क्यों रूस-ईरान से भारत सस्ता तेल-गैस लेने को तैयार नहीं? केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बीते 10-15 दिनों में तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने पर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है. उन्होंने कहा, केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाकर देशवासियों को धीमा जहर दे रही है. 10-15 दिनों में पेट्रोल-डीजल 4-5 रुपए प्रति लीटर महंगा हो चुका है. देश भर में तेल-गैस के बढ़ते दामों और किल्लत की वजह से हाहाकार मचा हुआ है. सरकार देशवासियों को कुछ बताने के लिए तैयार ही नहीं है. उन्होंने कहा कि रूस और ईरान, भारत को सस्ता तेल-गैस देने को तैयार हैं. मगर सरकार लेने को तैयार नहीं है. उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि ईरान और रूस से सस्ता भारत को तेल-गैस खरीदना चाहिए या नहीं, कमेंट या डायरेक्ट मैसेज करके मुझे बताएं.
10-15 दिनों में तीसरी बार कीमतें बढ़ाई हैं
अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को एक्स पर एक वीडिया साझा कर कहा कि आज फिर से भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी हैं. बीते 10-15 दिनों में तीसरी बार कीमतें बढ़ाई हैं. अंग्रेजी में एक कहावत है- ‘स्लो पॉइजन’ दे रहे हैं. धीमा-धीमा जहर दे रहे हैं. बीते 10-15 दिन में पेट्रोल और डीजल के दाम करीब 4 से 5 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ चुका है. गैस सिलेंडर के दाम भी बहुत अधिक बढ़ चुका है. लोगों को घर चलाना भी कठिन हो रहा है. लोग इतने अधिक डरे और सदमे में हैं कि लोगों को यह नहीं पता कि सरकार आने दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम को कितना बढ़ाने वाली है. चारों ओर से अफवाहों का दौर जारी है कि अभी यह बहुत बढ़ेगा, पेट्रोल 150 रुपए तक जाएगा, पता नहीं कितना जाएगा? सरकार से पूछो तो सरकार कुछ नहीं बता रही है.
गैस सिलेंडर भरवाने के लिए लाइनें लगा-लगाकर लोग खड़े
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि देश में न सिर्फ दाम बढ़ रहे हैं, बल्कि देश भर में पेट्रोल, गैस और डीजल की किल्लत हो गई है. गुजरात से तस्वीरें आ रही हैं कि किस तरह से पेट्रोल पंप पर ट्रैक्टरों की लंबी-लंबी लाइन लगी हुई है, डीजल नहीं मिल रहा है. किस तरह से जगह-जगह लोगों के बीच हाथापाई मची हुई है. यूपी के गोरखपुर में लोग रात को सड़क पर सो रहे हैं. अपना गैस सिलेंडर भरवाने के लिए लाइनें लगा-लगाकर, मच्छरदानी लगाकर सड़क पर रात-रात भर सो रहे हैं. महाराष्ट्र के अकोला और बुलढाणा में पेट्रोल और डीजल लेने के लिए हाहाकार मचा हुआ है. देश के लोग जानना चाहते हैं कि सरकार बताए तो सही कि आने वाले दिनों के अंदर क्या होने वाला है, स्थिति कितनी खराब होने वाली है? लेकिन सरकार लोगों को कुछ बता ही नहीं रही है.
ईरान और रूस से सस्ते दामों पर तेल मिल रहा
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि रूस और ईरान दोनों कह रहे हैं कि हम भारत को सस्ते दामों पर तेल और गैस देने के लिए तैयार हैं, लेकिन भारत सरकार कह रही है कि हम नहीं लेंगे. क्यों नहीं लेंगे? मैं देशवासियों से जानना चाहता हूं कि क्या भारत सरकार को रूस और ईरान से सस्ते दामों पर तेल और गैस लेनी चाहिए या नहीं लेनी चाहिए? यह देश हमारा है, इन नेताओं का नहीं है, किसी पार्टी का नहीं है. हम 140 करोड़ लोगों का देश है. मिलकर आवाज उठाएंगे तो सरकार को इस देश के लोगों की सुननी पड़ेगी. देशवासी मुझे कमेंट बॉक्स या डीएम में भेजकर बताएं कि क्या ईरान और रूस से सस्ते दामों पर भारत सरकार को तेल और गैस खरीदनी चाहिए या नहीं खरीदनी चाहिए?
50 साल पुराना वो मास्टरपीस, कहलाई भारत की पहली 'गे लव स्टोरी', मशहूर नॉवेल पर बनी है 'बदनाम बस्ती'
साल 1971 में रिलीज हुई 'बदनाम बस्ती' बड़ी अजीब फिल्म है, जो लेखक कमलेश्वर के उपन्यास पर आधारित है. दो पुरुषों और एक महिला के लव ट्रायंगल पर बनी यह फिल्म सीमित रिलीज के बाद भारत से पूरी तरह गायब हो गई थी. साल 2019 में इसका एक भूला-बिसरा 35एमएम प्रिंट अचानक बर्लिन के एक आर्काइव में मिला. डिजिटल रूप से रीस्टोर होने के बाद इस मास्टरपीस को बर्लिन फिल्म फेस्टिवल (2020) और मुंबई फिल्म फेस्टिवल (MAMI) में दिखाया गया. इस ऐतिहासिक फिल्म ने नई पीढ़ी को भारतीय 'LGBTQ+' सिनेमा के शुरुआती दौर से रूबरू कराया.
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