भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि तेल आयातक देशों में सबसे कम
नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में जारी संकट का असर अब देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, भारत में ईंधन के दाम में वृद्धि तेल आयातक देशों में सबसे कम बनी हुई है।
मध्य पूर्व में कच्चे तेल के निर्यात के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज स्ट्रेट के 28 फरवरी से बंद रहने के कारण, घरेलू तेल कंपनियों ने चार बार -15,19,23 और 25 मई को ईंधन की कीमतों में करीब 7.5 प्रतिशत का इजाफा किया है। वहीं, बाकी दुनिया में ईंधन की कीमतों में 10 से लेकर 90 प्रतिशत तक की वृद्धि हो चुकी है।
भारत में चार बार ईंधन की कीमत में हुई वृद्धि के चलते नई दिल्ली में पेट्रोल का दाम 7.35 रुपए प्रति लीटर बढ़कर 102.12 रुपए प्रति लीटर हो गया है, जो कि पहले 94.77 रुपए प्रति लीटर था। वहीं, डीजल का दाम 7.53 रुपए प्रति लीटर बढ़कर 95.20 रुपए प्रति लीटर हो गया है, जो कि पहले 87.67 रुपए प्रति लीटर है।
दुनिया की प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्था में पेट्रोल की खुदरा कीमत 150 रुपए प्रति लीटर से अधिक है और अधिकतर देशों में 180 रुपए प्रति लीटर से अधिक है; यूरोपीय संघ के 27 देशों में औसत पेट्रोल की कीमत 179 रुपए और डीजल की कीमत 184 रुपए है।
भारत के दो बड़े पड़ोसी देश - पाकिस्तान और नेपाल - कम आय के बावजूद पेट्रोल की कीमत 135 रुपए प्रति लीटर से काफी ऊपर पहुंच गई है। श्रीलंका, म्यांमार और फिलीपींस में यह कीमत 130 रुपए प्रति लीटर से ऊपर है।
प्रत्यक्ष सब्सिडी देने वाली केवल दो ही अर्थव्यवस्थाएं (यूएई और मलेशिया) या अमेरिका पेट्रोल की खुदरा कीमत भारत की तुलना में लगातार कम रख रही हैं। जहां ईंधन पर कर संरचनात्मक रूप से कम है।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत विकासशील देशों के अधिकांश देशों के बराबर या उससे कम है और यूरोपीय पंप मूल्य से लगभग आधी है, जबकि वर्तमान आर्थिक संकट के दौरान भी भारत में गैर-सब्सिडी देने वाले देशों की तुलना में कम वृद्धि हुई है।
अन्य सभी प्रमुख आयातक अर्थव्यवस्थाओं ने लागत का बोझ अपने उपभोक्ताओं पर डाल दिया है और कई मामलों में तो 48 महीनों में पेट्रोल की कीमतें दोगुनी हो गई हैं, लेकिन भारत ने ऐसा नहीं किया है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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शादी और तलाक को लेकर बदलेंगे नियम, इस बड़े राज्य ने शुरू की तैयारी
Assam UCC Bill: असम में जल्द ही शादी, तलाक, संपत्ति, पिता की विरासत और लिव इन रिलेशनशिप जैसे कई मसलों में कानून बदलने वाला है. दरअसल, आज हाल ही में गठित हुई नई सरकार ने विधानसभा में Uniform Civil Code (UCC) को पेश किया है. हालांकि ये अभी ड्राफ्ट बिल है, जिसका विपक्ष ने पुरजोर विरोध किया है. बता दें हाल ही में इस बिल को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी थी. अनुमान है कि इस बिल पर 27 मई को असम विधानसभा में चर्चा होगी, जहां ये पास हो सकता है. आइए आपको बताते हैं कि अगर ये बिल पास होकर लागू होगा तो असम में रहने वाले लोगों के जीवन में क्या-क्या बदलाव आएंगे. सबसे पहला चेंज होगा कि यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में सभी धर्मों के लिए एक जैसा सिविल कानून होगा. जिसमें शादी, तलाक, गुजारा भत्ता और पिता की विरासत को लेकर तय नियम एक होंगे. इसके अलावा दुसरा बड़ा बदलाव ये आएगा कि बहुविवाह पर पूरी तरह रोक होगी.
राज्य में एक से ज्यादा शादी करने पर कानूनी कार्रवाई संभव होगी
यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में एक से ज्यादा शादी करने पर कानूनी कार्रवाई संभव होगी. इसके अलावा शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन जरूरी हो जाएगा. वहीं, Live-in relationship में रहने पर किसी भी कपल को इसके बारे में स्थानीय प्रशासन के पास रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी हो जाएगा.
Assam Assembly introduces UCC bill, third state after Uttarakhand, Gujarat
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जनजातीय रीति-रिवाज, परंपराओं, और Sixth Schedule क्षेत्रों को UCC से बाहर रखा जाएगा
UCC लागू होने के बाद राज्य में महिलाओं के संपत्ति अधिकार पहले से मजबूत हो जाएंगे. यहां घर की बेटियों और महिलाओं को पिता की विरासत में घर के बेटे की तरह समान अधिकार दिया जाएगा. वहीं, ये नए नियम आदिवासियों के लिए नए अधिकार लेकर आएंगे. मसलन इसके लागू होने पर Tribal communities को कई तरह की छूट मिलनी शुरू हो जाएंगी. जनजातीय रीति-रिवाज, परंपराओं, और Sixth Schedule क्षेत्रों को UCC से बाहर रखा जाएगा. जिससे इन आदिवासी समुदायों की परंपराएं पहले जैसी रह सकती हैं.
ये भी जानें
भारत में अभी UCC किन राज्यों में लागू है.
1. गोवा
2. उत्तराखंड
किन राज्यों में UCC लागू करने की तैयारी चल रही है.
असम, गुजरात और कुछ अन्य राज्यों में इस पर तैयारी या चर्चा चल रही है.
जहां UCC लागू हुआ वहां क्या बड़े बदलाव हुए?
-शादी और तलाक के नियम एक जैसे
-महिलाओं के अधिकार मजबूत
-Live-in relationship पर नियम लागू हुए
-डिजिटल रजिस्ट्रेशन सिस्टम मजबूत हुआ
"UCC is political agenda of BJP": APCC Working President Jakir Hussain Sikdar questions need for Uniform Civil Code in Assam
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UCC लागू होने के बाद लोगों ने इसके क्या फायदे बताए?
-सभी नागरिकों के लिए समान कानून
-महिलाओं को ज्यादा कानूनी सुरक्षा
-बाल विवाह और बहुविवाह पर रोक
-कानूनी प्रक्रिया आसान और एक समान
-धर्म आधारित भेदभाव कम करने की कोशिश
UCC लागू होने के बाद लोगों ने इसके क्या नुकसान बताए?
-धार्मिक स्वतंत्रता पर असर
-Live-in registration पर विवाद, कुछ लोगों ने इसे निजता का हनन बताया
-लागू करने में तकनीकी दिक्कतें
-पर्याप्त चर्चा नहीं होने का आरोप
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