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NEET UG Re-Exam 2026 Fee Refund: नीट-यूजी फीस रिफंड प्रक्रिया शुरू, 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा

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स्पेस में तारे बनते हैं नेविगेशन सिस्टम का हिस्सा, जानें एस्ट्रोनॉट्स कैसे तय करते हैं रास्ता

नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। स्पेस की दुनिया रहस्य और रोमांच से भरी है। पृथ्वी से कई सौ किलोमीटर दूर स्पेस में पानी बनाना हो या अन्य छोटी-बड़ी बातें, ये लोगों को हैरत में डाल देती हैं। स्पेस में रास्ता तय करना भी एक ऐसा ही सवाल है। स्पेस में नेविगेशन के लिए एस्ट्रोनॉट्स आधुनिक तकनीक के साथ-साथ पारंपरिक तरीकों का भी इस्तेमाल करते हैं। तारे उनके लिए नेविगेशन सिस्टम की तरह काम करते हैं।

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के क्रू मेंबर व कनाडियन स्पेस एजेंसी के एस्ट्रोनॉट जेरेमी हैनसेन ने हाल ही में बताया कि ओरियन स्पेसक्राफ्ट को चलाने में तारों की मदद कैसे ली जाती है। चांद पर जाना हो या अन्य ग्रहों की यात्रा लाखों किलोमीटर दूर तक कि इतनी लंबी दूरी के बाद सही जगह पर पहुंचना बेहद जरूरी है। अगर थोड़ी सी भी गलती हुई तो स्पेसक्राफ्ट या तो ग्रहों से टकरा सकता है या फिर अंतरिक्ष में कहीं खो सकता है। इसलिए नेविगेशन सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है।

एस्ट्रोनॉट्स अपनी स्थिति का पता लगाने के लिए दो मुख्य तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। पहला तरीका पृथ्वी से मिलने वाली सहायता है। पृथ्वी पर स्थित मिशन कंट्रोल सेंटर अपने विभिन्न सिस्टम की मदद से स्पेसक्राफ्ट को ट्रैक करता है और एस्ट्रोनॉट्स को उनकी सटीक स्थिति, गति और दिशा के बारे में लगातार जानकारी भेजता रहता है।

दूसरा और बेहद रोचक तरीका तारों की मदद लेना है। स्पेसक्राफ्ट में खास सिस्टम लगे होते हैं, जो तारों की तस्वीरें ले सकते हैं। ये सिस्टम चांद की स्थिति और उसकी परछाई का भी अध्ययन करते हैं। साथ ही, तारीख और समय के आधार पर गणना करके यह पता लगाते हैं कि स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष में कहां है और किस गति से आगे बढ़ रहा है।

जेरेमी हैनसेन ने बताया कि स्पेसक्राफ्ट ज्यादातर समय ऑटोमेशन मोड में उड़ता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर एस्ट्रोनॉट्स इसे इसे मैन्युअली भी कंट्रोल कर सकते हैं। मिशन कंट्रोल के निर्देशों के अलावा, तारों का इस्तेमाल करके वे खुद भी अपनी दिशा तय कर सकते हैं।

अब सवाल है कि तारे इतने क्यों जरूरी हैं? एस्ट्रोनॉट बताते हैं अंतरिक्ष में कोई सड़क, कोई निशान या कोई लैंडमार्क नहीं होता। ऐसे में तारे एक स्थिर और भरोसेमंद गाइड की तरह काम करते हैं। सदियों से नाविक समुद्र में तारों की मदद से रास्ता ढूंढते आए हैं। अब एस्ट्रोनॉट्स भी उसी सिद्धांत का इस्तेमाल आधुनिक उपकरणों के साथ कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एमटी/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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