हरियाणा: NEET अभ्यर्थियों को मिलेगी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की घोषणा
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के हजारों नीट अभ्यर्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सैनी ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के लिए 20 और 21 जून को पूरे हरियाणा में परीक्षार्थियों को हरियाणा रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। यह महत्वपूर्ण कदम विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में होने वाली संभावित असुविधाओं को दूर करने और उनके भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने इस आशय की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार विद्यार्थियों की सुविधा और उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उनका यह निर्णय उन सभी परीक्षार्थियों के लिए एक बड़ी राहत है, जिन्हें अक्सर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए परिवहन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी विद्यार्थी केवल परिवहन की कमी या असुविधा के कारण अपनी महत्वपूर्ण परीक्षा से वंचित न रहे। यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है कि सभी पात्र अभ्यर्थी बिना किसी बाधा के अपनी परीक्षा में शामिल हो सकें और अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकें। इस प्रकार की सुविधा प्रदान कर सरकार एक समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
21 जून को नीट अभ्यर्थी के लिए मुफ्त बस यात्रा
जानकारी के अनुसार, सभी नीट अभ्यर्थी अपना प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) दिखाकर 20 और 21 जून को हरियाणा रोडवेज की किसी भी बस में निशुल्क यात्रा कर सकेंगे। यह सुविधा पूरे हरियाणा राज्य में उपलब्ध रहेगी, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को भी लाभ मिल सकेगा। सरकार का यह प्रयास सुनिश्चित करेगा कि परीक्षार्थी बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ या यात्रा संबंधी तनाव के अपने परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचें और पूरी एकाग्रता के साथ अपनी परीक्षा दे सकें। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों के उन विद्यार्थियों को विशेष लाभ होगा जिनके पास निजी परिवहन के साधन नहीं होते या जिन्हें सार्वजनिक परिवहन के लिए अधिक खर्च करना पड़ता है। यह निर्णय उनकी आर्थिक चिंताओं को कम करने में भी सहायक होगा।
मुख्यमंत्री सैनी ने इस अवसर पर यह भी बताया कि यह पहली बार नहीं है जब राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के हित में ऐसा निर्णय लिया है। इससे पहले भी राज्य सरकार द्वारा सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) के अभ्यर्थियों के लिए भी मुफ्त बस सेवा की सुविधा प्रदान की गई थी। यह उदाहरण सरकार की उस निरंतर नीति का हिस्सा है जिसके तहत विद्यार्थियों को शैक्षिक और परीक्षा संबंधी गतिविधियों में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाता है। इस प्रकार, अब नीट परीक्षार्थियों को भी इसी तर्ज पर मुफ्त बस सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी, जो सरकार की छात्र-हितैषी नीतियों का एक और प्रमाण है। सरकार का मानना है कि शिक्षा और करियर निर्माण में सहयोग प्रदान करना एक विकसित समाज की नींव है।
मुख्यमंत्री ने सभी परीक्षार्थियों से की खास अपील
मुख्यमंत्री ने सभी परीक्षार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनसे अपील की है कि वे लगन और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में भाग लें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने अपनी तैयारी में कड़ी मेहनत की है और अब उन्हें शांत मन से परीक्षा देनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने सभी नीट परीक्षार्थियों को उनकी आगामी परीक्षा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके उज्जवल एवं सफल भविष्य की कामना की। यह निर्णय हजारों परिवारों के लिए भी राहत लेकर आया है, क्योंकि इससे परीक्षा के दौरान आने-जाने का खर्च कम होगा और बच्चों को सुरक्षित व सुविधाजनक परिवहन मिल सकेगा। सरकार का यह कदम शिक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और युवाओं के भविष्य को संवारने के उसके प्रयासों को उजागर करता है, जिससे राज्य में शैक्षिक वातावरण को और सुदृढ़ किया जा सके।
धर्मेंद्र की याद में नम हुईं बॉबी देओल की आंखें, बोले – ‘पिता के जाने के बाद जीवन बहुत बदल गया’
पिता का साया सिर से उठने पर हर संतान को गहरा खालीपन महसूस होता है, और जब वह पिता धर्मेंद्र जैसा व्यक्तित्व हो, तो यह पीड़ा और भी बढ़ जाती है। दरअसल बॉलीवुड के ही-मैन कहे जाने वाले धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे, और उनके जाने का दर्द उनके बेटे व अभिनेता बॉबी देओल की आँखों में साफ झलक रहा है। हाल ही में बॉबी देओल अपने पिता को याद करते हुए बेहद भावुक हो गए, उन्होंने बताया कि उनके पिता एक ऐसे इंसान थे जिन्हें पूरी दुनिया बेहद प्यार करती थी।
दरअसल अभिनेता बॉबी देओल चैट शो ‘शेखर टुनाइट’ में होस्ट शेखर सुमन के साथ बातचीत के दौरान अपने जीवन में आए इस गहरे खालीपन के बारे में बात कर रहे थे। पिता धर्मेंद्र के चले जाने से जो रिक्तता आई है, उसे व्यक्त करते हुए उनकी आँखें नम हो उठीं। यह पल दर्शकों के लिए भी हृदय विदारक था, जब एक बेटा अपने महान पिता की स्मृतियों में खोया हुआ था।
शेखर सुमन भी हुए भावुक
वहीं बातचीत के दौरान शेखर सुमन ने भी भावुक होते हुए कहा कि एक बहुत बड़ा पेड़ होता है जिसके नीचे पूरा परिवार बंधा होता है। जब वह चला जाता है तो बहुत खाली-खाली सा लगता है। इस पर बॉबी देओल ने अपने जीवन की एक और गहरी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि सालों पहले कम उम्र में उन्होंने भी अपने बेटे को खोया था, जिसका जख्म आज भी हरा है और कभी भरा नहीं जा सकता। यह दर्शाता है कि जीवन में अपनों को खोने का दर्द कितना गहरा और स्थायी होता है।
जानिए बॉबी देओल ने क्या कहा?
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वहीं बॉबी ने बताया कि उनके लिए उनके पापा बेहद खास थे। वे ऐसे इंसान थे जिन्हें पूरी दुनिया बहुत प्यार करती थी। हमें यह एहसास हमेशा से था कि उनकी शख्सियत कितनी बड़ी और प्रभावशाली है। अब जब वे चले गए हैं तो यह दर्द सिर्फ हमारे परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए है। आज भी मैं जहां कहीं जाता हूं, लोग उन्हें याद करके भावुक हो जाते हैं। पापा बहुत स्पेशल थे, उनके जैसा कोई नहीं हो सकता। यह उनके व्यक्तित्व की विशालता का प्रमाण है कि उनका प्रभाव केवल परिवार तक सीमित नहीं था, बल्कि जनमानस के हृदय में भी वे एक विशेष स्थान रखते थे।
वहीं शेखर सुमन ने धर्मेंद्र की सादगी और उनके सहज स्वभाव की तारीफ करते हुए कहा कि वे अपने परिवार के अलावा फार्महाउस पर मिलने वाले हर व्यक्ति, चाहे वह माली हो या घरेलू मददगार, सभी से प्यार से बात करते थे। वे बैंगन, मेथी और पराठों जैसी छोटी-छोटी बातों में भी खुशी महसूस करते थे। यह उनकी विनम्रता और जीवन के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो उन्हें वास्तव में एक ‘ही-मैन’ के साथ-साथ एक ‘डाउन-टू-अर्थ’ इंसान बनाता था।
पिता के जाने के बाद जीवन बहुत बदल गया: बॉबी देओल
बॉबी देओल ने इस दौरान यह भी कहा कि पिता के जाने के बाद जीवन बहुत बदल गया है। हालांकि परिवार अब भी एक-दूसरे का साथ दे रहा है और एक-दूसरे का सहारा बन रहा है, लेकिन पापा वाली जगह कभी पूरी नहीं हो सकती। उनके बिना घर में एक ऐसा खालीपन है जिसे कोई नहीं भर सकता। यह एक ऐसे स्तंभ के गिरने जैसा है जो पूरे परिवार को थामे हुए था।
धर्मेंद्र भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और प्रतिष्ठित अभिनेताओं में से एक थे। उन्होंने छह दशकों से ज्यादा का शानदार करियर बनाया और अनगिनत फिल्मों में अपनी अदाकारी का जादू बिखेरा। नवंबर 2025 में 89 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी यादें और उनका काम हमेशा भारतीय सिनेमा प्रेमियों के दिलों में जिंदा रहेगा। उनका जीवन और उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
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