीर ने कोर्ट में एक संशोधित हलफनामा दायर कर बिना किसी शर्त के माफी मांगी थी। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर भी सफाई देते हुए लिखा था कि उनका इरादा सिर्फ ऋषभ शेट्टी की बेहतरीन एक्टिंग की सराहना करना था और वे सभी संस्कृतियों का सम्मान करते हैं। इस पर कोर्ट ने मामले को बंद करने के संकेत देते हुए उन्हें मंदिर जाने का आदेश दिया था। 'डॉन 3' विवाद के ठीक अगले दिन पहुंचे मैसूर रणवीर का यह मंदिर दौरा उस वक्त हुआ है जब वे एक और बड़े विवाद में घिरे हैं। सोमवार को ही फिल्म फेडरेशन FWICE ने उनके खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव (असहयोग निर्देश) जारी किया है। उन पर आरोप है कि वे फिल्म 'डॉन 3' के प्रोजेक्ट से ऐन वक्त पर पीछे हट गए, जिससे डायरेक्टर फरहान अख्तर और मेकर्स को करीब 45 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इस बड़े फैसले के अगले ही दिन रणवीर मैसूर के मंदिर में प्रार्थना करते नजर आए।
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