Responsive Scrollable Menu

US-Iran डील की उम्मीद और Crude Oil में गिरावट का असर, Sensex में 1000 अंकों का बड़ा उछाल

सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए शानदार रही। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के चलते सोमवार को निवेशकों का भरोसा मजबूत नजर आया। इसका असर यह हुआ कि बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में एक प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार बीएसई का तीस शेयरों वाला सेंसेक्स 1073.61 अंक यानी 1.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,488.96 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 76,559.07 अंक का उच्च स्तर भी छुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 312.40 अंक यानी 1.32 प्रतिशत चढ़कर 24,031.70 अंक पर बंद हुआ है।

बाजार में तेजी का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट को माना जा रहा है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड करीब 5.52 प्रतिशत टूटकर 97.82 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत जैसे आयातक देशों को राहत मिलती है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ता है।

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में प्रगति की खबरों ने भी बाजार को मजबूती दी। बताया जा रहा है कि अमेरिका, ईरान के साथ होरमुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर बातचीत कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, हालांकि अमेरिका किसी खराब समझौते को स्वीकार नहीं करेगा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से वैश्विक निवेश माहौल बेहतर हुआ है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया से जुड़ी परिस्थितियां तेजी से बदलती रहती हैं, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत भी बनी हुई है।

सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, एचडीएफसी बैंक, इटरनल, बजाज फिनसर्व और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर सबसे ज्यादा बढ़त में रहे। वहीं इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, सन फार्मा और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली है।

एशियाई बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई और चीन का शंघाई सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुआ। दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे। वहीं यूरोपीय बाजारों में भी तेजी का माहौल देखने को मिला है।

बता दें कि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार से करीब 4440.47 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। इसके बावजूद घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी और वैश्विक संकेतों के कारण बाजार में तेजी बनी रही है।

Continue reading on the app

Tata Sons के IPO की उठी मांग, करोड़ों Investors के हितों और बेहतर Governance का दिया गया हवाला

टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्य 25 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इसके बाद टाटा संस की पारदर्शिता और प्रशासन को लेकर बहस बढ़ गई है। इनगवर्न रिसर्च सर्विसेज ने कहा है कि टाटा संस को शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जाना चाहिए ताकि निवेशकों को ज्यादा जानकारी और बेहतर निगरानी मिल सके।

देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल टाटा समूह एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह समूह की कंपनियों का बढ़ता बाजार मूल्य और टाटा संस की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवाल हैं। टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्य अब पच्चीस लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच चुका है। ऐसे में टाटा संस को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की मांग तेज होती दिख रही है।

मौजूद जानकारी के अनुसार प्रॉक्सी सलाहकार संस्था ‘इनगवर्न रिसर्च सर्विसेज’ ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि टाटा संस की वर्तमान संरचना और नियंत्रण व्यवस्था को देखते हुए अब इसे निजी कंपनी बनाए रखने का तर्क कमजोर पड़ता जा रहा है। संस्था के संस्थापक श्रीराम सुब्रमण्यम ने कहा कि जब किसी कंपनी का प्रभाव इतने बड़े स्तर पर लाखों निवेशकों और कई प्रमुख कंपनियों पर पड़ता हो, तब केवल निजी सहमति के आधार पर संचालन पर्याप्त नहीं माना जा सकता है।

बता दें कि टाटा संस, टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है और इसका नियंत्रण समूह की कई बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों पर है। इनमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा स्टील, टाइटन कंपनी, टाटा मोटर्स, टाटा पावर और इंडियन होटल्स कंपनी जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक केवल टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का बाजार मूल्य करीब आठ लाख चालीस हजार करोड़ रुपये के आसपास है, जबकि टाइटन कंपनी और टाटा मोटर्स समूह का मूल्यांकन भी लाखों करोड़ रुपये में पहुंच चुका है।

गौरतलब है कि इन कंपनियों में देशभर के एक करोड़ बीस लाख से ज्यादा छोटे निवेशकों के साथ म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और पेंशन फंड जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों की भी हिस्सेदारी है। ऐसे में टाटा संस के फैसलों का असर सीधे तौर पर बड़ी संख्या में निवेशकों पर पड़ता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा संस को अभी भी एक महत्वपूर्ण गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्था की श्रेणी में रखा हुआ है। हालांकि कंपनी ने इस दर्जे से बाहर निकलने के लिए आवेदन किया हुआ है, लेकिन उसका मामला अभी लंबित बताया जा रहा है। इनगवर्न का कहना है कि यही स्थिति इस बात का संकेत देती है कि टाटा संस आर्थिक व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

संस्था ने यह भी तर्क दिया कि सूचीबद्ध होने से कंपनी के मूल्यांकन में छूट यानी होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट जरूर बना रह सकता है, लेकिन ऐसा अक्सर पारदर्शिता की कमी और जटिल प्रशासनिक ढांचे के कारण होता है। रिपोर्ट में बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट, आईटीसी और आदित्य बिड़ला कैपिटल जैसी सूचीबद्ध कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा गया कि शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बावजूद लंबी अवधि की कारोबारी रणनीतियां सफलतापूर्वक जारी रखी जा सकती है।

बता दें कि टाटा समूह लंबे समय से अपने परोपकारी ट्रस्ट ढांचे के लिए जाना जाता है। टाटा ट्रस्ट्स के जरिए समूह ने वर्षों तक सामाजिक और दीर्घकालिक निवेश मॉडल को बढ़ावा दिया है। हालांकि इनगवर्न का कहना है कि मौजूदा समय में समूह का आकार और आर्थिक प्रभाव इतना बड़ा हो चुका है कि अब अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी हो गई है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सूचीबद्ध होने से टाटा संस के अल्पसंख्यक शेयरधारकों को बेहतर जानकारी और उचित मूल्य निर्धारण का फायदा मिल सकता है। इसमें एसपी समूह और टाटा समूह की सात सूचीबद्ध कंपनियों का भी जिक्र किया गया है, जिनकी टाटा संस में हिस्सेदारी लंबे समय से बनी हुई है।

हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी साफ किया है कि केवल सूचीबद्ध हो जाने से कंपनी के मूल्य में तुरंत बड़ा फायदा होना तय नहीं माना जा सकता है। लेकिन उनका कहना है कि इतने बड़े और प्रभावशाली कारोबारी ढांचे को ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाना समय की जरूरत बन चुकी है।

Continue reading on the app

  Sports

अब कभी IPL मैच में नजर नहीं आएगा 35 साल का ये स्टार, किया संन्यास का ऐलान

Murugan Ashwin Retirement: लेग-स्पिनर मुरुगन अश्विन ने 35 साल की उम्र में घरेलू क्रिकेट और आईपीएल से संन्यास की घोषणा कर दी है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने एक दशक लंबे सफर पर विराम लगाया. 2016 में डेब्यू करने वाले अश्विन ने अपने आईपीएल करियर में राइजिंग पुणे सुपरजायंट, मुंबई इंडियंस और आरसीबी समेत छह फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधित्व किया. आखिरी बार वह 2023 में आईपीएल मैच खेलते नजर आए थे. Mon, 25 May 2026 23:12:17 +0530

  Videos
See all

News Ki Pathshala Live | Iran Us War Live Update | ईरान के बाद Trump ने Munir - Shehbaz को फंसाया ? #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-25T19:06:29+00:00

Delhi Lal Qila Blast Update News : दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट, टारगेट पर था लखनऊ ! | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-25T19:30:07+00:00

Twisha Sharma Case Update: थाने के अंदर समर्थ सिंह..'नवभारत' पर Exclusive ! | Bhopal | Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-25T19:00:31+00:00

Viral Video: 14 साल के बच्चे से इश्क 4 बच्चों की मां, गजब रिस्क! |Crime News |UP News | Social Media #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-25T20:00:31+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers