उत्तराखंड बना पूर्ण साक्षर राज्य, CM धामी की मेहनत को केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सराहा
उत्तराखंड ने साक्षरता के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. राज्य को ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया है. यह उपलब्धि 8 जुलाई 2026 को हासिल हुई. इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तराखंड की जनता को बधाई दी है.
मुख्यमंत्री धामी को भेजा बधाई पत्र
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का पूर्ण साक्षर राज्य बनना मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व, सरकार की प्रतिबद्धता और प्रदेशवासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण हैं. इसके बावजूद राज्य ने पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को हासिल कर देश के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है. यह उपलब्धि बताती है कि सरकार और जनता मिलकर काम करें तो कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने उत्तराखण्ड कोे ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ घोषित किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी तथा प्रदेशवासियों शुभकामनाएं दी हैं। ज्ञातव्य है कि उत्तराखण्ड को यह उपलब्धि 08 जुलाई 2026 को प्राप्त…
— CM Office Uttarakhand (@ukcmo) August 12, 2026
उल्लास कार्यक्रम से वयस्कों को मिला लाभ
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि समग्र शिक्षा के जरिए बच्चों की शुरुआती शिक्षा से लेकर बालवाटिका, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा और कक्षा 12 तक स्कूली शिक्षा को मजबूत किया जा रहा है. इसका उद्देश्य सभी बच्चों को शिक्षा की बेहतर पहुंच, समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है. वहीं, ‘उल्लास’ कार्यक्रम उन वयस्कों के लिए महत्वपूर्ण है, जो किसी कारण से औपचारिक शिक्षा हासिल नहीं कर सके. इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें पढ़ने-लिखने के साथ-साथ जीवन कौशल और डिजिटल शिक्षा भी दी जाती है. इससे वयस्क शिक्षार्थियों को आत्मनिर्भर बनने और समाज में बेहतर तरीके से भागीदारी करने में मदद मिलती है.
दूसरे राज्यों के लिए बनेगा प्रेरणा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई कि उत्तराखंड की यह सफलता देश के दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी प्रेरित करेगी. उन्होंने कहा कि दूसरे राज्य भी समावेशी और समान साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करने के प्रयासों को तेज करेंगे. उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सतत शिक्षा, जीवन कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण के जरिए नव-साक्षरों को आगे बढ़ाने में उत्तराखंड की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. इससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को भी मजबूती मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का आभार जताया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का पूर्ण साक्षर राज्य बनना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है. यह सफलता केवल सरकार की नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और आम लोगों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल लोगों को साक्षर बनाना नहीं है. सरकार चाहती है कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और जीवनभर सीखने के अवसर मिलें. उत्तराखंड आगे भी शिक्षा और साक्षरता के क्षेत्र में नए प्रयास जारी रखेगा.
यह भी पढ़ें- सीएम धामी ने विकास परियोजनाओं के लिए दी करोड़ों की वित्तीय मंजूरी, पूरे होंगे सड़क निर्माण से जुड़े कार्य
'बीवी से अदरक-लहसुन की बदबू आएगी तो कौन खुश होगा...', पाकिस्तानी एक्टर ने औरतों को लेकर कही भद्दी बात, लोगों ने उठाए सवाल
Shahood Alvi: पाकिस्तानी एक्टर और डायरेक्टर शाहूद अल्वी (Shahood Alvi) इस समय अपने एक विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं. एक्टर कई टीवी ड्रामा में काम कर चुके हैं और लंबे समय से शोबिज इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं. हाल ही में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया. जिसमें वह पति-पत्नी के रिलेशन और अट्रैक्शन को लेकर अपनी बात रखते हुए दिखाई दिए. वायरल क्लिप में शाहूद अल्वी कहते हैं कि अगर पत्नी के पास से अदरक और लहसुन की बदबू आ रही हो तो पति उसके पास कैसे जाएगा और कौन खुश होगा? इसके बाद वह ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं का एग्जांपल देते हैं और कहते हैं कि वहां लड़कियां परफ्यूम लगाकर काम करती हैं. वहीं घर पहुंचने पर पति का उससे बात करने का भी मन नहीं करेगा. यही उनकी बात सोशल मीडिया यूजर्स को खटक रही है. लोगों का कहना है कि घर की महिलाओं के बारे में इस तरह बयान देना गलत है.
'गुड मॉर्निंग पाकिस्तान' में पति-पत्नी को लेकर हुई बात
दरअसल, ये विवाद पाकिस्तानी टॉक शो 'गुड मॉर्निंग पाकिस्तान' से जुड़ा है, जिसे निदा यासिर होस्ट करती हैं. शाहूद अल्वी पहले भी इस शो में अपनी पत्नी साइमा शाहूद के साथ आ चुके हैं. 2023 में दोनों ने शो में अपनी लव स्टोरी भी शेयर की थी. वहीं, शो के एक सेगमेंट में पति-पत्नी के बीच शिकायतों और एक-दूसरे को लेकर पसंद-नापसंद पर चर्चा हो रही थी. ऐसे में शाहूद ने अपनी बात रखते हुए औरतों की ग्रूमिंग और घर के काम से उन्हें तोड़ते हुए ये विवादित बात कही. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
महिलाओं का सम्मान किया जाना चाहिए
शाहूद अल्वी के बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स भारी नाराजगी जता रहे हैं. उनका मानना है कि घर की औरतों को अदरक-लहसुन की महक से जोड़ना ठीक नहीं है. लोगों ने सवाल किया कि घर में खाना बनाने वाली महिला जिस काम से पूरे परिवार का पेट भरती है, उसके लिए ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं से जोड़ना कितना सही है. कुछ यूजर्स ने तंज कसा की कि अगर पत्नी के हाथों से खाना बनाने की महक आती है तो वह फैमिली के लिए मेहनत कर रही है. वहीं, सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग का कहना है कि घर और ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं की इस तरह तुलना करना पुरानी सोच को बढ़ावा देता है.
विवाद बढ़ने के बाद एक्टर ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद शाहूद अल्वी ने अपनी सफाई दी. एक्टर का कहना है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और वह सोसाइटी के एक वर्ग की आम सोच के बारे में बात कर रहे थे, न कि अपनी राय रख रहे थे. उनके बयान को पूरे कार्यक्रम से अलग करके देखा जा रहा है और लोगों ने पूरा शो देखे बिना उन्हें जज करना शुरू कर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा महिलाओं का सपोर्ट करते आए हैं और उनकी पत्नी और बेटियों के प्रति उनका नजरिया लोगों के सामने है. आपको बता दें कि उनका यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह इससे पहले अपनी बेटियों की तारीफ करते हुए नजर आए. उन्होंने कहा था कि उनकी बेटियों ने कभी बेटे की कमी महसूस नहीं होने दी और उनकी बेटियां उनकी दुनिया हैं.
शाहूद अल्वी के बारे में जानिए
शाहूद अल्वी पाकिस्तान के सीनियर एक्टर में गिने जाते हैं. उन्होंने एक्टिंग के साथ-साथ डायरेक्शन भी किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1990 के दशक में की थी और वह लंबे समय से पाकिस्तानी टीवी इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं. उन्होंने 'मकान', 'मेरा साईं', 'डंक', 'नन्ही', 'घिसी-पिटी मोहब्बत' और 'मुझे प्यार हुआ था' जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है. उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में बात करें तो उनकी पत्नी का नाम साइमा शाहूद है और उनकी तीन बेटियां हैं.
ये भी पढ़ें: 'अब तो अपने नाम से खन्ना हटा ले', आकांक्षा चमोला का लाल टॉप में सिजलिंग डांस देख भड़के यूजर्स
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation





