गृह मंत्री अमित शाह का मिशन सीमा सुरक्षा: राजस्थान के बीकानेर से शुरू होगा चार राज्यों का दौरा
देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व अभेद्य बनाने की दिशा में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आने वाले दिनों में देश के चार प्रमुख राज्यों- राजस्थान, गुजरात, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों का एक विस्तृत व सघन दौरा करेंगे।
इस हाई-प्रोफाइल दौरे का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों का मनोबल बढ़ाना, जमीनी हकीकत का जायजा लेना और सीमा सुरक्षा व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा करना है। इस अभियान के तहत घुसपैठ और तस्करी के कड़े रास्तों को पूरी तरह ब्लॉक करने के लिए नई रणनीतियां तैयार की जा रही हैं।
बीकानेर की सांचू सीमा चौकी से होगी शुरुआत, 'प्रहरी सम्मेलन' में लेंगे हिस्सा
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने इस दौरे की शुरुआत मंगलवार को राजस्थान के बीकानेर से की है। शाह यहां भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 179वीं वाहिनी की प्रसिद्ध 'सांचू सीमा चौकी' पहुंचेगे। गृह मंत्री ने वहां आयोजित विशेष 'प्रहरी सम्मेलन' में हिस्सा लेंगे और रेगिस्तानी हालातों में मुस्तैदी से डटे देश के वीर जवानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को समझेंगे।
इसके अलावा, वों बीकानेर में महिला प्रहरियों की सहूलियत के लिए नवनिर्मित अत्याधुनिक महिला बैरकों का आधिकारिक ई-उद्घाटन भी करेंगे।
भुज के 'हरामीनाला' और जून में त्रिपुरा-बंगाल का रुख करेंगे शाह
गृह मंत्री का यह सुरक्षा दौरा आने वाले दिनों में देश के सबसे संवेदनशील सुरक्षा पॉइंट की मैपिंग करेगा:
29 मई (गुजरात): बीकानेर के बाद अमित शाह सीधे गुजरात के भुज जाएंगे, जहां वे क्रीक क्षेत्र में स्थित बेहद संवेदनशील और दलदली 'हरामीनाला' क्षेत्र का दौरा करेंगे और वहां तैनात सुरक्षा ग्रिड की समीक्षा करेंगे।
जून का प्रथम सप्ताह (त्रिपुरा और बंगाल): इसके बाद वे त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के उन सीमावर्ती जिलों में पहुंचेंगे जो भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े हैं। पूर्वोत्तर राज्यों और बंगाल में अवैध घुसपैठ व मवेशी और नशे की तस्करी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक कड़ा सिरदर्द बनी हुई है।
'स्मार्ट फेंसिंग प्रोजेक्ट' पर होगी चर्चा, बंगाल सरकार से जमीन पर बातचीत संभव
इस पूरे दौरे का सबसे बड़ा एजेंडा भारत-बांग्लादेश सीमा पर 'स्मार्ट फेंसिंग प्रोजेक्ट' की प्रगति की समीक्षा करना है। इस आधुनिक परियोजना का मकसद सेंसर, थर्मल कैमरे और हाई-टेक निगरानी प्रणालियों के जरिए घुसपैठ को पूरी तरह शून्य पर लाना है। पश्चिम बंगाल के कई दुर्गम और नदीय इलाकों में अभी भी जमीन न मिल पाने के कारण तौर पर फेंसिंग का काम अधूरा है।
गृह मंत्री इस दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा फेंसिंग के लिए जमीन उपलब्ध कराने की कूटनीतिक प्रक्रियाओं को तेज करने पर भी कड़ा विमर्श किया जाएगा।
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