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Bumrah और Hardik Pandya की चोट पर बोले VVS Laxman, कहा- खिलाड़ी मशीन नहीं, COE और Team India के बीच है शानदार तालमेल

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का पुरजोर तरीके से बचाव करते हुए इसके प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार को कहा कि खिलाड़ियों की चोट से उबरने की धीमी प्रक्रिया के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि क्रिकेटर कोई ‘मशीन’ नहीं हैं, जिनकी फिटनेस हर बार तय समयसीमा के भीतर लौट आए। लक्ष्मण ने यह भी स्पष्ट किया कि सीओई और टीम प्रबंधन के बीच बेहतरीन और निर्बाध समन्वय है।

फिलहाल तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, हरफनमौला हर्षित राणा, हार्दिक पांड्या, वॉशिंगटन सुंदर और शीर्ष क्रम के बल्लेबाज बी. साई सुदर्शन अपनी-अपनी चोटों से उबरने के लिए सीओई में हैं। लक्ष्मण ने सीओई में चुनिंदा मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘सीओई सिर्फ चोट से उबरने और फिटनेस हासिल करने का केंद्र नहीं है। क्रिकेटरों को उत्कृष्टता हासिल करने में मदद करने के लिए इसकी भूमिका इससे कहीं बड़ी है। इसलिए हम चोटों के मामले में ‘दोष’ शब्द का इस्तेमाल करना पसंद नहीं करते। ऐसा करने पर किसी एक व्यक्ति को बलि का बकरा बनाया जाता है।”

उन्होंने कहा, ‘‘पुरुष और महिला, दोनों टीमों के सीओई, टीम प्रबंधन और ‘एसएसएम स्टाफ’ के बीच शानदार तालमेल है। इसलिए बिना रूकावट के संवाद लगातार होता रहता है।” लक्ष्मण ने कहा कि कड़े फिटनेस मानकों और मानव शरीर की प्रकृति को देखते हुए किसी खिलाड़ी का एक निश्चित समयसीमा में पूरी तरह फिट हो जाना हमेशा संभव नहीं होता। उन्होंने कहा, ‘‘यह समझना बहुत जरूरी है कि दिशानिर्देश और समयसीमा हमारी अपेक्षाओं के आधार पर तय की जाती हैं। लेकिन यह मानव शरीर है, मशीन नहीं कि हर बार तय समयसीमा के भीतर ही रिकवरी हो जाए।’’

उन्होंने बताया, ‘‘ खिलाड़ी की प्रगति की लगातार निगरानी की जाती है और उसके अनुसार प्रशिक्षण का भार बढ़ाया जाता है। चोट के उबरने से लेकर फिट घोषित होने और खिलाड़ी के सीओई छोड़ने तक यही प्रक्रिया जारी रहती है।’’ लक्ष्मण ने अपनी बात समझाने के लिए जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि चयनकर्ता सीओई से खिलाड़ियों की फिटनेस स्थिति की रिपोर्ट मांगते हैं।

इसके बाद रिपोर्ट चयन समिति के अध्यक्ष और दोनों टीमों के मुख्य कोच और बीसीसीआई को भेजी जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘बुमराह और सुदर्शन के नाम के आगे हमेशा एक तारांकित निशान रहता है, जिसका अर्थ है ‘फिटनेस के अधीन’। इसलिए श्रीलंका के खिलाफ टीम के लिए उनका चयन फिटनेस क्लीयरेंस मिलने की शर्त पर होना था।’’ लक्ष्मण के मुताबिक, ‘‘सीओई में खिलाड़ियों का आकलन कर उन्हें एक चरण से दूसरे चरण में आगे बढ़ाया जाता है। उनकी प्रगति धीमी होती है तो चयन समिति के अध्यक्ष और मुख्य कोच को इसकी जानकारी दी जाती है।

उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है और सभी संबंधित लोग समझते हैं कि खिलाड़ी अभी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में हिस्सा लेने के लिए तैयार नहीं है।’’ जब लक्ष्मण से पूछा गया कि बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने को लेकर क्या यह चिंता का विषय है, तो पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने इसे ज्यादा तवज्जो नहीं दी। उन्होंने कहा कि चोट खेल करियर का हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह चिंता का कारण है। लेकिन जब कोई खिलाड़ी शीर्ष स्तर पर खेलता है तो उससे अपना सर्वश्रेष्ठ देने की उम्मीद होती है।

चोट किसी भी खिलाड़ी के करियर का हिस्सा है। अगर आप चोट से बचने के बारे में सोचते रहेंगे तो अपनी पूरी क्षमता के साथ नहीं खेल पाएंगे।’’ उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि खिलाड़ियों की चोट को देखने का नजरिया बदलना चाहिए। उनके अनुसार, चोट को हमेशा नकारात्मक चीज के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे खेल का स्वाभाविक हिस्सा समझना चाहिए। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भी श्रृंखला से पहले टीम चयन की प्रक्रिया को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आम तौर पर टीम के रवाना होने से कम से कम तीन से चार सप्ताह पहले चयन बैठक होती है।

सैकिया ने कहा, ‘‘उस समय हमें खिलाड़ी की फिटनेस की वास्तविक स्थिति का पता नहीं होता। इसलिए उसके नाम के आगे ‘फिटनेस के अधीन’ का उल्लेख किया जाता है, क्योंकि वह खिलाड़ी उस समयचोट की उबरने की प्रक्रिया से जुड़े कार्यक्रम से गुजर रहा होता है।’’

उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ी 21 या 28 दिनों की उस अवधि में फिट हो जाता है, तो उसे टीम में शामिल किया जा सकता है। इसीलिए ऐसे खिलाड़ी को सीधे तौर पर चयन से बाहर नहीं किया जाता है। सैकिया के अनुसार, ‘‘टीम के यात्रा पर रवाना होने या मैच खेलने तक जरूरी फिटनेस हासिल करने के लिए खिलाड़ी के पास पर्याप्त समय रहता है। इस तरह अंतिम फैसला खिलाड़ी की वास्तविक फिटनेस स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाता है।

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Reality Show 'Alliance' का सेलिब्रेशन: Sohail Khan के घर Salman Khan और कुणाल खेमू का दिखा खास अंदाज

बीते दिनों में सोहेल खान रियलिटी शो 'अलायंस' में नजर आए थे। लेकिन, अब यह शो खत्म हो चुका है। दरअसल, जीत का ताज मिनी माथुर के सिर सजा है। शो समाप्त होने के बाद सोहेल खान ने एक सक्सेस पार्टी रखी है। उन्होंने अपने घर इस पार्टी का आयोजन किया, जहां कई सेलेब्स नजर आए। उनके बड़े भाई सलमान खान और अरबाज खान भी इस पार्टी में आए।

स्वैग के साथ नजर आए सलमान खान
'अलायंस' सक्सेस पार्टी शनिवार को आयोजित हुई, इस पार्टी में सोहेल खान के बड़े भाई सलमान खान भी पहुंचे। एक्टर को देखकर पैप्सस के कैमरे उनकी तरफ मुड़ गए। सलमान ने भी किसी को निराश नहीं किया और अपने स्वैग के साथ पोज दिए। आपको बता दें कि, सलमान खान 'अलायंस' में भी सोहेल खान से मिलने पहुंचे थे।

पत्नी शूरा के साथ पहुंचे अरबाज
सोहेल की पार्टी में अरबाज खान भी पहुंचे। इसके साथ ही सोहेल की भाभी शूरा खान भी नजर आईं। अरबाज और शूरा ने पैप्स के समाने दिए पोज। बता दें कि, शो 'अलायंस' कुणाल खेमू ने होस्ट किया। कुणाल को भी सोहेल खान की पार्टी में जाते हुए देखा गया। इस दौरान सोहा भी साथ नजर आईं।

इसके अलावा, ऋतिक रोशन की एक्स वाइफ सुजैन खान भी सोहेल के यहां पार्टी में शिरकत करती नजर आईं। वहीं, उनके साथ बॉयफ्रेंड अर्सलान गोनी को भी स्पॉट किया गया। 

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  Sports

Ashwin की भविष्यवाणी: Rohit Sharma के लिए Mumbai Indians के पास होनी चाहिए Coach वाली Special Role

पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के एक बयान ने क्रिकेट जगत में नई चर्चा शुरू कर दी है। अश्विन से पूछा गया कि भारतीय क्रिकेट के दो बड़े बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा भविष्य में कोच की भूमिका निभा सकते हैं या नहीं। इस पर उन्होंने दोनों के लिए अलग-अलग संभावनाएं बताईं और मुंबई इंडियंस को रोहित शर्मा को टीम से जोड़े रखने की सलाह दी है।

रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कहा कि विराट कोहली शायद तुरंत कोच बनने के लिए तैयार नहीं होंगे। उनके मुताबिक विराट संभवत: क्रिकेट से अलग होने के बाद कुछ समय का ब्रेक लेना चाहेंगे। अश्विन ने साफ किया कि वह विराट के भविष्य को लेकर निश्चित तौर पर कुछ नहीं कह सकते, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि विराट तुरंत किसी कोचिंग जिम्मेदारी में आ जाएंगे।

वहीं, रोहित शर्मा को लेकर अश्विन की राय काफी अलग रही। उन्होंने कहा कि अगर रोहित भविष्य में खेलना छोड़ने का फैसला करते हैं तो मुंबई इंडियंस को उन्हें तुरंत किसी भूमिका में अपने साथ जोड़ लेना चाहिए। अश्विन का मानना है कि रोहित की क्रिकेट समझ और रणनीति बनाने की क्षमता बेहद खास है और ऐसी प्रतिभा को क्रिकेट से दूर नहीं जाने देना चाहिए।

बता दें कि 39 वर्षीय रोहित शर्मा पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। अब उनके भविष्य को लेकर चर्चा मुख्य रूप से सीमित ओवरों के क्रिकेट के आसपास है। अगर वह आगे चलकर खेलना पूरी तरह छोड़ते हैं, तो उनके लिए कोच, सलाहकार या टीम प्रबंधन से जुड़ी किसी भूमिका की संभावना बन सकती है।

अश्विन ने रोहित की कप्तानी की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पांच बार आईपीएल खिताब जीतने वाले कप्तान और भारत को विश्व कप जिताने वाले खिलाड़ी आसानी से नहीं मिलते। ऐसे खिलाड़ी की सोच और अनुभव किसी भी टीम के लिए बड़ी संपत्ति हो सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर रोहित मुख्य कोच की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते तो उन्हें तुरंत उस भूमिका में जाने की जरूरत नहीं है। वह एक-दो साल का ब्रेक लेकर बाद में किसी जिम्मेदारी को संभाल सकते हैं। अश्विन ने राहुल द्रविड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि द्रविड़ ने भी एक समय ब्रेक लिया था और फिर क्रिकेट से जुड़े काम में वापस आए थे।

गौरतलब है कि अश्विन खुद भी भविष्य में कोच बनने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। इसी वजह से उनका यह आकलन खास माना जा रहा है। उन्होंने आने वाले समय में घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की भूमिका बढ़ने की संभावना भी जताई।

अश्विन के मुताबिक, अगले कुछ वर्षों में फ्रेंचाइजी क्रिकेट का प्रभाव और बढ़ सकता है। ऐसे में सिर्फ मुख्य कोच ही नहीं, बल्कि सलाहकार, क्रिकेट निदेशक और उच्च प्रदर्शन निदेशक जैसे पद भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इन भूमिकाओं में पूर्व सफल खिलाड़ियों के अनुभव का इस्तेमाल किया जा सकता है।

अश्विन का मानना है कि मुंबई इंडियंस जैसी टीम रोहित की क्रिकेट समझ को नजरअंदाज नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि रोहित जिस तरह खेल को पढ़ते हैं और परिस्थितियों के हिसाब से फैसले लेते हैं, वह क्षमता उन्हें भविष्य में भी उपयोगी बना सकती है।

फिलहाल विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों का भविष्य खिलाड़ी के तौर पर ही चर्चा में है, लेकिन अश्विन के बयान ने इस बहस को नई दिशा दे दी है। आने वाले वर्षों में अगर दोनों में से कोई कोचिंग या टीम प्रबंधन का रास्ता चुनता है, तो भारतीय क्रिकेट को दो बेहद अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव नई भूमिका में देखने को मिल सकता है।
Fri, 14 Aug 2026 21:33:49 +0530

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