मुख्यमंत्री की पाती’ में सीएम योगी की भावुक अपील, बच्चों को दादा-दादी और नाना-नानी से जोड़ने पर दिया जोर
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर समाज और परिवार को जोड़ने वाला भावनात्मक संदेश दिया है. ‘मुख्यमंत्री की पाती’ के जरिए उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को उनके दादा-दादी और नाना-नानी के घर जरूर ले जाएं. उन्होंने कहा कि बच्चों को सिर्फ आधुनिक जीवनशैली ही नहीं, बल्कि पारिवारिक संस्कार, गांव का वातावरण और प्रकृति से जुड़ाव भी मिलना चाहिए.
बच्चों को परिवार और संस्कारों से जोड़ने की अपील
सीएम योगी ने अपने पत्र में लिखा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बच्चों का अपने बुजुर्गों और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ाव धीरे-धीरे कम होता जा रहा है. मोबाइल, इंटरनेट और डिजिटल दुनिया के बीच बच्चे प्राकृतिक जीवन और पारिवारिक रिश्तों की गर्माहट से दूर हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि दादा-दादी और नाना-नानी के साथ बिताया गया समय बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. बुजुर्गों के अनुभव, कहानियां और जीवन मूल्य बच्चों को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाते हैं.
गांव और प्रकृति से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को गांव का जीवन भी दिखाएं. खेत, पेड़-पौधे, तालाब, पशु-पक्षी और ग्रामीण परिवेश बच्चों को प्रकृति के करीब लाते हैं। इससे बच्चों में संवेदनशीलता और सामाजिक समझ विकसित होती है.
उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं के बीच पल रही नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना जरूरी है. गांव का अनुभव बच्चों को जीवन के वास्तविक पहलुओं को समझने में मदद करता है.
छुट्टियों को बनाएं यादगार
सीएम योगी ने कहा कि गर्मी की छुट्टियां केवल घूमने-फिरने या मनोरंजन का समय नहीं होतीं, बल्कि यह परिवार के साथ संबंध मजबूत करने का भी अवसर होती हैं. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ समय बिताने और उन्हें परिवार की जड़ों से जोड़ने की अपील की.
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे जब अपने बुजुर्गों के साथ समय बिताते हैं तो उनमें सम्मान, अनुशासन और संवेदनशीलता जैसे गुण विकसित होते हैं.
सामाजिक संदेश के रूप में देखी जा रही पहल
‘मुख्यमंत्री की पाती’ को केवल एक प्रशासनिक संदेश नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है. शिक्षा और तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच परिवार और परंपराओं से जुड़ाव बनाए रखने की यह अपील लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली में बच्चों का मानसिक और भावनात्मक विकास तभी संतुलित हो सकता है जब उन्हें परिवार, समाज और प्रकृति तीनों से जुड़ने का अवसर मिले. सीएम योगी का यह संदेश उसी दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है.
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