Free Fire MAX Redeem Codes 13 अगस्त 2026: फ्री में मिल सकते हैं स्पेशल रिवॉर्ड्स, ऐसे करें कोड रिडीम
13 अगस्त 2026 के लिए फ्री फायर मैक्स के नए रिडीम कोड्स जारी हो गए हैं. जानिए आधिकारिक वेबसाइट से मुफ्त गन स्किन्स, बंडल्स और डायमंड्स क्लेम करने की पूरी प्रक्रिया.
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'पिता को दूध बेचते देख मुझे बुरा लगता...' जैवलीन थ्रो सिल्वर मेडलिस्ट ने कहा - ढूंढ रहा हूं नौकरी
उत्तर प्रदेश के रहने वाले 19 साल के आशीष यादव ने जैवलीन थ्रो में अपना करियर बनाने के लिए अपना गांव छोड़ दिया और हरियाणा के हिसार चले गए, जिसके बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया. सिर्फ 15 महीनों की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था. नीरज चोपड़ा के बाद इस प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतने वाले वे दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने थे. नीरज चोपड़ा ने साल 2016 यह कारनाम किया था. इसके ठीक 10 साल बाद आशीष यादव ने अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता. हालांकि इतनी बड़ी सफलता के बाद भी आशीष यादव के परिवार की गरीबी दूर नहीं हुई है और वे अब भी नौकरी की तलाश कर रहे हैं.
मुझे बुरा लगता है कि मेरे पिता दूध बेचते हैं - आशीष यादव
हिसार जाने से पहले, आशीष मिर्जापुर में अपने पिता को दूध बेचने में मदद करते थे. फैमली में सिर्फ उनके पिता ही कमाने वाले थे. आशीष ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया, "मेरे पिता मिर्जापुर के हमारे गांव में दूध बेचते हैं. मेरे पिता के 6 भाई हैं, जिसमें 3 भाई सैनिक हैं और तीन भाई किसान हैं. मुझे बुरा लगता है कि मेरे पिता दूध बेचते हैं.
नौकरी की तलाश में है जैवलीन थ्रो का सिल्वर मेडलिस्ट
आशीष यादव ने आगे कहा, "मैं नौकरी की तलाश कर रहा हूं, लेकिन अभी तक मिली नहीं है. मैं हिसार में अच्छी तरह से ट्रेनिंग लूंगा और कड़ी मेहनत करूंगा ताकि देश के लिए मेडल जीत सकूं (और मुझे जॉब मिल जाए). घर की आर्थिक स्थिति वैसी ही है. उसमें कोई सुधार नहीं हो रहा है, क्योंकि मुझे कोई नौकरी नहीं मिल रही है.
ASHISH IS WORLD SILVER MEDALIST ????????
— The Khel India (@TheKhelIndia) August 8, 2026
- Ashish Yadav became 2nd Indian after Neeraj Chopra to win medal at World U20 Athletics Championship! ????????????
Best Throw of 74.09m in his 3rd Attempt!
HUGE RESULT FOLKS!!! ???????????????????? pic.twitter.com/cUSMEmwkCK
आशीष यादव के खेल में आया है बड़ा सुधार
कोच अरविंद कुमार से ट्रेनिंग मिलने के बाद आशीष यादव के खेल में बहुत बड़ा सुधार हुआ है. अब वे पहले के मुकाबले करीब 20 मीटर ज़्यादा दूर तक भाला फेंक लेते हैं. साथ ही, अच्छे खान-पान और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की बदौलत उनका वजन भी 68 किलो से बढ़कर 85 किलो हो गया है.
सिल्वर मेडलिस्ट ने अपने कोच की तारीफ की
आशीष ने कहा "जब मैं अरविंद सर के पास गया, तो उनके साथ 60 मीटर फेंकने वाले खिलाड़ी थे, लेकिन मेरा लक्ष्य 70 मीटर फेंकना था. कोच अरविंद के साथ 6 महीने में मैंने अपनी दूरी 20 मीटर बढ़ा दी. जब मैं आया था, तब मुझे भाला फेंकने का सही तकनीक नहीं पता था. उन्होंने मुझे सही तरीका सिखाया, मेरी मांसपेशियों को मजबूत बनाने पर काम किया और मुझे पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर बनाया."
नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीतने पर आशीष यादव को दी थी बधाई
नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीतने पर आशीष को बधाई दी, लेकिन युवा खिलाड़ी का कहना है कि वह ओलंपिक चैंपियन से तुलना किए जाने के बजाय अपनी खुद की पहचान बनाना चाहता है. आशीष ने कहा, "मैं उनसे मिला नहीं हूं. इतनी जल्दी उनसे कैसे मिल सकता हूं? लेकिन मैं नहीं चाहता कि मेरी तुलना उनसे की जाए, मैं अभी उस लेवल पर नहीं हूं. इसके बजाय, मैं कड़ी मेहनत करना चाहता हूं. हमारे गांव में कोई भी भाला फेंक नहीं खेलता. मुझे उम्मीद है कि मेरे गांव के लोग इस खेल को जानेंगे और इसे खेलना शुरू करेंगे."
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