कान्स फिल्म फेस्टिवल में Meet Kaur की प्रेजेंस ने सबको चौंकाया, ग्लोबल फैशन जगत में चर्चा
79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में अभिनेत्री Meet Kaur ने जलवे बिखेरे. उनकी शानदार रेड कार्पेट पर प्रेजेंस ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के नाम रोशन किया. अपनी खूबसूरती,आत्मविश्वास और स्टाइलिश अंदाज से Meet Kaur ने ग्लोबल फैशन जगत और मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा.
कार्पेट लुक में चारचांद लगा दिए
नेवी ब्लू और सिल्वर रंग के बेहद आकर्षक आउटफिट में नजर आईं Meet Kaur ने मॉर्डन फैशन और रॉयल एलिगेंस का काफी बेहतरीन संगम पेश किया. उनके वन-शोल्डर गाउन पर की गई सिल्वर डिटेलिंग और फ्लोइंग मेटैलिक ड्रेप ने उनके रेड कार्पेट लुक में चारचांद लगा दिए. डायमंड ज्वेलरी और ग्लैमरस स्टाइलिंग ने उनके पूरे लुक को एक परफेक्ट कान्स फैशन मोमेंट में बदल दिया. अपने आत्मविश्वास और दमदार प्रेजेंस के साथ Meet Kaur ने दुनिया भर से आए सेलिब्रिटीज और मेहमानों के बीच अलग पहचान बनाई. उनके इस लुक से मात्र ग्लैमर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय प्रतिभा और फैशन की बढ़ती पहचान को दर्शाया.
अपीयरेंस की जमकर तारीफ की
अभिनेत्री ने अपने लुक को क्लासिक अपडू हेयरस्टाइल, सटल लेकिन ग्लोइंग मेकअप और स्टेटमेंट एक्सेसरीज के संग पूरा किया. इसने उनके आउटफिट की खूबसूरती को काफी बढ़ा दिया. सोशल मीडिया यूजर्स और फैशन एक्सपर्ट्स उनके रेड कार्पेट अपीयरेंस की जमकर तारीफ की है. इसे इस साल कान्स में भारत के सबसे चर्चित लुक्स में से एक बताया जा रहा है. Meet Kaur की प्रेजेंस ने साबित कर दिया है कि भारतीय कलाकार ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर अपने स्टाइल,आत्मविश्वास और सांस्कृतिक के दम पर मजबूत पहचान बनाने में सक्षम हैं.
क्यों रूस-ईरान से भारत सस्ता तेल-गैस लेने को तैयार नहीं? केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बीते 10-15 दिनों में तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने पर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है. उन्होंने कहा, केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाकर देशवासियों को धीमा जहर दे रही है. 10-15 दिनों में पेट्रोल-डीजल 4-5 रुपए प्रति लीटर महंगा हो चुका है. देश भर में तेल-गैस के बढ़ते दामों और किल्लत की वजह से हाहाकार मचा हुआ है. सरकार देशवासियों को कुछ बताने के लिए तैयार ही नहीं है. उन्होंने कहा कि रूस और ईरान, भारत को सस्ता तेल-गैस देने को तैयार हैं. मगर सरकार लेने को तैयार नहीं है. उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि ईरान और रूस से सस्ता भारत को तेल-गैस खरीदना चाहिए या नहीं, कमेंट या डायरेक्ट मैसेज करके मुझे बताएं.
10-15 दिनों में तीसरी बार कीमतें बढ़ाई हैं
अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को एक्स पर एक वीडिया साझा कर कहा कि आज फिर से भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी हैं. बीते 10-15 दिनों में तीसरी बार कीमतें बढ़ाई हैं. अंग्रेजी में एक कहावत है- ‘स्लो पॉइजन’ दे रहे हैं. धीमा-धीमा जहर दे रहे हैं. बीते 10-15 दिन में पेट्रोल और डीजल के दाम करीब 4 से 5 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ चुका है. गैस सिलेंडर के दाम भी बहुत अधिक बढ़ चुका है. लोगों को घर चलाना भी कठिन हो रहा है. लोग इतने अधिक डरे और सदमे में हैं कि लोगों को यह नहीं पता कि सरकार आने दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम को कितना बढ़ाने वाली है. चारों ओर से अफवाहों का दौर जारी है कि अभी यह बहुत बढ़ेगा, पेट्रोल 150 रुपए तक जाएगा, पता नहीं कितना जाएगा? सरकार से पूछो तो सरकार कुछ नहीं बता रही है.
गैस सिलेंडर भरवाने के लिए लाइनें लगा-लगाकर लोग खड़े
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि देश में न सिर्फ दाम बढ़ रहे हैं, बल्कि देश भर में पेट्रोल, गैस और डीजल की किल्लत हो गई है. गुजरात से तस्वीरें आ रही हैं कि किस तरह से पेट्रोल पंप पर ट्रैक्टरों की लंबी-लंबी लाइन लगी हुई है, डीजल नहीं मिल रहा है. किस तरह से जगह-जगह लोगों के बीच हाथापाई मची हुई है. यूपी के गोरखपुर में लोग रात को सड़क पर सो रहे हैं. अपना गैस सिलेंडर भरवाने के लिए लाइनें लगा-लगाकर, मच्छरदानी लगाकर सड़क पर रात-रात भर सो रहे हैं. महाराष्ट्र के अकोला और बुलढाणा में पेट्रोल और डीजल लेने के लिए हाहाकार मचा हुआ है. देश के लोग जानना चाहते हैं कि सरकार बताए तो सही कि आने वाले दिनों के अंदर क्या होने वाला है, स्थिति कितनी खराब होने वाली है? लेकिन सरकार लोगों को कुछ बता ही नहीं रही है.
ईरान और रूस से सस्ते दामों पर तेल मिल रहा
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि रूस और ईरान दोनों कह रहे हैं कि हम भारत को सस्ते दामों पर तेल और गैस देने के लिए तैयार हैं, लेकिन भारत सरकार कह रही है कि हम नहीं लेंगे. क्यों नहीं लेंगे? मैं देशवासियों से जानना चाहता हूं कि क्या भारत सरकार को रूस और ईरान से सस्ते दामों पर तेल और गैस लेनी चाहिए या नहीं लेनी चाहिए? यह देश हमारा है, इन नेताओं का नहीं है, किसी पार्टी का नहीं है. हम 140 करोड़ लोगों का देश है. मिलकर आवाज उठाएंगे तो सरकार को इस देश के लोगों की सुननी पड़ेगी. देशवासी मुझे कमेंट बॉक्स या डीएम में भेजकर बताएं कि क्या ईरान और रूस से सस्ते दामों पर भारत सरकार को तेल और गैस खरीदनी चाहिए या नहीं खरीदनी चाहिए?
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