कम किराए वाली 'भारत टैक्सी' राजस्थान में जल्दी शुरू होगी:पहली राइड पर 100 रुपए के कूपन पर विचार, जानिए- कितना होगा किराया?
देश की पहली सहकारी कैब सर्विस 'भारत टैक्सी' की जयपुर में भी शुरुआत होने जा रही है। जून में ट्रायल शुरू होगा। जुलाई में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इसकी विधिवित शुरुआत कर सकते हैं। भारत टैक्सी के आने से प्रदेश में प्राइवेट कंपनियों की मनमानी खत्म होगी। यात्रियों को किराए में बड़ी राहत मिलेगी। अफसरों का दावा है कि भारत टैक्सी में दूसरी कंपनियों की बजाय 25 से 30% कम किराया लगेगा। पीक आवर्स में ज्यादा किराया नहीं चुकाना पड़ेगा। राजस्थान के कौन-कौन से शहरों में कब तक ये टैक्सी सर्विस शुरू होगी? प्रति किलोमीटर कितना किराया होगा? राजस्थान में कितनी कैब सर्विस देंगी? कोई ड्राइवर भारत टैक्सी के साथ जुड़ना चाहे तो क्या तरीका है? क्या एप डाउनलोड करने पर कोई ऑफर मिलेगा? भास्कर ने ऐसे ही सवालों के जवाब भारत टैक्सी के CEO विवेक पांडे और सिटी हेड (जयपुर) अभिषेक चारण से लिए। पढ़िए- मंडे स्पेशल स्टोरी... सवाल : भारत टैक्सी सर्विस क्या है? जवाब : केंद्र सरकार का सहकारी मॉडल पर आधारित भारत का पहला कैब राइडिंग प्लेटफॉर्म है। इसे ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों के विकल्प के रूप में शुरू किया गया है। इसमें ड्राइवर्स को ‘सारथी’ कहा जाता है। इस मॉडल में ‘सारथी’ केवल सेवा प्रदाता नहीं है। बल्कि वे निर्णय लेने की प्रक्रिया का भी हिस्सा होंगे और बोर्ड मेंबर के रूप में भी अपनी भागीदारी निभा सकेंगे। यही नहीं शेयर खरीदकर ‘सारथी’ कंपनी के शेयर होल्डर भी बन सकेंगे। सवाल : भारत टैक्सी सर्विस में ड्राइवर्स कैसे रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं? जवाब : भारत टैक्सी एप्लिकेशन के माध्यम से कोई भी ड्राइवर (सारथी) रजिस्ट्रेशन करा सकता है। मोबाइल एप्लिकेशन गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। रजिस्ट्रेशन के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, गाड़ी की आरसी और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होगी। दस्तावेजों का सत्यापन मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे करती है। इसके बाद ड्राइवर्स को भारत टैक्सी प्लेटफार्म से जोड़ दिया जाता है। सवाल : जयपुर में अब तक कितने रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, कितने का लक्ष्य है? जवाब : अब तक 15 हजार ‘सारथी’ जुड़ चुके हैं। अभी और रजिस्ट्रेशन होंगे। हमारा लक्ष्य 50 हजार ‘सारथी’ के रजिस्ट्रेशन का है। सवाल : भारत टैक्सी सर्विस में ड्राइवर्स को क्या-क्या फायदे होंगे? जवाब : सबसे बड़ी बात यह है कि ‘सारथी’ को फ्री में राइड बुकिंग मिलेगी। किसी प्रकार का कमीशन नहीं देना पड़ेगा। प्राइवेट कंपनियों में सब्सक्रिप्शन चार्ज देना पड़ता है। ड्राइवर्स वेलफेयर विंग की स्थापना की गई है। जो ड्राइवर्स की सहायता, समस्याओं के समाधान और कल्याण से जुडी सभी जरूरतों में सहयोग करेगी। सवाल : भारत टैक्सी के ड्राइवर्स कैसे कमीशन मुक्त होंगे? जवाब : यह मॉडल ही जीरो कमीशन पर आधारित है। भविष्य में भी इसे जीरो कमीशन मॉडल रखा जाएगा। इसमें ड्राइवर्स से किसी भी राइड पर किसी प्रकार का कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा। इससे उनकी पूरी कमाई सीधे उन्हें प्राप्त हो सकेगी। भविष्य में प्लेटफॉर्म संचालन और बेहतर सेवाओं के लिए बहुत ही न्यूनतम सब्सक्रिप्शन फीस लागू की जा सकती है। यह फीस कितनी होगी, अभी तय नहीं की गई है। लेकिन होगी बहुत ही मामूली, ताकि ड्राइवर्स पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ न पड़े। सवाल : ड्राइवर्स को कंपनी में मुनाफा कैसे मिलेगा? जवाब : दस्तावेज सत्यापित होने के बाद ‘सारथी’ मात्र ₹500 का निवेश करके भारत टैक्सी के पांच शेयर खरीद सकते हैं। इससे वे कंपनी के शेयर होल्डर बन जाते हैं। भविष्य में कंपनी को होने वाले मुनाफे में वे भी हकदार होंगे। सवाल : जयपुर में भारत टैक्सी का किराया कितना, क्या रखा गया है? जवाब : अन्य कैब कंपनियों की तुलना में बहुत ही किफायती किराया है। भारत टैक्सी में डायनामिक फेयर सिस्टम लागू किया गया है। इससे यात्रियों को उचित और संतुलित किराया मिलता है। साथ ही पारदर्शी रेट व्यवस्था के कारण यात्रियों को पहले से ही किराए की स्पष्ट जानकारी मिल जाती है। दूसरी कंपनियां 13 से 15 रुपए प्रति किलोमीटर कैब का लेती हैं। ऑटो में 9-10 रुपए, जबकि बाइक में 6-7 रुपए किराया लिया जाता है। ये रेट हर रोज परिस्थिति, मौसम, ट्रैफिक और अन्य कारणों से बदलते रहते हैं। ये हमारा दावा है कि भारत टैक्सी का किराया इन कंपनियों से कम होगा। परिस्थिति, मौसम, ट्रैफिक और अन्य कारणों से बदलेगा नहीं। सवाल : आम यात्री भारत टैक्सी कैब कैसे बुक करा सकते हैं? जवाब : इसके लिए गूगल प्ले स्टोर से भारत टैक्सी मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा। अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन कर सकते हैं। इसके बाद अपनी लोकेशन डालकर आसानी से कैब, बाइक या ऑटो बुक की जा सकती है। सवाल : दूसरी कैब सेवाओं की तुलना में भारत टैक्सी में आम सवारियों को क्या फायदा होगा? जवाब : कम और किफायती किराया। जीरो सर्ज प्राइजिंग। यानि पीक टाइम में भी अतिरिक्त किराया नहीं चुकाना होगा। पारदर्शी और प्रति किलोमीटर फिक्स रेट। सफर के दौरान कोई भी संकट होने पर एसओएस इमरजेंसी सुविधा। लोकल और भरोसेमंद ड्राइवर के जरिए बेहतर ग्राहक सेवा। सवाल : भारत टैक्सी एप में सवारियों को क्या-क्या विकल्प मिलेंगे? जवाब : कैब सेवा में सेडान से लेकर प्रीमियम टैक्सी भी शामिल रहेंगी। इसके अलावा ऑटो रिक्शा और बाइक टैक्सी की बुकिंग भी करा सकते हैं। सवाल : सवारियों की सुरक्षा के मद्देनजर क्या कदम उठाए गए हैं। जवाब : सभी ड्राइवर्स वेरिफिकेशन के बाद ही जोड़े जा रहे हैं। एप में जीपीएस ट्रैकिंग की सुविधा के साथ-साथ एप आधारित लाइव लोकेशन है। इमरजेंसी हेल्प फीचर के तौर पर पावर बटन दिया जाएगा, जिसे दबाने पर तुरंत मदद मिल सकेगी। एप में यात्रा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सकता है। रिफंड या बुकिंग में समस्या होने पर ग्राहक सहायता केन्द्र से भी संपर्क कर सकता है। सवाल : अनहोनी होने पर कैसे पुलिस से संपर्क कर पाएंगे? जवाब : एप में एसओएस या इमरजेंसी बटन की योजना है। उसे दबाने पर सीधे स्टेट पुलिस या कंट्रोल रूम में संपर्क होगा। साथ ही लाइव लोकेशन शेयरिंग और हेल्पलाइन भी उपलब्ध है। सवाल : क्या जयपुर से इंटरसिटी सेवा भी मिलेगी? जवाब : भारत टैक्सी के सिटी हेड (जयपुर) अभिषेक चारण बताते हैं- भारत टैक्सी सर्विस इंटरसिटी भी शुरू की जाएगी। जैसे जयपुर एयरपोर्ट से कोई उदयपुर जाना चाहे तो सुविधा का लाभ ले सकेगा और रेट भी सामान्य ही रहेंगे। दिल्ली में पहली राइड पर अमूल आइसक्रीम पर 100 रुपए डिस्काउंट का वाउचर मिल रहा है। ऐसी वाउचर योजना पर भी विचार चल रहा है। सहकार भवन में बनाया गया है ऑफिस भारत टैक्सी को लेकर जयपुर स्थित सहकार भवन के फर्स्ट फ्लोर पर ऑफिस तैयार किया गया है। यहां इस इनोवेशन को धरातल पर लाने के लिए तैयारियां जारी हैं। फिलहाल ज्यादा से ज्यादा संख्या में ड्राइवर्स के रजिस्ट्रेशन पर काम चल रहा है। भारत टैक्सी के सिटी हेड अभिषेक चारण ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में 23.90 लाख, गुजरात में 5.42 लाख, लखनऊ में 0.3 लाख, और चंडीगढ़ जैसे क्षेत्रों को मिलाकर ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक कुल संख्या 29.49 लाख पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि यात्रियों के बीच विश्वास पैदा करने के लिए उचित किराया, सुरक्षित सफर के नारे के साथ रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड, पुलिस बूथ और सरकारी भवनों पर व्यापक स्तर पर ब्रांडिंग की तैयारी है। जयपुर में अक्सर देखा जाता है कि सिंधी कैंप, जयपुर जंक्शन, या एयरपोर्ट पर पीक आवर्स के दौरान प्राइवेट एप किराया दोगुना-तिगुना कर देते हैं। भारत टैक्सी में नो-सर्ज प्राइसिंग नीति लागू है, जिससे हर समय तय किराया ही लिया जाएगा। जयपुर की तंग गलियों से लेकर चौड़ी सड़कों तक में सफर के लिए कई विकल्प मिलेंगे। जैसे भारत बाइक, भारत ऑटो, कैब इकोनॉमी, सेडान और बड़ी गाड़ियों के लिए एक्सएल श्रेणी शामिल है। गिग वर्कर्स यूनियन बोली- भारत टैक्सी को लेकर उत्साह राजस्थान गिग एंड एप बेस्ड वर्कर यूनियन के महासचिव कृष्ण कुमार चौधरी ने बताया- फिलहाल प्राइवेट कैब सर्विस द्वारा ड्राइवर्स का काफी शोषण किया जा रहा है। इसको लेकर हमने पूरे देश में आवाज उठाई थी। केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने सुना और अब भारत टैक्सी की शुरुआत की जा रही है। इससे ड्राइवर्स में काफी उत्साह है, क्योंकि निजी कैब सर्विस द्वारा सब्सक्रिप्शन से लेकर कई तरह के शोषण किए जाते हैं। भारत टैक्सी में ड्राइवर्स को काफी लाभ मिलेगा।
फिजिकल हेल्थ- क्यों होती है नोज ब्लीडिंग:गर्मी में बढ़ता रिस्क, डॉक्टर से समझें नाक से खून आए तो क्या करें, क्या गलतियां न करें
गर्मियों में टेम्परेचर हाई होने से हवा रूखी हो जाती है। इससे सांस लेते समय नाक की म्यूकस लेयर इरिटेट होने लगती है। इसके कारण ब्लड वेसल्स फटने से कभी-कभार नाक से ब्लड आ सकता है। इसे हिंदी में नकसीर (नोज ब्लीड) और मेडिसिन की भाषा में ‘एपिस्टैक्सिस’ कहा जाता है। शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन से नाक की नाजुक ब्लड वेसल्स ड्राई होकर फट सकती हैं। इससे अचानक ब्लीडिंग शुरू हो सकती है। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ के मुताबिक, दुनिया में लगभग 60% लोग जीवन में कभी-न-कभी नाक से खून आने की समस्या का सामना करते हैं। ज्यादातर मामलों में यह स्थिति मामूली होती है, लेकिन कुछ मामलों में ये किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज हम ‘नोज ब्लीड’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे- सवाल- नोज ब्लीड क्या है? जवाब- इसमें नाक के अंदर की नाजुक ब्लड वेसल्स फटने से खून आने लगता है। यह आमतौर पर दोनों नॉस्ट्रिल्स (नथुनों) में से किसी से भी हो सकता है। यह ज्यादातर मामलों में गंभीर नहीं होता है। सवाल- नोज ब्लीड क्यों होता है? जवाब- यह आमतौर पर ड्राई एयर से म्यूकस के इरिटेट होने और डिहाइड्रेशन के कारण होता है। इसके संभावित कारण ग्राफिक में देखिए- अब इन कारणों को विस्तार से समझते हैं- तेज धूप, ड्राई और गर्म हवा डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) नाक में उंगली डालना एलर्जी या सर्दी-जुकाम चोट लगना नेजल स्प्रे का ज्यादा उपयोग ब्लड थिनर दवाएं हाई ब्लड प्रेशर स्मोकिंग और केमिकल्स ब्लड से जुड़ी बीमारियां सवाल- क्या नोज ब्लीड किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है? जवाब- हां, बार-बार या तेज नोज ब्लीड किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। जैसेकि- सवाल- किन लोगों को नोज ब्लीड का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- उम्र, हेल्थ कंडीशन और वातावरण के कारण कुछ लोगों को नोज ब्लीड का रिस्क ज्यादा होता है। जैसेकि- 2 से 10 साल के बच्चे ड्राई एयर, सर्दी-एलर्जी और नाक में उंगली या चीजें डालने की आदत के कारण रिस्क ज्यादा रहता है। 45 से 80 साल के वयस्क इस उम्र में ब्लड क्लॉटिंग में समय लगता है। साथ ही हाई बीपी, एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों का सख्त होना) और ब्लीडिंग डिसऑर्डर का रिस्क बढ़ जाता है। गर्भवती महिलाएं प्रेग्नेंसी में नाक की ब्लड वेसल्स फैल जाती हैं, जिससे उन पर दबाव बढ़ता है और ब्लीडिंग की का रिस्क बढ़ जाता है। ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले लोग एस्पिरिन या वॉरफारिन जैसी दवाओं से खून जल्दी नहीं जमता। इससे नोज ब्लीड का रिस्क बढ़ जाता है। ब्लड क्लॉटिंग डिसआर्डर से पीड़ित लोग हीमोफीलिया जैसी बीमारियों में बार-बार या हैवी ब्लीडिंग हो सकती है। एलर्जी या साइनस की समस्या वाले लोगों में भी यह रिस्क ज्यादा होता है। सवाल- क्या गर्मियों में नोज ब्लीड का रिस्क बढ़ जाता है? जवाब- हां, तेज गर्मी और सूखी हवा नाक की अंदरूनी लेयर को ड्राई कर देती है। सवाल- नाक से खून आने पर तुरंत क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं, सही तरीके से तुरंत प्राथमिक इलाज करने से ब्लीडिंग कंट्रोल हो सकती है। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- नोज ब्लीड होने पर कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है? जवाब- ज्यादातर मामलों में नोज ब्लीडिंग सामान्य है। लेकिन कुछ स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या खानपान का भी नोज ब्लीड पर असर पड़ता है? जवाब- हां, इसका नोज ब्लीड पर सीधा असर पड़ता है। सही डाइट नाक की नॉस्ट्रिल्स को मजबूत रखती है, जबकि गलत खानपान से समस्या बढ़ सकती है। जैसेकि- लाइफस्टाइल और डाइट में क्या बदलाव करें? नोज ब्लीड से जुड़े कुछ जरूरी सवाल-जवाब सवाल- क्या नोज ब्लीड खतरनाक हो सकता है? जवाब- आमतौर पर नहीं, लेकिन बार-बार या ज्यादा खून आने पर यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। सवाल- क्या सिर पीछे करने से नोज ब्लीड रुकता है? जवाब- नहीं, इससे खून गले में जा सकता है। इसलिए हमेशा सिर थोड़ा आगे झुकाना चाहिए। सवाल- क्या AC में रहने से नोज ब्लीड का रिस्क कम होता है? जवाब- नहीं, AC की सूखी हवा नाक को ड्राई करके रिस्क बढ़ा सकती है। सवाल- नोज ब्लीड का इलाज कैसे होता है? जवाब- हल्के मामलों में नाक दबाकर और ठंडी पट्टी से कंट्रोल हो जाता है। जबकि गंभीर मामलों में डॉक्टर दवा देते हैं या अन्य इलाज करते हैं। …………………….. फिजिकल हेल्थ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- हीट एडेमा क्या है: गर्मियों में बढ़ते केस, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण, किसे ज्यादा रिस्क, बचाव के लिए जरूरी सावधानियां गर्मियों में कई बार हाथ-पैर में सूजन हो जाती है। ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, यह ‘हीट एडेमा’ का संकेत हो सकता है। पूरी खबर पढ़िए…
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