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Monsoon Tips : बारिश के मौसम में AC की हवा स्किन की दुशमन, थोड़ी सी चूक बढ़ा देगी खुजली, जानिए बचाव

Monsoon Health Tips : क्या आप भी बारिश के मौसम में एसी चलाकर रखते हैं. यह आदत आपकी त्वचा के लिए घातक हो सकती है. बाहर की नमी और अंदर की ठंडी-सूखी हवा का लगातार असर त्वचा का प्राकृतिक संतुलन बिगाड़ देता है. गाजियाबाद की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या द्विवेदी लोकल 18 से बताती हैं कि लंबे समय तक एसी में रहने से त्वचा की नमी धीरे-धीरे कम होने लगती है. जो लोग ऑफिस में कई घंटे एसी में काम करते हैं या घर पर लगातार एसी चलाकर बैठते हैं, उन्हें इस मौसम में सावधान रहने की जरूरत है. डॉ. दिव्या के मुताबिक, एसी का तापमान भी बहुत कम नहीं रखना चाहिए. दिन में कम से कम दो बार अच्छे साबुन से स्नान करें. चेहरे को भी दिन में दो-तीन बार साफ पानी से धोते रहें.

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Foot Care: केवल ठंड ही नहीं, गलत Footwear और Hormonal Changes भी हैं जिम्मेदार, ऐसे करें पैरों का बचाव

ठंड के मौसम में अक्सर लोगों को एड़ियों के फटने और रूखेपन की समस्या होती है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनको हर मौसम में फटी एड़ियों की शिकायत बनी रहती है। इसकी वजह न सिर्फ मौसम बल्कि कुछ सामान्य लापरवाहियां भी एड़ियों को तंग करती है। हवा में खुश्की होने की वजह स्किन से नमी कम होना लाजमी है। अधिकतर एसी में रहने या ठंड के मौसम में ऐसा होना एक सामान्य प्रोसेस है। लेकिन अगर मॉइश्चराइज न किया जाए, तो एड़ियां खुरदरी और फटने लगती हैं।

मौसम की मार के अलावा जो लोग लंबे समय तक खड़े रहते हैं या फिर एड़ियों की देखरेख में लापरवाही बरतते हैं। तब भी एड़ियों के फटने की समस्या होती है, जोकि किसी भी मौसम में हो सकती है। शुरूआत में एड़ियां रूखी बनी रहती है। वहीं समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए, तो एड़ियों में गहरी दरारें आना शुरू हो जाती हैं और इनमें दर्द भी होता है। कई बार गंभीर स्थितियों में एड़ियों से खून आने लगता है।

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क्यों होती है क्रैक्ड हील की समस्या

ज्यादा नहाने, खुश्क मौसम या हार्श सॉप की वजह से एड़ियों की नमी खोने लगती है।

सख्त फर्श पर लंबे समय तक खड़े रहने से।

नंगे पैर ज्यादा देर तक चलने से।

सही फिटिंग का फुटवियर न होने पर या पीछे से फुटवियर खुला होने पर।

मोटापा, इससे भी एड़ियों पर अधिक भार पड़ता है।

बढ़ती उम्र में भी नेचुरल रूप से स्किन की इलास्टिसिटी कम होने लगती है।

साइरोसिस, फंगल इंफेक्शन या एग्जिमा होना पर।

हाइपोथायरॉएडिज्म या डायबिटीज जैसी बीमारियां होने पर।

ये आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार

एड़ियों को मेटल के स्क्रबर से घिसना।
एड़ियों पर ज्यादा स्क्रबर करना।
रोजाना ज्यादा गर्म पानी से नहाना।
ऐसे फुटवियर पहनना जो सख्त हों और तलवों के लिए कुशन नहीं होता है।
शुरूआत में एड़ियों के रूखेपन को नजरअंदाज करना।
लंबे समय तक नंगे पैर चलना या पैर घिसकर चलना।
नहाने के बाद मॉइश्चराइजर या फुट केयर न करना।

किसे होती है क्रैक हील की सबसे ज्यादा समस्या

अक्सर ज्यादा वेट वाले या मोटे लोगों में क्रैक हील की समस्या होती है। क्योंकि शरीर का भार एड़ियों पर आता है और इससे उन पर दबाव पड़ता है। जिन लोगों को लंबे समय तक खड़े रहना पड़ता है और उनको भी फटी एड़ियों की समस्या होती है। इनमें फैक्ट्री कर्मचारी, सेल्स मैन, टीचर और महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा डायबिटीज जैसी समस्याएं या एग्जिमा जैसी स्किन की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को क्रैक हील की समस्या हो सकती है।

लाइफस्टाइल संबंधी समस्याएं

ज्यादातर महिलाएं पीछे से खुली चप्पलें पहनती हैं, जिनमें एड़ियां ढकी नहीं रहती हैं।

लगातार पानी में रहकर काम करने से।

जेनेटिक्स की वजह

रोजाना मॉश्चराइजर लगाए बगैर बार-बार पेडिक्योर कराना।

हार्मोन या मेनोपॉज में बदलाव की वजह से।

ऐसे रखें एड़ियों का ख्याल

आप हर मौसम में फटी एड़ियों से बचने के लिए कुछ तरीके अपना सकते हैं और बदलाव करेंगे। इससे रूखी और फटी एड़ियां ठीक होंगी और हील्स भी क्रैक होने से बचेंगी।

दिन में दो बार एड़ियों पर मॉश्चराइजर लगाएं। मॉश्चराइजर में ग्लिसरीन, यूरिया, सेरामाइड और लैक्टिक एसिड जैसी चीजें होती हैं।

पैर धोने या फिर नहाने के बाद पैरों को पोंछने के बाद मॉश्चराइजर लगाना चाहिए।

सप्ताह में एक या दो बार प्यूमिक स्टोन से एड़ियों को स्क्रब करें, इससे डेड स्किन हट जाएगी।

वहीं नंगे पैर रहने से बचना चाहिए।

पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।

रात को सोने से पहले फुट क्रीम लगाना न भूलें।

बहुत ज्यादा गर्म पानी से नहाने से बचना चाहिए।

अगर नियमित देखरेख की जाए, तो एड़ियों को फटने से बचाया जा सकता है। नियमित देखरेख और रूखेपन की शुरूआत में ही अगर आप एहतियात बरतती हैं, तो क्रैक हील की शिकायत नहीं होगी। लेकिन अगर एड़ियों में ज्यादा समस्या है और दरारें गहरी हो गई हैं और उनमें खून आता है या तेज दर्द होता है। तब आपको डर्मेटोलॉजिस्ट की जरूरत पड़ती है।

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  Sports

Ashwin की भविष्यवाणी: Rohit Sharma के लिए Mumbai Indians के पास होनी चाहिए Coach वाली Special Role

पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के एक बयान ने क्रिकेट जगत में नई चर्चा शुरू कर दी है। अश्विन से पूछा गया कि भारतीय क्रिकेट के दो बड़े बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा भविष्य में कोच की भूमिका निभा सकते हैं या नहीं। इस पर उन्होंने दोनों के लिए अलग-अलग संभावनाएं बताईं और मुंबई इंडियंस को रोहित शर्मा को टीम से जोड़े रखने की सलाह दी है।

रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कहा कि विराट कोहली शायद तुरंत कोच बनने के लिए तैयार नहीं होंगे। उनके मुताबिक विराट संभवत: क्रिकेट से अलग होने के बाद कुछ समय का ब्रेक लेना चाहेंगे। अश्विन ने साफ किया कि वह विराट के भविष्य को लेकर निश्चित तौर पर कुछ नहीं कह सकते, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि विराट तुरंत किसी कोचिंग जिम्मेदारी में आ जाएंगे।

वहीं, रोहित शर्मा को लेकर अश्विन की राय काफी अलग रही। उन्होंने कहा कि अगर रोहित भविष्य में खेलना छोड़ने का फैसला करते हैं तो मुंबई इंडियंस को उन्हें तुरंत किसी भूमिका में अपने साथ जोड़ लेना चाहिए। अश्विन का मानना है कि रोहित की क्रिकेट समझ और रणनीति बनाने की क्षमता बेहद खास है और ऐसी प्रतिभा को क्रिकेट से दूर नहीं जाने देना चाहिए।

बता दें कि 39 वर्षीय रोहित शर्मा पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। अब उनके भविष्य को लेकर चर्चा मुख्य रूप से सीमित ओवरों के क्रिकेट के आसपास है। अगर वह आगे चलकर खेलना पूरी तरह छोड़ते हैं, तो उनके लिए कोच, सलाहकार या टीम प्रबंधन से जुड़ी किसी भूमिका की संभावना बन सकती है।

अश्विन ने रोहित की कप्तानी की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पांच बार आईपीएल खिताब जीतने वाले कप्तान और भारत को विश्व कप जिताने वाले खिलाड़ी आसानी से नहीं मिलते। ऐसे खिलाड़ी की सोच और अनुभव किसी भी टीम के लिए बड़ी संपत्ति हो सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर रोहित मुख्य कोच की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते तो उन्हें तुरंत उस भूमिका में जाने की जरूरत नहीं है। वह एक-दो साल का ब्रेक लेकर बाद में किसी जिम्मेदारी को संभाल सकते हैं। अश्विन ने राहुल द्रविड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि द्रविड़ ने भी एक समय ब्रेक लिया था और फिर क्रिकेट से जुड़े काम में वापस आए थे।

गौरतलब है कि अश्विन खुद भी भविष्य में कोच बनने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। इसी वजह से उनका यह आकलन खास माना जा रहा है। उन्होंने आने वाले समय में घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की भूमिका बढ़ने की संभावना भी जताई।

अश्विन के मुताबिक, अगले कुछ वर्षों में फ्रेंचाइजी क्रिकेट का प्रभाव और बढ़ सकता है। ऐसे में सिर्फ मुख्य कोच ही नहीं, बल्कि सलाहकार, क्रिकेट निदेशक और उच्च प्रदर्शन निदेशक जैसे पद भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इन भूमिकाओं में पूर्व सफल खिलाड़ियों के अनुभव का इस्तेमाल किया जा सकता है।

अश्विन का मानना है कि मुंबई इंडियंस जैसी टीम रोहित की क्रिकेट समझ को नजरअंदाज नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि रोहित जिस तरह खेल को पढ़ते हैं और परिस्थितियों के हिसाब से फैसले लेते हैं, वह क्षमता उन्हें भविष्य में भी उपयोगी बना सकती है।

फिलहाल विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों का भविष्य खिलाड़ी के तौर पर ही चर्चा में है, लेकिन अश्विन के बयान ने इस बहस को नई दिशा दे दी है। आने वाले वर्षों में अगर दोनों में से कोई कोचिंग या टीम प्रबंधन का रास्ता चुनता है, तो भारतीय क्रिकेट को दो बेहद अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव नई भूमिका में देखने को मिल सकता है।
Fri, 14 Aug 2026 21:33:49 +0530

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