खजराना गणेश मंदिर की 17 दान पेटियों से निकले 72 लाख रुपये, 23 पेटियों की गिनती बाकी
इंदौर के विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की राशि को सहेजने और उसकी गिनती करने का काम तीसरे दिन भी पूरी पारदर्शिता के साथ जारी रहा। मंदिर परिसर के भीतर कड़ी सुरक्षा और आधुनिक तकनीकी निगरानी के बीच दान पेटियों को खोलने और उनमें से निकले रुपयों को गिनने का काम लगातार किया जा रहा है। पिछले तीन दिनों से चल रही इस काउंटिंग प्रक्रिया के तहत अब तक कुल 17 दान पेटियों को खोला जा चुका है, जिनमें से 72 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इस राशि को पूरी सुरक्षा के साथ बैंक में जमा करा दिया गया है। बुधवार को भी सुबह से ही मंदिर प्रबंधन की मौजूदगी में अन्य दान पेटियों से निकले नोटों की गिनती का काम लगातार चलता रहा। आज दिनभर में कितनी राशि की गिनती की गई है, इसका सटीक और अंतिम आंकड़ा शाम को पूरी काउंटिंग खत्म होने के बाद ही सामने आएगा।
खजराना गणेश मंदिर देश और दुनिया के लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है। इस मंदिर में रोजाना हजारों की संख्या में स्थानीय और देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु भगवान श्री गणेश के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। यहां आने वाले भक्त अपनी मन्नत पूरी होने पर या अपनी श्रद्धा के अनुसार दान पेटियों में दान करते हैं। यही वजह है कि मंदिर की दान पेटियां बहुत कम समय में पूरी तरह भर जाती हैं।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट ने इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कुछ दिनों से मंदिर परिसर में रखी दान पेटियों में जमा राशि की गिनती का काम व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। मंगलवार शाम तक कुल 17 दान पेटियां खोली जा चुकी थीं, जिनसे 72 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई और उसे तुरंत सरकारी खाते में जमा करा दिया गया। उन्होंने बताया कि खजराना गणेश मंदिर परिसर में कुल 40 दान पेटियां हैं। अभी केवल 17 पेटियों की गिनती पूरी हुई है, जबकि बची हुई 23 दान पेटियों को खोलना और उनमें रखी राशि की गिनती करना अभी बाकी है।
आने वाले दिनों तक जारी रहेगी काउंटिंग
पंडित अशोक भट्ट के अनुसार, मंदिर परिसर में लगी सभी दान पेटियों की काउंटिंग का काम अभी जारी रहेगा। बुधवार को भी सुबह से ही पेटियां खोलकर नोटों को अलग करने और उनकी गड्डियां बनाने का काम किया गया। बुधवार की काउंटिंग का अंतिम आंकड़ा शाम तक सामने आएगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि दान पेटियों की संख्या अधिक होने और राशि बड़ी होने के कारण काउंटिंग की यह प्रक्रिया आने वाले कुछ और दिनों तक चलने की संभावना है।
CCTV और वीडियोग्राफी से रखी जा रही नजर
इस पूरी गणना प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए मंदिर प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। जहां नोटों की गिनती की जा रही है, वहां विशेष रूप से चार CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। इसके साथ ही सुरक्षा और पारदर्शिता को और मजबूत करने के लिए एक वीडियोग्राफर भी तैनात किया गया है। यह वीडियोग्राफर लगातार घूम-घूमकर पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग करता है। मंदिर परिसर के अलग-अलग हिस्सों से जब दान पेटियों को उठाकर गणना स्थल तक लाया जाता है, तब भी वीडियोग्राफर पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग करता है, ताकि किसी भी स्तर पर कोई गड़बड़ी न हो सके।
मार्च में भी निकले थे 1.35 करोड़ रुपये
उल्लेखनीय है कि इससे पहले मार्च के महीने में भी मंदिर की दान पेटियों को खोला गया था। पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि उस समय दान पेटियों से कुल 1 करोड़ 35 लाख रुपये की राशि निकली थी, जिसे नियमानुसार बैंक में जमा कराया गया था। यह दान राशि पिछले चार महीने की अवधि के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई थी। इस बार भी दान पेटियों से बड़ी राशि निकलने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी।
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