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Breaking News: अस्थि विसर्जन में भी नहीं पहुंची तीनों बेटियां, घर पर करेंगी Father की तेरहवीं

वृद्धाश्रम में कपड़ा व्यापारी शिवचरण राम रतन गुप्ता की मौत के बाद से उनकी तीनों बेटियां चर्चा में है. पहले अंतिम संस्कार में तीनों शामिल नहीं हुईं अब अस्थि विसर्जन में आने से भी मना कर दिया. वृद्धाश्रम प्रबंधन ने बड़ी बेटी से दोबारा बात की तो उसने कहा- अस्थियों का अच्छे से विसर्जन कर देना, आप मेरे पिता के छोटे भाई समझकर पूरी रस्में निभा देना. हम शर्मिंदा हैं, लेकिन हमारी कुछ मजबूरी रही होगी. #Sonipat #OldAgeHome #ShivcharanGupta #breakingnews #aajtakdigital आजतक के साथ देखिये देश-विदेश की सभी महत्वपूर्ण और बड़ी खबरें | Watch the latest Hindi news Live on the World's Most Subscribed News Channel on YouTube. #LatestNews #Aajtak #HindiNews Aaj Tak News Channel: आज तक भारत का सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्‍यूज चैनल है । आज तक न्‍यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। आज तक न्‍यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए बने रहें । #hindinews #newsinhindi #hindisamachar #breakingnews #aajtak #samachar #news अधिक समाचारों के लिए यहां क्लिक करें: https://www.youtube.com/@aajtak?sub_confirmation=1 About Channel: Aaj Tak is India's Best Hindi News Channel. Aaj Tak News Channel Covers The Latest News, Breaking News, Politics, Entertainment News, Business News and Sports News. Stay tuned for all the News in Hindi. Join Aaj Tak Whatsapp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Va7Rxc32ER6hBAuIL222 Watch Our Prime Shows on Aaj Tak: Vardaat — Real-life crime stories that shook the nation https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa_WLJqwFuJlwfhAepqcOd3I&si=tJXqsrKVHOvxy4BJ Black & White with Anjana Om Kashyap - Big debates, sharp opinions, and political analysis https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa_aLomcIgk-c_dRhuYOBphp&si=1wAaQfSUIfZ0OrIy Halla Bol — The nation’s most powerful debate on today’s top issues https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa-ZT2YKfqzI-ayeZV0n8qAh&si=nnRN8_9u02p8QlG_ DasTak 2025: https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa9q68r5rws67UxSUdhcHupG&si=QMiiUiKyXUP76DUk ताज़ा खबरों और LIVE अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Aaj Tak के साथ - https://youtube.com/live/Nq2wYlWFucg?feature=share https://youtube.com/live/gH6ftEJDLGo?feature=share Download Aaj Tak APP, India’s No.1 Hindi News App: https://play.google.com/store/apps/details?id=in.AajTak.headlines&hl=hi Subscribe to Aaj Tak YouTube Channel: https://www.youtube.com/c/aajtak Visit Aaj Tak website: https://www.aajtak.in/ Follow us on Facebook: https://www.facebook.com/aajtak Follow us on Twitter: https://twitter.com/aajtak Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/aajtak/ Subscribe our other Popular YouTube Channels: India Today: https://www.youtube.com/c/indiatoday SoSorry: https://www.youtube.com/c/sosorrypolitoons Good News Today: https://www.youtube.com/c/GoodNewsTodayOfficial AajTak AI: https://www.youtube.com/channel/UClZU5ouD9LkfgrelmL2auTg

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Explainer: जस्टिस यशवंत वर्मा पर महाभियोग की तैयारी, जानें क्या होता है Impeachment और कैसे हटाए जाते हैं जज

Explainer: राजधानी दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास में कथित तौर पर बड़ी मात्रा में कैश मिलने और उससे जुड़े साक्ष्यों के संरक्षण को लेकर गठित जांच समिति ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट जारी कर दी. जिसमें जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगाए गए तीनों आरोपों में दोषी माना है. इसके साथ ही समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट के साथ संबंधित दस्तावेज, साक्ष्य और पूरी कार्यवाही का रिकॉर्ड भी सक्षम अधिकारियों को सौंप दिए.

जांच समिति को नहीं मिला संतोषजनक स्पष्टीकरण

जांच समिति ने कहा है कि दिल्ली स्थित आधिकारिक आवासीय परिसर में बड़ी मात्रा में भारतीय करेंसी नोटों की मौजूदगी और उसके स्रोत या मालिकाना हक को लेकर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया. इसके साथ ही जांच समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस और फायर अधिकारियों की ओर से नकदी को जब्त और सुरक्षित नहीं करने को भी 'गंभीर चूक' हुई है. जांच समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने के लिए महाभियोग की तैयारी भी शुरू हो गई है. जिसके लिए संसद के शीतकालीन सत्र में महाभियोग लाया जा सकता है.

जस्टिस वर्मा पर लगे तीनों आरोप पाए गए सही

सरकारी सूत्रों की मानें तो जस्टिस यशवंत वर्मा को पद से हटाने के लिए संसद के शीतकालीन सत्र में महाभियोग प्रस्ताव लाए जाने की तैयारी शुरू हो गई है. इस मामले में बनाई गई तीन सदस्यीय जांच समिति में जस्टिस यशवंत वर्मा पर लगे तीनों आरोपों को सही पाया है.

जांच समिति ने की आगे की कार्रवाई की सिफारिश

रिपोर्ट आने के बाद जांच समिति ने आगे कार्रवाई की सिफारिश भी की है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ द्वारा 1978 में दिए गए फैसले के मुताबिक, किसी जज का इस्तीफा देना ही उसका पद से हटना है, जिसके स्वीकार करने की आवश्यकता नहीं है.

इसी साल अप्रैल में राष्ट्रपति को भेजा था जस्टिस वर्मा ने इस्तीफा

बता दें कि कैश कांड के बाद जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस साल अप्रैल में राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेज दिया था. बावजूद इसके जस्टिस वर्मा का नाम  इलाहाबाद हाई कोर्ट की सूची में दर्ज है. ऐसे में इस बात पर बहस शुरू हो गई है कि जांच समिति की रिपोर्ट में उन्हें दोषी पाए जाने के बाद अब क्या उन्हें पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है? क्योंकि ये अपनी तरह का ऐसा पहला मामला है जब जज के इस्तीफा देने के बावजूद उनके खिलाफ जांच हुई और उनका नाम हाई कोर्ट के जजों की लिस्ट में भी मौजूद है.

इस्तीफे के बावजूद महाभियोग की तैयारी!

सूत्रों की मानें तो आम लोगों के बीच इस बात की चर्चा होने लगी है कि आखिर जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास पर इतनी बड़ी संख्या में कैश कहां से आया. ऐसे में महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जस्टिस वर्मा को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा.

  • ये भी अपनी तरह का पहला मामला है जब इस्तीफा देने के बाद भी जज को उनके पर रखा गया है. साथ ही उनके खिलाफ जांच भी हुई है. इसके बाद अब उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव भी लाया जाएगा.
  • सूत्रों की मानें तो जब पिछले साल मार्च में उनके घर से कैश मिला था, तब भी उन्हें इस्तीफा देने को कहा गया था, लेकिन तब उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था.

जानें क्या होता है महाभियोग या इंपीचमेंट मोशन?

दरअसल, हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को उनके पद से हटाने के लिए महाभियोग की प्रक्रिया अपनाई जाती है. महाभियोग के जरिए ही हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जा सकता है. महाभियोग यानी 'इम्‍पीचमेंट' शब्द लैटिन भाषा से लिया गया है. जिसका अर्थ पकड़ा जाना है.

  • इस शब्द की उत्‍पति भले ही लैटिन भाषा से हुई है लेकिन इस वैधानिक प्रक्रिया की शुरूआत ब्रिटेन से मानी जाती है. जहां 14वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में महाभियोग का प्रावधान शुरू किया गया था.
  • संविधान के अनुच्छेद 124(4)127 में सुप्रीम कोर्ट या किसी हाई कोर्ट के जज को हटाए जाने का प्रावधान है. जिसमें महाभियोग का जिक्र किया गया है और उसे महाभियोग के जरिए हटाए जाने की प्रक्रिया का निर्धारण जज इन्क्वायरी एक्ट 1968 द्वारा किया जाता है.

ये महाभियोग चलाने की पूरी प्रक्रिया

सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के किसी जज को हटाने के लिए महाभियोग लाया जाता है. जिसकी शुरुआत संसद से होती है. ये शुरुआत लोकसभा के 100 सदस्यों या राज्यसभा के 50 सदस्यों के सहमति वाले प्रस्ताव से की जाती है. ये सदस्य संबंधित सदन के पीठासीन अधिकारी को जज के खिलाफ महाभियोग चलाने की अपनी मांग का नोटिस दे सकते हैं.

  • इसके बाद प्रस्ताव पारित होने पर संबंधित सदन के पीठासीन अधिकारी द्वारा तीन जजों की एक समिति का गठन किया जाता है. इस समिति में सुप्रीम कोर्ट के एक मौजूदा न्यायाधीश, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश या न्यायाधीश और एक कानूनविद को शामिल किया जाता है.
  • उसके बाद तीन जजों की समिति संबंधित जज पर लगे आरोपों की जांच करती है.
  • जब समिति अपनी जांच पूरी कर लेती है तो उस रिपोर्ट को पीठासीन अधिकारी को सौंपा जाता है. आरोपी जज यानी जिनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया गया है, उन्हें भी अपने बचाव का मौका दिया जाता है.
  • पीठासीन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई जांच रिपोर्ट में अगर आरोपी जज पर लगाए गए दोष सिद्ध हो जाते हैं तो पीठासीन अधिकारी मामले में बहस के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए सदन में वोट कराते हैं.

महाभियोग के लिए दो तिहाई बहुमत जरूरी

बता दें कि किसी जज को तभी महाभियोग द्वारा हटाया जा सकता है जब संसद के दोनों सदनों में दो तिहाई मतों यानी उपस्थिति और वोटिंग से यह प्रस्ताव पारित हो जाए.

जानें क्या है पूरा मामला?

बता दें कि लुटियंस दिल्ली इलाके में स्थित जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर 14 मार्च 2025 को स्टोर रूम में आग लग गई. इस घटना के बाद फायर ब्रिगेड कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर सरकारी आवास के स्टोर रूम में करोड़ों रुपये की नकदी मिली थी.

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  • इसके बाद 21 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने अपनी रिपोर्ट को सार्वजनिक किया. इस रिपोर्ट में आरोपों की गहन जांच की बात कही गई थी.
  • उसके बाद इस मामले की जांच के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश ने 3 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया. जिसके आज यानी बुधवार (12 अगस्त) को अपनी रिपोर्ट पीठासीन अधिकारी को सौंप दी.

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