Responsive Scrollable Menu

गुजरात में चांदीपुरा वायरस के मामले बढ़कर 39 हुए, मृतकों की संख्या हुई 23

गांधीनगर, 8 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात में चांदीपुरा वायरस को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के शनिवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 30 जून से 8 अगस्त तक चांदीपुरा वायरस के 217 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इनमें से 39 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पुष्ट मामलों में 23 मरीजों की मौत दर्ज की गई है।

Continue reading on the app

लहर-लहर:ज़िंदगी से दु:ख कभी गायब नहीं हुआ, फिर गीतों की परंपरा से क्यों हो गया?

मुझे कभी-कभी लगता है कि आज की फिल्मों में जैसे दु:ख का कोई वजूद ही नहीं रह गया है। एक जमाना था जब लगभग हर फिल्म में एक-दो ऐसे गीत जरूर होते थे जो बिछड़ने, तन्हाई, इंतजार, टूटे हुए दिल या ज़िंदगी की शिकस्त की कहानी कहते थे। आज फिल्मी गानों को सुनकर तो ऐसा लगता है जैसे हर कोई हर वक्त खुश है। मैं तो मजाक में कह देता हूं कि शायद सचमुच ‘अच्छे दिन आ गए हैं!’ लेकिन हकीकत यह है कि ज़िंदगी से दु:ख कभी गायब नहीं हुआ। इंसान आज भी वही है। उसे आज भी मोहब्बत होती है, वह आज भी बिछड़ता है, उसे आज भी तन्हाई महसूस होती है और उसके ख्वाब आज भी टूटते हैं। तो फिर ऐसा क्या हुआ कि हमारे गीतों से दु:ख क्यों गायब हो गया? मेरे खयाल में दु:ख से मुंह मोड़ना किसी सेहतमंद समाज की निशानी नहीं है। यही वजह है कि पुराने दौर के दर्द भरे गीत सिर्फ मनोरंजन नहीं थे, बल्कि इंसान के दिल में दबे जज्बात को आवाज देते थे। जब कोई अपने ही दर्द को किसी गीत में सुनता है, तो उसे लगता है कि उसके दु:ख को किसी ने समझा है। यही एहसास उसके दिल का बोझ हल्का कर देता है। जब मैं शैलेंद्र, साहिर लुधियानवी और शकील बदायूनी जैसे गीतकारों को याद करता हूं, तो महसूस करता हूं कि उन्होंने दर्द को सिर्फ मोहब्बत तक सीमित नहीं रखा, उनके गीतों में तन्हाई भी थी, गरीबी भी थी, टूटे हुए ख्वाब भी थे, समाज का दर्द भी था और इंसान की बेबसी भी। शायद यही वजह है कि उनके लिखे हुए गीत आज भी उतने ही ताजा लगते हैं जितने अपने दौर में थे। आम इंसान न तो फिलॉसफी की किताबें पढ़ता है, न दुनिया का इतिहास समझने के लिए मोटे-मोटे ग्रंथ। उसके लिए फिल्मी गीत ही जीवन के मूल्य और संस्कारों के सबसे सहज शिक्षक रहे हैं। शैलेंद्र का यह गीत देखिए - किसी की मुस्कराहटों पे हो निसार, किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार, किसी के वास्ते हो तेरे दिल में प्यार...। आज के बहुत-से फिल्मकार पश्चिमी सिनेमा के प्रभाव में बड़े हुए हैं। वे गीतों को कहानी का हिस्सा नहीं, बल्कि कारोबारी जरूरत मानने लगे हैं। गीतों को बैकग्राउंड में धकेला जा रहा है, जबकि वे भारतीय सिनेमा की सांस्कृतिक विरासत हैं। बिना गीतों की फिल्म बनाना अलग बात है, लेकिन गीतों की पूरी परंपरा को खत्म कर देना न कला के हित में है, न संस्कृति के। लेकिन जरा हमारी सांस्कृतिक विरासत को देखिए। संस्कृत के प्राचीन नाटकों में गीत हैं। रामलीला और कृष्णलीला में गीत हैं। उर्दू और पारसी थिएटर में गीत हैं।नौटंकी जैसी लोकनाट्य परंपराओं में गीत हैं। यानी हमारी कथा-परंपरा में संगीत और कहानी हमेशा साथ-साथ चले हैं। फिर आज हम उनसे शर्मिंदा क्यों हों? आज कई फिल्मकार गीतों को एक तरह की ‘नेसेसरी इविल’ समझते हैं। इसका असर भी साफ दिखाई देता है। कई बार गीत का उस दृश्य से कोई रिश्ता ही नहीं होता जो पर्दे पर चल रहा है। वह बस इसलिए मौजूद होता है कि एल्बम बिके, ‘स्ट्रीमिंग’ हो और कारोबार चलता रहे; लेकिन मेरे लिए गीत तभी सार्थक है, जब वह कहानी और किरदारों के साथ सांस ले। एक और बात मुझे परेशान करती है। आज संगीत की रफ्तार इतनी तेज हो गई है कि शब्दों को सांस लेने की मोहलत ही नहीं मिलती। धुन, ताल और तकनीक कई बार बोलों पर हावी हो जाते हैं, जबकि गीत की जान उसके अल्फाज में होती है। शब्द तभी असर करते हैं, जब उन्हें सुनने, समझने और महसूस करने का वक्त मिले। आज का संगीत कहीं-न-कहीं बाजार की जल्दबाजी का शिकार हो गया है। यह मान लिया गया है कि लोगों को सिर्फ तेज धुनें, डांस नंबर और जश्न के गीत चाहिए। मैं इससे इत्तेफाक नहीं रखता। - अरविंद मण्डलोई- संपादन और समन्वय

Continue reading on the app

  Sports

Video: टीम इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने देवदत्त पड्डीकल की पारी को क्यों बताया खास?

भारतीय क्रिकेट टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने देवदत्त पडिक्कल के शानदार प्रदर्शन और टीम की WTC फाइनल 2026 की तैयारियों पर बात की. उन्होंने खिलाड़ियों की अनुकूलन क्षमता और चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर जोर दिया. #CricketNews #TeamIndia #WTC2026 #SitanshuGotak #DevduttPadikkal Sat, 15 Aug 2026 22:15:16 +0530

  Videos
See all

Iran-US War Latest News: ईरान-अमेरिका में परमाणु जंग होगी? Iran US Conflict | Iran America War #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-15T17:10:38+00:00

Final Cut LIVE: Chamoli में Rescue Operation तेज | Tunnel | Ranchi Protest News |Devendra Nath Mahto #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-15T17:10:46+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers