14 मई 2026 बीजिंग चीन बीजिंग में आयोजित राजकीय भोज के लिए दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क खाने की टेबल पर बैठे थे। अजीबो-गरीब चेहरा बना रहे थे। कभी हंस रहे थे तो कभी आंखों से इस तरह का रिएक्शन दे रहे थे। उस वक्त मस्क का यह वीडियो दुनिया भर में वायरल हुआ था। लेकिन इस वीडियो में एक चीज गौर करने वाली थी। लाल कपड़ों में यह महिला वेटर जिसे चीन ने मस्क की आओ भगत के लिए लगाया था। लेकिन अब इसी महिला को लेकर सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मस्क के पास चीन की एजेंट घूम रही थी। यह वेटर नहीं पीएलए की कमांडर है। मस्क की जासूसी करवा रहे थे। दावा किया जा रहा है कि यह महिला वेटर नहीं थी बल्कि एक जासूस थी जिससे एलन मस्क को खाना खिलाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस महिला वेटर के अलग-अलग वीडियो अब सामने आ रहे हैं। जहां अमेरिका के बड़े-बड़े उद्योगपति बैठे थे। खाना खा रहे थे। वहीं यह महिला अपने एक साथी के साथ बात करते हुए दिखाई देती है।
दोनों के बीच कुछ देर तक बातचीत होती है और यही बातचीत चीन की नियत और नीति पर सवाल खड़े कर रही है। दरअसल इस महिला को जासूस बताने वाला कोई और नहीं बल्कि चीनी मूल की मानव अधिकार कार्यकर्ता, ब्लॉगर और लेखिका जेनिफर जेंग हैं। जो चीन के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जानी जाती है। जेनिफर ने ही इस वीडियो को शेयर करते हुए इस महिला की जानकारी दी। जेनिफर जेंग के मुताबिक मस्क को खाना खिलाने वाली यह महिला चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्य और पीएलई की बटालियन कमांडर है। जेंग का दावा है कि इस महिला का नाम चेंग चेंग है। जिसने ट्रंप के बीजिंग दौरे के दौरान अमेरिकी डेलीगेशन की जासूसी की। जेंग का यह भी कहना है कि चीन ने अमेरिकी अधिकारियों पर नजर रखने के लिए भेष बदलकर लोगों को तैनात किया था। जेनफर जेंग ने चीनी जासूस चेंग चेंग का सेना की वर्दी वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया। इस वीडियो में चंग को सम्मानित होते हुए दिखाया जा रहा है। परेड में शामिल चंग का वीडियो भी सामने आया है।
इतना ही नहीं चंग की वर्दी पर लगे तमंगे भी आप देख सकते हैं। जेनफर के मुताबिक चंग चेंग चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी यानी पीएलएम में एक प्रमुख चेहरा है। उनका जन्म दिसंबर 1986 में शडोंग प्रांत के वेईफांग में हुआ था। 2004 में जब चेंग 18 साल की हो गई थी तब वह चीन की सेना में शामिल हुई थी। शुरू में वह कम्युनिकेशन सोल्जर के रूप में काम करती थी। बाद में उन्होंने नर्सिंग की पढ़ाई की। 2008 में उन्हें 60वें राष्ट्रीय दिवस परेड के लिए चुना गया था। 2012 में उन्हें पीएलए ऑनर गार्ड सेरेमोनियल ब्रिगेड में शामिल किया गया था। 2014 से वह महिला यूनिट की कमांडर रहीं। उन्होंने 2015 की विश्व युद्ध विजय परेड और कई महत्वपूर्ण राज्य समारोह में नेतृत्व किया। 2018 में चेग लगातार दो बार नेशनल पीपल्स कांग्रेस की सदस्य भी चुनी जा चुकी हैं।
यानी साफ है कि चीन ने एलन मस्क की जासूसी के लिए बहुत शातिर, अनुभवी, प्रशिक्षित और खूबसूरत महिला कमांडर को लगाया था। डिनर हॉल में वह वेटर बनी हुई थी ताकि किसी को उन पर शक ना हो। हालांकि चीन ने इन आरोपों पर कुछ नहीं कहा है लेकिन वीडियो सामने आने के बाद चीन की मंशा पर शक और गहरा जाता है। 15 मई को जब चीन का दौरा खत्म होने के बाद अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल ट्रंप के साथ वापस लौट रहा था तब अमेरिकी डेलीगेशन ने चीन से मिले सभी गिफ्ट, बैज, फोन और दूसरे सामान ट्रंप के विमान एयरफोर्स वन में चढ़ने से पहले ही डस्टबिन में फेंक दिए थे। यह कदम साइबर जासूसी और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के डर की वजह से उठाया गया था। दावा है कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसीज ने साफ निर्देश दिया था कि चीन की तरफ से मिला कोई भी सामान राष्ट्रपति के विमान में नहीं ले जाया जाएगा। दरअसल अमेरिका और चीन एक दूसरे के कट्टर दुश्मन है। एक दूसरे को अपना प्रतिद्वंदी मानते हैं।
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ईरानी नावों पर एलियंस की जासूसी अमेरिकी फाइटर जेट6 एलियंस के स्पेसक्राफ्ट के साथ आसमान में अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों की दूसरे ग्रह के लोगों से बातचीत और यूएस के नेशनल पार्क में यूएफओ की लैंड तस्वीरें आज तक दुनिया के सामने नहीं आई। और ना आई थी एलियंस के होने की सच्चाई। अब तक फिल्मों और कहानियों तक ही एलियंस का जिक्र होता था। लेकिन अब धरती के दूसरे ग्रह पर रहने वाले लोगों के राज से उठने लगा है पन्ना। दुनिया के सामने आया है ऐसा सच जो अब तक किसी ने ना देखा था और ना ही सुना था। यह एक ऐसा सच है जिसने एलियंस से जुड़े तमाम सवालों और रहस्यों पर से पर्दा उठा दिया है। सामने आईं तस्वीरें बताती हैं कि क्या सच में एलियंस होते हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने यूएफओ से जुड़ी बेहद संवेदनशील और डिकोड की गई फाइलों का दूसरा सेट जारी कर दिया है और बता दिया है कि कब और क्यों एलियंस धरती पर उतरे। दावा किया जा रहा है कि आसमान में उड़ने वाली चीज एलियंस का स्पेसक्राफ्ट है। जिससे अमेरिकी वायु सेना ने अपने F16 फाइटर जेट से मार दिलाया। यह वीडियो अमेरिका ने जारी किया है और वीडियो फरवरी 2023 का है। इस फुटेज में अमेरिकी एयरफोर्स का एक फाइटर जेट लेकर ऊपर एक अज्ञात वस्तु को मार गिराते हुए साफ दिख रहा है। यह घटना उस समय हुई थी जब चीनी जासूसी गुब्बारे को लेकर अमेरिका में हड़कंप मच गया था। हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर आसमान में उड़ने वाली वो चीज थी क्या?
एक बार फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के बाद फेडरल एजेंसीज ने यूएओ से जुड़े सीक्रेट दस्तावेजों को पब्लिक किया। इस नई खेप में कुल 64 फाइल शामिल हैं। इनमें छह पीडीएफ डॉक्यूमेंट्स, सात ऑडियो क्लिप और 51 सनसनीखेज वीडियोस हैं। इन्हीं वीडियोस ने एक बार फिर से एलियम को लेकर नई बहस छोड़ दी है क्योंकि इन आधिकारिक दस्तावेजों में अमेरिकी सेना के सामने आए कुछ ऐसे वाक्य दर्ज है जिन्होंने वैज्ञानिकों और रक्षा विश्लेषकों को हैरान कर दिया था। अमेरिकी सरकार ने एलियंस की जांच करने के लिए पहला आधिकारिक तौर पर प्रोजेक्ट 1949 में शुरू किया था। जिसका नाम प्रोजेक्ट ग्रज रखा था। लेकिन कई सोर्सेज का मानना है कि अमेरिका ने यह प्रोग्राम 1935 के बाद से ही शुरू कर दिया था और वह दुनिया को यह नहीं बताना चाहता था कि वो दूसरे ग्रह के लोगों के साथ संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। इसलिए अमेरिका ने अपने खास मकसद के लिए इस प्रोग्राम से जुड़ी जानकारियों की दूसरी खेप को जारी किया है ताकि दुनिया एलियंस के सच को जान सके। अमेरिका अपनी रिसर्च फाइलों को आखिर क्यों दुनिया के सामने ला रहा है?
यह बड़ा सवाल है जो अमेरिका 1935 से यूएफओ प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है और कभी भी दुनिया के सामने अपनी रिसर्च को नहीं रखता वो अमेरिका अचानक यूएफओ प्रोजेक्ट से जुड़ी रिसर्च की फाइलों का दूसरा बैच जारी कर रहा है। आज नहीं तो कल अमेरिका का यह सच भी सामने आ ही जाएगा। लेकिन अभी जो उसने 51 सनसनीखेज वीडियोस जारी किए हैं, जिनमें से यह वीडियो भी शामिल है। यह वीडियो अमेरिकी सेना के थर्मल सेंसर से रिकॉर्ड की गई है। इसमें एक चमकती हुई रहस्यमई वस्तु समुद्र के ऊपर बेहद तेज गति से होती दिख रही है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि यह ऑब्जेक्ट एक सैन्य जहाज के पास से तेजी से गुजरता नजर आ रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह घटना परर्शियन गल्फ यानी अरब की खाड़ी क्षेत्र में हुई थी। अधिकारियों ने कहा कि अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि यह एलियन टेक्नोलॉजी है। और देखिए जो वीडियो अमेरिका ने जारी किया है उसे देखने के बाद लगता है कि धरती के बाहर भी कोई ऐसा ग्रह है जहां पर लोग रहते हैं और हम उन्हें एलियंस मानते हैं और यही वो लोग हैं जो कि किसी खास मकसद से हमारी धरती पर बीच-बीच में आकर यहां पर अपना प्रेजेंस बताते रहते हैं। ट्रंप प्रशासन ने दुनिया के सामने जिन दस्तावेजों से लेकर वीडियो और फोटोस जारी कर दिया है। इन फाइलों में सबसे ज्यादा चर्चा इस 6 सेकंड के वीडियो की हो रही है। इस रहस्यमई वीडियो ने पूरी दुनिया में सनसनी मचा दी है।
सबसे दिलचस्प हिस्सा अपोलो 12 मिशन का ट्रांसक्रिप्ट माना जा रहा है। इसमें अंतरिक्ष यात्री उड़ान के दौरान अंतरिक्ष यान के पास चमकती चीजें दिखने की बात करते हुए सुनाई दे रहे हैं। अपोलो 12 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने बताया कि गहरे अंतरिक्ष में जब उनकी आंखें बंद होती थी तब उन्हें अचानक चमकती हुई रोशनी दिखाई देती थी। कुछ अंतरिक्ष यात्रियों ने कहा कि यह रोशनियां उनकी नजर के सामने क्षैतिज दिशा में तेजी से गुजरती हुई लकीरों जैसी लगती थी। दूसरों ने इसे ऐसा बताया जैसे किसी ने अंतरिक्ष यान के अंदर उनकी आंखों के सामने अचानक एक छोटी सी टॉर्च चमका दी। हालांकि बाद में नासा ने निष्कर्ष निकाला कि यह घटना बाहरी वस्तुओं की वजह से नहीं थी। बल्कि संभवतः कॉस्मिक किरणों के अंतरिक्ष यात्रियों के रेटिना से टकराने के कारण होती थी। जिससे उन्हें यह चमक दिखाई देती थी। कॉस्मिक किरण अंतरिक्ष से आने वाली अत्यंत तेज और ऊर्जावान कण होते हैं जो प्रकाश की गति के करीब यात्रा करते हैं और पूरे ब्रह्मांड में घूमते रहते हैं।
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