हालात बेकाबू: होर्मुज में एडीएनओसी के जहाज पर फिर हमला, बढ़ा तनाव, किसी के हताहत होने की खबर नहीं
अबू धाबी/वाशिंगटन/ईरान। अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) के एक जहाज पर शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला किया गया। यह एक सप्ताह से भी कम समय में कंपनी के जहाज से जुड़ी तीसरी ऐसी घटना है। एडीएनओसी ने शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी समाचार एजेंसी के माध्यम से बताया कि हमले के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। यूएई ने इससे पहले हुए दो हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, उसने इस हमले में अब तक किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।
होर्मुज में समुद्री सुरक्षा की बढ़ी चिंता
लगातार हो रही घटनाओं से होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। होरमुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। मौजूदा संघर्ष शुरू होने से पहले दुनिया के कुल तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के करीब पांचवें हिस्से की आवाजाही इसी रास्ते से होती थी। ऐसे में यहां किसी भी तरह का व्यवधान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाल सकता है।
युद्ध के बाद बढ़ी शिपिंग की मुश्किलें
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से होरमुज में जहाजों की आवाजाही कई बार प्रभावित हुई है। समुद्री मार्ग पर बढ़े जोखिम के कारण माल ढुलाई की दरों में वृद्धि हुई है। ऊर्जा निर्यात से जुड़े जहाजों के लिए सुरक्षा संबंधी चुनौतियां लगातार बनी हुई हैं। एडीएनओसी दुनिया की प्रमुख ऊर्जा कंपनियों में शामिल है। कंपनी कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात करती है। ऐसे में उसके जहाज पर हुआ हमला क्षेत्रीय तनाव के बीच महत्वपूर्ण घटनाओं में गिना जा रहा है।
ट्रंप ने एयरक्राफ्ट कैरियर तैनाती का किया बचाव
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएसएस अब्राहम लिंकन की 260 दिनों से अधिक लंबी तैनाती को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज किया। शुक्रवार को पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि क्या विमानवाहक पोत की इतनी लंबी तैनाती जरूरत से ज्यादा हो गई है, तो ट्रंप ने कहा कि यह अवधि बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है। ट्रंप के मुताबिक यूएसएस लिंकन आगे बढ़ रहा है या जल्द ही अपनी मौजूदा स्थिति से रवाना होगा और उसकी जगह इसी तरह का दूसरा पोत तैनात किया जाएगा। यह विमानवाहक पोत नवंबर में सैन डिएगो से रवाना हुआ था और बाद में इसे मध्य पूर्व की ओर मोड़ दिया गया।
200 से ज्यादा दिन से बंदरगाह नहीं पहुंचा
यूएसएस अब्राहम लिंकन पर करीब 5,000 नौसैनिक और मरीन तैनात हैं। पोत 200 से ज्यादा दिनों से किसी बंदरगाह पर नहीं रुका है। डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल के अनुसार, लगातार इतने लंबे समय तक समुद्र में रहना आधुनिक दौर का एक रिकॉर्ड है। कुछ डेमोक्रेट सांसदों ने जहाज पर तैनात कर्मियों के परिवारों की चिंताओं के बाद सरकार से जवाब मांगा है। परिवारों ने मानसिक स्वास्थ्य, रहने की परिस्थितियों और जरूरी सामान की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जहाज पर हालात खराब होने संबंधी रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा है कि स्थिति को सही तरीके से पेश नहीं किया गया है।
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